जिला कांग्रेस कमेटी संगरूर के नेतृत्व में बुधवार को कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में एकत्रित हुए कांग्रेसियों ने सरकार विरोधी नारेबाजी की और मुख्यमंत्री से तत्काल इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि 1 मई को पंजाब विधानसभा में जो घटनाक्रम हुआ और मुख्यमंत्री का जो व्यवहार रहा, वह बेहद निंदनीय है और इससे राज्य की गरिमा को ठेस पहुंची है। राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन, नशे की हालत में होने का लगाया आरोप प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने डिप्टी कमिश्नर संगरूर के माध्यम से पंजाब के राज्यपाल को एक आधिकारिक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा गया है कि सोशल मीडिया पर वायरल हुई कुछ वीडियो में मुख्यमंत्री कथित तौर पर नशे की हालत में दिखाई दे रहे हैं। कांग्रेस ने इन वीडियो और विधानसभा में हुए व्यवहार को आधार बनाकर मुख्यमंत्री की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं और मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। निष्पक्ष जांच की मांग, संघर्ष तेज करने की चेतावनी जिला कांग्रेस कमेटी के प्रधान जगदेव गागा ने प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के आचरण की निष्पक्ष जांच करवाई जानी चाहिए ताकि सच जनता के सामने आ सके। उन्होंने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को दबने नहीं देगी और जनता के सम्मान व न्याय के लिए अपने संघर्ष को आने वाले दिनों में और अधिक तेज करेगी। गागा ने आरोप लगाया कि सत्ता के नशे में संवैधानिक मर्यादाओं को ताक पर रखा जा रहा है। बड़ी संख्या में दिग्गज नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद इस विरोध प्रदर्शन में जिला उपाध्यक्ष बिंदर बंसल, सतनाम सत्ता, रॉकी बंसल और विभिन्न ब्लॉकों के अध्यक्षों सहित जिले के प्रमुख नेता शामिल हुए। इनमें हल्का दिड़बा, धूरी, सुनाम और लहरा के ब्लॉक प्रधानों के साथ-साथ बड़ी संख्या में सरपंच और पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे। मुख्य प्रवक्ता जसवीर कौर और अन्य वक्ताओं ने भी मुख्यमंत्री के खिलाफ तीखे हमले किए और सरकार को हर मोर्चे पर विफल बताया।


