Aadhaar Card: सरकार ने साफ कर दिया है कि आधार कार्ड का “नया अवतार” आने वाला नहीं है। सोशल मीडिया पर चल रही बातें हवा-हवाई हैं और लोगों को बेवजह गुमराह कर रही हैं। यानी फिलहाल आधार वैसा ही रहेगा, जैसा आज है। मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी ने कहा है कि आधार कार्ड के डिजाइन, रंग, लेआउट या सिर्फ QR कोड/फोटो वाले नए फॉर्मेट को लेकर कोई योजना नहीं है। मंत्रालय के मुताबिक, “आधार बदलने वाला है” जैसी खबरें पूरी तरह गलत हैं और इनसे भ्रम फैल रहा है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे सिर्फ UIDAI और PIB की आधिकारिक अपडेट पर ही भरोसा करें।
क्यों इतना जरूरी है आधार?
आज के समय में आधार सिर्फ पहचान पत्र नहीं रहा, बल्कि कई जरूरी कामों के लिए जरूरी दस्तावेज बन चुका है। सरकारी सब्सिडी लेनी हो, बैंक में KYC कराना हो या बीमा और निवेश करना हो, हर जगह आधार काम आता है। पेंशन, पीएफ, बैंक खाता, इनकम टैक्स रिटर्न, वोटर आईडी, यहां तक कि रेलवे टिकट और नौकरी या पढ़ाई के आवेदन में भी इसकी जरूरत पड़ती है। यानी बिना आधार के कई काम अटक सकते हैं।
134 करोड़ लोगों के पास है आधार
सरकार के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश में करीब 134 करोड़ लोगों के पास आधार है। यह दुनिया का सबसे बड़ा बायोमेट्रिक पहचान सिस्टम बन चुका है। अब तक 17,000 करोड़ से ज्यादा बार आधार के जरिए पहचान सत्यापन की जा चुकी है। यह जानकारी केंद्रीय मंत्री Jitin Prasada ने लोकसभा में दी थी।
कैसे काम करता है आधार वेरिफिकेशन?
जब भी किसी सेवा के लिए आधार से पहचान जांची जाती है, तो यह OTP, फिंगरप्रिंट, आईरिस या चेहरे के जरिए होती है। अब फेस ऑथेंटिकेशन में AI और मशीन लर्निंग का भी इस्तेमाल हो रहा है, जिससे पहचान और सटीक हो गई है। जो संस्थाएं आधार वेरिफिकेशन का इस्तेमाल करना चाहती हैं, उन्हें UIDAI के साथ रजिस्टर होना पड़ता है।
डेटा सुरक्षा पर सख्ती
आधार सिस्टम को इस तरह डिजाइन किया गया है कि लोगों की जानकारी सुरक्षित रहे। डेटा एन्क्रिप्टेड रहता है और उसके इस्तेमाल पर सख्त नियम लागू हैं। ऑथेंटिकेशन से जुड़े रिकॉर्ड दो साल तक रखे जाते हैं, फिर उन्हें आर्काइव करके बाद में हटा दिया जाता है। साथ ही, सुरक्षा के लिए तीन स्तर की ऑडिट व्यवस्था भी लागू है।
सुरक्षा बढ़ाने के लिए नया कदम
UIDAI ने हाल ही में “Bug Bounty Programme” शुरू किया है। इसमें साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स और एथिकल हैकर्स को सिस्टम में खामियां खोजने के लिए आमंत्रित किया गया है। अगर कोई कमजोरी मिलती है, तो उसकी गंभीरता के हिसाब से इनाम भी दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे आधार सिस्टम और मजबूत और सुरक्षित बनेगा।


