EVM Swapping Allegation: अभिषेक बनर्जी ने मंगलवार को कहा कि विधानसभा चुनावों में इस्तेमाल की गई ईवीएम में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए एक तथ्य-जांच समिति का गठन किया जाएगा।
Abhishek Banerjee EVM Charge: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणाम में तृणमूल कांग्रेस को मिली करारी हार के साथ ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग पर कई गंभीर आरोप लगाए है। सीएम पद से इस्तीफा देने से इनकार करते हुए ममता ने कहा कि मेरी हार नहीं हुई है तो मैं इस्तीफा क्यों दूं। ममता के बाद टीएमसी के महासचिव अभिषक बनर्जी का बयान भी सामने आया है। अभिषेक बनर्जी ने कहा कि विधानसभा चुनावों में इस्तेमाल की गई इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए एक तथ्य-जांच समिति का गठन किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि ईवीएम में छेड़छाड़ न होने पर भी उन्हें बदला जा सकता है।
’12 घंटे तक इस्तेमाल गई ईवीएम मशीनें 95 प्रतिशत तक चार्ज’
टीएमसी के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि मतगणना केंद्रों पर मतदान के लिए इस्तेमाल की गई ईवीएम मशीनों की जांच की गई थी और उनके सीरियल नंबर फॉर्म 17सी में दर्ज रिकॉर्ड से मेल नहीं खाते थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 12 घंटे तक इस्तेमाल की गई 90 प्रतिशत ईवीएम मशीनों में 92 से 95 प्रतिशत तक चार्ज था।
‘ईवीएम मशीनों के सीरियल नंबर मेल नहीं खा रहे’
ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने कहा कि जिस तरह से इन लोगों ने (वोटों की) लूट की है। मैं आपको मतगणना केंद्रों से ऐसे 100 सीसीटीवी फुटेज देता हूं और चुनाव आयोग इनमें से 10 फुटेज जारी करे। मतगणना केंद्रों से पूरे दिन का फुटेज, खासकर दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे तक का फुटेज जारी किया जाए। भले ही ईवीएम में डाले गए वोटों में हेरफेर न हुआ हो, लेकिन ईवीएम यूनिटों को बदला जा सकता है। हमें कई स्थानों से प्रतिक्रिया मिली है, जिसमें बताया गया है कि जब मतगणना केंद्रों पर मतदान के लिए इस्तेमाल की गई विशिष्ट ईवीएम की जांच की गई, तो उनके सीरियल नंबर फॉर्म 17सी में दर्ज रिकॉर्ड से मेल नहीं खा रहे थे।
‘EVM से छेड़छाड़ नहीं, लेकिन उन्हें बदला जा सकता है’
उन्होंने आगे कहा कि मशीनों का इस्तेमाल 12 घंटे तक किया गया, लेकिन 90 प्रतिशत मशीनों में 92-95 प्रतिशत चार्ज बचा था। यह कैसे संभव है? इस पर पार्टी में चर्चा होगी। हम एक तथ्य-जांच समिति का गठन करेंगे। बनर्जी ने कहा कि कई मतगणना केंद्रों से ईवीएम की गिनती में गड़बड़ी के मामले सामने आए हैं। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि दोपहर 2 बजे के बाद विभिन्न मतगणना केंद्रों से मतगणना एजेंटों को जबरन हटा दिया गया, ताकि यह माहौल बनाया जा सके कि भाजपा नेतृत्व कर रही है।


