राजगढ़ सांसद के ‘ब्लड कैंसर’ बयान पर सियासत:कांग्रेस बोली- संसद में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव क्यों नहीं लाए, प्रियव्रत बोले- डबल इंजन सरकार जवाब दे

राजगढ़ सांसद के ‘ब्लड कैंसर’ बयान पर सियासत:कांग्रेस बोली- संसद में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव क्यों नहीं लाए, प्रियव्रत बोले- डबल इंजन सरकार जवाब दे

राजगढ़ में भाजपा सांसद रोडमल नागर के ‘4 साल में 27 बच्चों को ब्लड कैंसर’ वाले बयान पर सियासत गरमा गई है। मंगलवार रात दिए गए इस भावुक बयान को लेकर पूर्व ऊर्जा मंत्री और कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रियव्रत सिंह ने डबल इंजन सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सवाल उठाया है कि जब मिलावट का मामला इतना गंभीर है, तो सांसद ने संसद में राजगढ़ के लिए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव क्यों नहीं रखा। कांग्रेस नेता प्रियव्रत सिंह ने कहा कि अगर सांसद खुद स्वीकार कर रहे हैं कि मिलावट के कारण एक छोटे से क्षेत्र में 27 बच्चों को ब्लड कैंसर हुआ है, तो यह बेहद गंभीर जनस्वास्थ्य का मामला है। यह केवल मंच से भाषण देने का विषय नहीं है। सांसद को सबसे पहले संसद में राजगढ़ जिले के लिए ‘कॉल अटेंशन’ (ध्यानाकर्षण प्रस्ताव) लगाना चाहिए था, ताकि पूरे देश के सामने यह मुद्दा उठता और सरकार जवाब देती। डबल इंजन सरकार पर उठाए तीखे सवाल
प्रियव्रत सिंह ने आरोप लगाया कि प्रदेश और केंद्र में भाजपा की ‘डबल इंजन’ सरकार होने के बावजूद मिलावट का कारोबार खुलेआम चल रहा है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर मिलावट रोकने की जवाबदेही किसकी है? क्या सरकार की ढिलाई और भ्रष्टाचार के कारण मिलावटखोरों के हौसले इतने बढ़ गए हैं कि वे बिना किसी डर के लोगों की जान के साथ खेल रहे हैं। ‘शुद्ध के लिए युद्ध’ अभियान की दिलाई याद
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कमलनाथ सरकार के समय चलाए गए ‘शुद्ध के लिए युद्ध’ अभियान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस दौरान राजगढ़ जिले में सबसे पहले कार्रवाई हुई थी और सरकारी डेयरी में मिलावटी दूध पकड़ा गया था। जिले में आज भी लंबे समय से नकली दूध, मावा और पनीर का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है, जिससे लोगों की सेहत पर सीधा असर पड़ रहा है। शादियों में इस्तेमाल मावा-पनीर पर उठाए सवाल
प्रियव्रत सिंह ने शादी-विवाह के आयोजनों में इस्तेमाल हो रहे मावे और पनीर की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि बाजार में जितनी बड़ी मात्रा में इनकी खपत हो रही है, उतना वास्तविक उत्पादन तो संभव ही नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और प्रशासन ने इस मामले में आंखें बंद कर रखी हैं, क्योंकि मिलावटखोरों की पहुंच सत्ता के शीर्ष तक हो चुकी है। क्या था सांसद रोडमल नागर का बयान?
दरअसल, मंगलवार रात मोहनपुरा डैम के पंप हाउस पर आयोजित एक कार्यक्रम में सांसद रोडमल नागर ने मिलावट पर चिंता जताई थी। उन्होंने मंच से कहा था, “जहां मैं रहता हूं, वहां 4 साल में 27 बच्चों को ब्लड कैंसर हो चुका है।” सांसद ने इसका मुख्य कारण मिलावटी खाद्य पदार्थ, बदलते खानपान और खेती में रसायनों के बढ़ते उपयोग को बताया था। ‘जवान बच्चों को आ रहे हार्ट अटैक, सूचना दें ग्रामीण’
सांसद ने ग्रामीणों से भावुक अपील करते हुए कहा था कि आज हालात ऐसे हो गए हैं कि जवान बच्चों को हार्ट अटैक आ रहे हैं और किडनियां खराब हो रही हैं। उन्होंने गांव-गांव में नकली दूध बनने का दावा करते हुए लोगों से अपील की थी कि वे इसकी सूचना प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को दें। इसके साथ ही खेती में यूरिया के अत्यधिक उपयोग पर चिंता जताते हुए कहा था कि इससे आने वाली पीढ़ी और जमीन दोनों बर्बाद हो जाएंगे।

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