थलापति विजय के बेटे ने उन्हें किया अनफॉलो? तमिलनाडु चुनाव में बंपर जीत के बाद सोशल मीडिया पर अटकलें तेज़

थलापति विजय के बेटे ने उन्हें किया अनफॉलो? तमिलनाडु चुनाव में बंपर जीत के बाद सोशल मीडिया पर अटकलें तेज़

फ़िल्मी दुनिया से राजनीति में एंट्री लेने वाले एक्टर थलापति विजय (Thalapathy Vijay) ने पहले ही चुनाव में कमाल कर दिखाया। तमिलनाडु विद्यानसभा चुनाव (Tamilnadu Assembly Election) में विजय की पार्टी टीवीके – तमिलगा वेट्री कड़गम (TVK – Tamilaga Vettri Kazhagam) ने 108 सीटों पर जीत हासिल की। खुद विजय ने दो सीटों पेरम्बूर और तिरुचिरापल्ली (पूर्व) पर जीत हासिल की। हालांकि टीवीके को पूर्ण बहुमत नहीं मिला, लेकिन कांग्रेस (Congress) समेत कुछ क्षेत्रीय दलों से उन्हें समर्थन मिलना तय माना जा रहा है। इसी बीच सोशल मीडिया पर उनके और उनके बेटे से जुडी अटकलें तेज़ हो गई हैं।

बेटे ने किया अनफॉलो?

सोशल मीडिया पर अटकलें लगाई जा रही हैं कि विजय के बेटे जेसन संजय (Jason Sanjay) ने उन्हें इंस्टाग्राम पर अनफॉलो कर दिया है। इंस्टाग्राम पर संजय सिर्फ 38 लोगों को फॉलो करते हैं और उनमें विजय नहीं हैं। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई है कि संजय पहले अपने पिता विजय को फॉलो करते थे या नहीं और या उन्होंने अपनी माँ संगीता सोरनालिंगम (Sangeetha Sornalingam) के विजय से चल रहे तलाक के मामले के बाद उन्हें अनफॉलो किया। वहीँ विजय इंस्टाग्राम पर किसी को भी फॉलो नहीं करते। गौरतलब है कि संगीता ने 2025 में विजय से तलाक की याचिका दायर की थी और अब दोनों अलग-अलग रह रहे हैं। हालांकि अभी तक दोनों का तलाक आधिकारिक रूप से पूरा नहीं हुआ है और कोर्ट में मामला जारी है।

vijay and sanjay

आज राज्यपाल से मुलाकात करेंगे विजय

विजय आज तमिलनाडु के लोकभवन में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर (Rajendra Vishwanath Arlekar) से मुलाकात करेंगे और सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। टीवीके ने विजय को विधायक दल का नेता चुन लिया है। हालांकि टीवीके के पास बहुमत नहीं है और इसके लिए विजय को 10 और विधायकों के समर्थन की ज़रूरत पड़ेगी। कांग्रेस से समर्थन मिलने के बाद विजय अब पीएमके, लेफ्ट दलों, सीपीआई (एम), वीसीके जैसे दलों से गठबंधन के लिए संपर्क करेंगे। राज्यपाल अर्लेकर की तरफ से टीवीके को दो विकल्प दिए जा सकते है। पहले विकल्प के तौर पर राज्यपाल टीवीके चीफ विजय को विधानसभा में अपना बहुमत साबित करने का निर्देश दे सकते हैं। दूसरे विकल्प के तौर वह विजय को सहयोगी दलों से समर्थन पत्र एकत्र करके उन्हें सौंपने के लिए कह सकते हैं। बहुमत साबित करने के लिए विजय को दो हफ्ते का समय दिया जाएगा।

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