पटना IGIMS में मरीजों के इलाज की गुणवत्ता बेहतर बनाने के लिए 4 नई अत्याधुनिक सुविधाएं जल्द शुरू होंगी। इनमें 20 बेड का क्रिटिकल केयर मेडिसिन (सीसीएम) आईसीयू, क्षेत्रीय चक्षु संस्थान में 9 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, डिजिटल एक्स-रे मशीन और पीपीपी मोड में थ्री-टेस्ला एमआरआई मशीन शामिल हैं। इन सुविधाओं के शुरू होने के बाद गंभीर मरीजों को विश्वस्तरीय इलाज मिल सकेगा। साथ ही, आंख के मरीजों को तेजी से सर्जरी और बेहतर जांच की सुविधा उपलब्ध होगी। संस्थान प्रशासन के अनुसार, अधिकांश तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और एमआरआई जांच की सेवा भी शुरू कर दी गई है। 20 बेड का अत्याधुनिक क्रिटिकल केयर मेडिसिन ICU रेडी अति गंभीर मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए IGIMS में 20 बेड का अत्याधुनिक क्रिटिकल केयर मेडिसिन आईसीयू तैयार किया गया है। यह आईसीयू गंभीर मरीजों के लिए जीवनरक्षक साबित होगा। इस आईसीयू में वेंटिलेटर, एडवांस मॉनिटरिंग सिस्टम और इमरजेंसी केयर की आधुनिक तकनीकों से लैस उपकरण लगाए गए हैं। यहां मरीजों का इलाज 24 घंटे विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में किया जाएगा। इससे हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक, ट्रामा और अन्य जटिल बीमारियों से जूझ रहे मरीजों की जान बचाने की संभावना कई गुना बढ़ जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस सुविधा के शुरू होने से गंभीर मरीजों की मृत्युदर में उल्लेखनीय कमी आएगी, साथ ही संक्रमण का खतरा भी बेहद कम रहेगा। अब दोगुनी रफ्तार से होंगे आंखों के ऑपरेशन आईजीआईएमएस के क्षेत्रीय चक्षु संस्थान में मरीजों को लंबे इंतजार से राहत मिलने वाली है। चौथी मंजिल पर बनाए गए 9 नए मॉडर्न ऑपरेशन थिएटर लगभग तैयार हैं। इनमें अत्याधुनिक उपकरण लगाए गए हैं, जिससे सर्जरी की गुणवत्ता और सफलता दर दोनों में सुधार होगा। फिलहाल संस्थान में प्रतिदिन 40 से 45 आंखों के ऑपरेशन किए जाते हैं, लेकिन नई सुविधा शुरू होने के बाद यह संख्या बढ़कर 75 से 80 प्रतिदिन हो जाएगी। इससे मरीजों को महीनों तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। करीब साढ़े 5 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इन ऑपरेशन थिएटरों के साथ विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने की प्रक्रिया भी जारी है। इससे भविष्य में और अधिक मरीजों को लाभ मिल सकेगा। डिजिटल एक्स-रे से इनवेसिव प्रक्रियाएं भी होंगी आसान रेडियोलॉजी विभाग में लगाई गई अत्याधुनिक डिजिटल एक्स-रे मशीन आईजीआईएमएस के लिए एक और बड़ी उपलब्धि है। यह मशीन सिर्फ सामान्य एक्स-रे तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए इमेज-गाइडेड इनवेसिव प्रक्रियाएं भी की जा सकेंगी। इस तकनीक के माध्यम से डॉक्टर रियल-टाइम इमेजिंग के जरिए शरीर के अंदर की गतिविधियों को देख सकते हैं। इससे एंजियोग्राफी, ब्लॉकेज खोलने के लिए स्टेंट डालना, ट्यूमर की बायोप्सी, शरीर में जमा पस या तरल पदार्थ निकालना, जोड़ों में सटीक इंजेक्शन देना और स्पाइन से जुड़े जटिल उपचार आसानी से किए जा सकेंगे। इससे बड़ी सर्जरी की जरूरत कम होगी और मरीजों को कम दर्द, कम समय और अधिक सटीक इलाज मिल सकेगा। थ्री-टेस्ला MRI मशीन से हाई-रेजोल्यूशन जांच आईजीआईएमएस में पीपीपी मॉडल के तहत थ्री-टेस्ला एमआरआई मशीन की शुरुआत हो चुकी है। यह मशीन बेहद उच्च गुणवत्ता की इमेजिंग प्रदान करती है, जिससे शरीर के अंदरूनी अंगों की स्पष्ट तस्वीर मिलती है। इस तकनीक के जरिए ब्रेन, स्पाइन, हार्ट और न्यूरोलॉजिकल बीमारियों की शुरुआती अवस्था में ही पहचान संभव हो जाती है। इससे मरीजों का इलाज समय रहते शुरू किया जा सकता है और जटिलताओं को रोका जा सकता है। मरीजों को मिलेगा बड़ा फायदा इन सभी नई सुविधाओं के शुरू होने से आईजीआईएमएस न केवल बिहार बल्कि पूरे पूर्वी भारत के लिए एक अत्याधुनिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में उभरेगा। गंभीर मरीजों को बेहतर आईसीयू,आंखों के मरीजों को तेज सर्जरी और सभी मरीजों को अत्याधुनिक जांच सुविधाएं मिलेंगी। स्वास्थ्य सेवाओं में यह बड़ा विस्तार राज्य के चिकित्सा ढांचे को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। पटना