गोपालगंज में बिहार कौशल विकास मिशन द्वारा एक दिवसीय जिला स्तरीय जागरूकता -सह-उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिला परिषद् सभागार में पीएम इंटर्नशिप योजना, मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना और राष्ट्रीय शिक्षुता प्रोत्साहन योजना पर केंद्रित था। नियोजन एवं प्रशिक्षण निदेशक सुनील कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जिले के शिक्षित एवं बेरोजगार युवाओं को सरकारी कौशल प्रशिक्षण योजनाओं और स्वरोजगार के अवसरों से अवगत कराना था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लिया जिला प्रशासन के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लिया। विभाग के विशेषज्ञों ने युवाओं को वर्तमान बाजार की मांग और उसके अनुसार आवश्यक तकनीकी कौशल के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्हें भाषा, संवाद कौशल और बुनियादी कंप्यूटर ज्ञान के महत्व को भी समझाया गया। स्वरोजगार के इच्छुक युवाओं को सरकार द्वारा दी जाने वाली वित्तीय सहायता और सब्सिडी के बारे में बताया गया। विशेषज्ञों ने व्यक्तिगत परामर्श के माध्यम से युवाओं की करियर संबंधी शंकाओं का समाधान किया। तकनीकी दक्षता और सॉफ्ट स्किल्स अनिवार्य कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि केवल डिग्री प्राप्त करना ही रोजगार की गारंटी नहीं है; आज के प्रतिस्पर्धी युग में तकनीकी दक्षता और सॉफ्ट स्किल्स अनिवार्य हैं। कार्यक्रम का एक बड़ा हिस्सा राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, जैसे ‘मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना’ और ‘स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड’ के बारे में जागरूकता फैलाने पर केंद्रित था। पीएम इंटर्नशिप योजना 2026 के तहत 21-24 वर्ष के युवाओं को भारत की शीर्ष 500 कंपनियों में 9-12 माह की इंटर्नशिप का अवसर प्रदान किया जाएगा, जिसमें 9000 रुपये तक का स्टाइपेंड भी शामिल है। इस योजना के अंतर्गत पांच वर्षों की अवधि में कुल 1 करोड़ युवाओं को इंटर्नशिप के अवसर उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिससे देश में एक कुशल युवा कार्यबल का निर्माण हो सके। गोपालगंज में बिहार कौशल विकास मिशन द्वारा एक दिवसीय जिला स्तरीय जागरूकता -सह-उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिला परिषद् सभागार में पीएम इंटर्नशिप योजना, मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना और राष्ट्रीय शिक्षुता प्रोत्साहन योजना पर केंद्रित था। नियोजन एवं प्रशिक्षण निदेशक सुनील कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जिले के शिक्षित एवं बेरोजगार युवाओं को सरकारी कौशल प्रशिक्षण योजनाओं और स्वरोजगार के अवसरों से अवगत कराना था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लिया जिला प्रशासन के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लिया। विभाग के विशेषज्ञों ने युवाओं को वर्तमान बाजार की मांग और उसके अनुसार आवश्यक तकनीकी कौशल के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्हें भाषा, संवाद कौशल और बुनियादी कंप्यूटर ज्ञान के महत्व को भी समझाया गया। स्वरोजगार के इच्छुक युवाओं को सरकार द्वारा दी जाने वाली वित्तीय सहायता और सब्सिडी के बारे में बताया गया। विशेषज्ञों ने व्यक्तिगत परामर्श के माध्यम से युवाओं की करियर संबंधी शंकाओं का समाधान किया। तकनीकी दक्षता और सॉफ्ट स्किल्स अनिवार्य कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि केवल डिग्री प्राप्त करना ही रोजगार की गारंटी नहीं है; आज के प्रतिस्पर्धी युग में तकनीकी दक्षता और सॉफ्ट स्किल्स अनिवार्य हैं। कार्यक्रम का एक बड़ा हिस्सा राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, जैसे ‘मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना’ और ‘स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड’ के बारे में जागरूकता फैलाने पर केंद्रित था। पीएम इंटर्नशिप योजना 2026 के तहत 21-24 वर्ष के युवाओं को भारत की शीर्ष 500 कंपनियों में 9-12 माह की इंटर्नशिप का अवसर प्रदान किया जाएगा, जिसमें 9000 रुपये तक का स्टाइपेंड भी शामिल है। इस योजना के अंतर्गत पांच वर्षों की अवधि में कुल 1 करोड़ युवाओं को इंटर्नशिप के अवसर उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिससे देश में एक कुशल युवा कार्यबल का निर्माण हो सके।


