सियासत में जीत, निजी जिंदगी में तूफान! कभी लिखे प्रेम पत्र अब तलाक की नौबत पर थलापति विजय की शादीशुदा जिंदगी

सियासत में जीत, निजी जिंदगी में तूफान! कभी लिखे प्रेम पत्र अब तलाक की नौबत पर थलापति विजय की शादीशुदा जिंदगी

Thalapathy Vijay Sangeetha Lovestory: दक्षिण भारतीय सिनेमा से निकलकर राजनीति के शिखर तक पहुंचने वाले थलापति विजय आज जिस मुकाम पर खड़े हैं, वहां हर कोई उनकी सफलता की कहानी जानना चाहता है। लेकिन इस चमक-दमक के पीछे उनकी निजी जिंदगी का एक ऐसा अध्याय भी है, जो इन दिनों सुर्खियों में है। ये कहानी है उनके और उनकी पत्नी संगीता सोरनलिंगम की- जो कभी एक परफेक्ट लव स्टोरी मानी जाती थी, लेकिन अब सवालों और आरोपों के घेरे में है।

टूटने के कगार पर पहुंचा रिश्ता (Thalapathy Vijay Sangeetha Lovestory)

तमिलनाडु की राजनीति में विजय की जबरदस्त जीत के बीच, सोशल मीडिया पर उनकी और संगीता की पुरानी तस्वीरें फिर से वायरल हो रही हैं। कभी इन तस्वीरों को देखकर लोग ‘परफेक्ट कपल’ कहते थे, लेकिन आज वही तस्वीरें उनके रिश्ते के टूटने की कहानी बयां कर रही हैं।

जब एक फैन ने लिखा था सुपरस्टार को पहला खत

थलापति विजय की प्रेमकहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। 90 के दशक में जब विजय अपने करियर की शुरुआत कर रहे थे, उसी दौर में लंदन में रहने वाली एक लड़की उनकी दीवानी हो गई। वो लड़की थीं संगीता।

बताया जाता है कि साल 1996 में थलापति विजय की फिल्म ‘पूवे उनक्कागा’ देखने के बाद संगीता इतनी प्रभावित हुईं कि उन्होंने उन्हें खत लिखना शुरू कर दिया। ये सिलसिला यहीं नहीं रुका- उन्होंने विजय के शूटिंग शेड्यूल तक पता किए और आखिरकार चेन्नई पहुंचकर उनसे मिलने का फैसला किया।

फिल्म के सेट पर हुई मुलाकात (Thalapathy Vijay Sangeetha Lovestory)

फिल्म के सेट पर हुई ये मुलाकात धीरे-धीरे एक खास रिश्ते में बदल गई। एक फैन और स्टार के बीच शुरू हुआ यह कनेक्शन जल्द ही प्यार में बदल गया।

परिवार की रजामंदी से शुरू हुआ नया सफर

जब विजय ने संगीता को अपने परिवार से मिलवाया, तो उनके माता-पिता को भी यह रिश्ता पसंद आया। एस. ए. चंद्रशेखर और शोभा चंद्रशेखर ने इस रिश्ते को मंजूरी दे दी।

करीब तीन साल तक एक-दूसरे को समझने के बाद, 25 अगस्त 1999 को दोनों ने शादी कर ली। ये शादी भी खास थी- इसमें हिंदू और ईसाई दोनों परंपराओं का संगम देखने को मिला। उस दौर में यह जोड़ी इंडस्ट्री की सबसे चर्चित और पसंदीदा जोड़ियों में से एक बन गई थी।

दो बच्चों के साथ खुशहाल परिवार

शादी के बाद विजय और संगीता के जीवन में दो बच्चे आए- बेटा जेसन संजय और बेटी दिव्या साशा। जेसन संजय का जन्म 2000 में हुआ और उन्होंने बचपन में अपने पिता की फिल्म ‘वेट्टैकरन’ में छोटी भूमिका भी निभाई। अब वो निर्देशन के क्षेत्र में कदम रख रहे हैं और अपनी पहली फिल्म ‘सिग्मा’ के जरिए इंडस्ट्री में पहचान बनाने की तैयारी कर रहे हैं।

वहीं दिव्या साशा, जिनका जन्म 2005 में हुआ, बचपन में ‘थेरी’ में नजर आई थीं। फिलहाल वे पढ़ाई कर रही हैं और लाइमलाइट से दूरी बनाए रखना पसंद करती हैं।

धीरे-धीरे बढ़ती दूरियां और उठते सवाल

कई सालों तक संगीता ने खुद को लाइमलाइट से दूर रखा। वे बहुत कम ही फिल्मी इवेंट्स या पब्लिक अपीयरेंस में नजर आती थीं। लेकिन समय के साथ उनकी अनुपस्थिति लोगों को खटकने लगी।

फैंस ने नोटिस किया कि वो बड़े इवेंट्स- जैसे फिल्म लॉन्च, ट्रेलर रिलीज या पारिवारिक समारोह में भी नजर नहीं आ रही थीं। यहीं से उनके रिश्ते में दरार की खबरें सामने आने लगीं।

जब लगे गंभीर आरोप

मामला तब और गंभीर हो गया जब रिपोर्ट्स में यह सामने आया कि संगीता ने अपने तलाक के आवेदन में विजय पर एक्स्ट्रा मेरिटल अफेयर का आरोप लगाया है। खबरों की मानें तो तृषा कृष्णन के साथ थलापति विजय की नजदीकियां इस रिश्ते के टूटने के पीछे की सबसे बड़ी वजह मानी जाती है।

बताया जाता है कि 2021 के आसपास उन्हें इस बारे में जानकारी मिली थी और उन्होंने इसे लेकर आपत्ति जताई थी। हालांकि, इस पूरे मामले पर विजय या संगीता की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। फिर भी, इन आरोपों ने इस रिश्ते को सबसे मुश्किल दौर में ला खड़ा किया।

कोर्ट तक पहुंची बात- अब कानूनी प्रक्रिया जारी

संगीता ने दिसंबर 2025 में स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत तलाक की अर्जी दाखिल की। बाद में यह मामला चेंगलपट्टू फैमिली कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया।

फिलहाल ये केस फैमिली वेलफेयर कमेटी के पास है और दोनों को कोर्ट में पेश होने के लिए कहा गया है। आने वाले महीनों में इस मामले की सुनवाई जारी रहने वाली है। साथ ही, संगीता ने स्थायी एलिमनी और रहने के अधिकार की भी मांग की है।

राजनीति में उछाल, निजी जिंदगी में तूफान

ये पूरा घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब विजय की राजनीतिक यात्रा अपने चरम पर है। उनकी पार्टी ने चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए 108 सीटें जीत ली हैं और वे राज्य की सत्ता के करीब हैं।

एक तरफ जहां जनता उन्हें ‘नया नेता’ मानकर जश्न मना रही है, वहीं दूसरी तरफ उनकी निजी जिंदगी में चल रहा यह विवाद उनके लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।

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