IGIMS में मरीजों के इलाज की गुणवत्ता बेहतर बनाने के लिए 4 नई अत्याधुनिक सुविधाएं जल्द शुरू होंगी। इनमें 20 बेड का क्रिटिकल केयर मेडिसिन (सीसीएम) आईसीयू, क्षेत्रीय चक्षु संस्थान में 9 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, डिजिटल एक्स-रे मशीन और पीपीपी मोड में थ्री-टेस्ला एमआरआई मशीन शामिल हैं। इन सुविधाओं के शुरू होने के बाद गंभीर मरीजों को विश्वस्तरीय इलाज मिल सकेगा। साथ ही, आंख के मरीजों को तेजी से सर्जरी और बेहतर जांच की सुविधा उपलब्ध होगी। संस्थान प्रशासन के अनुसार, अधिकांश तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और एमआरआई जांच की सेवा भी शुरू कर दी गई है। 20 बेड का अत्याधुनिक क्रिटिकल केयर मेडिसिन ICU रेडी अति गंभीर मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए IGIMS में 20 बेड का अत्याधुनिक क्रिटिकल केयर मेडिसिन आईसीयू तैयार किया गया है। यह आईसीयू गंभीर मरीजों के लिए जीवनरक्षक साबित होगा। इस आईसीयू में वेंटिलेटर, एडवांस मॉनिटरिंग सिस्टम और इमरजेंसी केयर की आधुनिक तकनीकों से लैस उपकरण लगाए गए हैं। यहां मरीजों का इलाज 24 घंटे विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में किया जाएगा। इससे हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक, ट्रामा और अन्य जटिल बीमारियों से जूझ रहे मरीजों की जान बचाने की संभावना कई गुना बढ़ जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस सुविधा के शुरू होने से गंभीर मरीजों की मृत्युदर में उल्लेखनीय कमी आएगी, साथ ही संक्रमण का खतरा भी बेहद कम रहेगा। अब दोगुनी रफ्तार से होंगे आंखों के ऑपरेशन आईजीआईएमएस के क्षेत्रीय चक्षु संस्थान में मरीजों को लंबे इंतजार से राहत मिलने वाली है। चौथी मंजिल पर बनाए गए 9 नए मॉडर्न ऑपरेशन थिएटर लगभग तैयार हैं। इनमें अत्याधुनिक उपकरण लगाए गए हैं, जिससे सर्जरी की गुणवत्ता और सफलता दर दोनों में सुधार होगा। फिलहाल संस्थान में प्रतिदिन 40 से 45 आंखों के ऑपरेशन किए जाते हैं, लेकिन नई सुविधा शुरू होने के बाद यह संख्या बढ़कर 75 से 80 प्रतिदिन हो जाएगी। इससे मरीजों को महीनों तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। करीब साढ़े 5 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इन ऑपरेशन थिएटरों के साथ विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने की प्रक्रिया भी जारी है। इससे भविष्य में और अधिक मरीजों को लाभ मिल सकेगा। डिजिटल एक्स-रे से इनवेसिव प्रक्रियाएं भी होंगी आसान रेडियोलॉजी विभाग में लगाई गई अत्याधुनिक डिजिटल एक्स-रे मशीन आईजीआईएमएस के लिए एक और बड़ी उपलब्धि है। यह मशीन सिर्फ सामान्य एक्स-रे तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए इमेज-गाइडेड इनवेसिव प्रक्रियाएं भी की जा सकेंगी। इस तकनीक के माध्यम से डॉक्टर रियल-टाइम इमेजिंग के जरिए शरीर के अंदर की गतिविधियों को देख सकते हैं। इससे एंजियोग्राफी, ब्लॉकेज खोलने के लिए स्टेंट डालना, ट्यूमर की बायोप्सी, शरीर में जमा पस या तरल पदार्थ निकालना, जोड़ों में सटीक इंजेक्शन देना और स्पाइन से जुड़े जटिल उपचार आसानी से किए जा सकेंगे। इससे बड़ी सर्जरी की जरूरत कम होगी और मरीजों को कम दर्द, कम समय और अधिक सटीक इलाज मिल सकेगा। थ्री-टेस्ला MRI मशीन से हाई-रेजोल्यूशन जांच आईजीआईएमएस में पीपीपी मॉडल के तहत थ्री-टेस्ला एमआरआई मशीन की शुरुआत हो चुकी है। यह मशीन बेहद उच्च गुणवत्ता की इमेजिंग प्रदान करती है, जिससे शरीर के अंदरूनी अंगों की स्पष्ट तस्वीर मिलती है। इस तकनीक के जरिए ब्रेन, स्पाइन, हार्ट और न्यूरोलॉजिकल बीमारियों की शुरुआती अवस्था में ही पहचान संभव हो जाती है। इससे मरीजों का इलाज समय रहते शुरू किया जा सकता है और जटिलताओं को रोका जा सकता है। मरीजों को मिलेगा बड़ा फायदा इन सभी नई सुविधाओं के शुरू होने से आईजीआईएमएस न केवल बिहार बल्कि पूरे पूर्वी भारत के लिए एक अत्याधुनिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में उभरेगा। गंभीर मरीजों को बेहतर आईसीयू,आंखों के मरीजों को तेज सर्जरी और सभी मरीजों को अत्याधुनिक जांच सुविधाएं मिलेंगी। स्वास्थ्य सेवाओं में यह बड़ा विस्तार राज्य के चिकित्सा ढांचे को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।


