नवादा पुलिस ने एसटीएफ के सहयोग से एक हार्डकोर नक्सली को गिरफ्तार किया है। यह नक्सली कई वर्षों से फरार चल रहा था। गिरफ्तार आरोपी की पहचान औरंगाबाद जिले के जुझारपुर गांव निवासी बिहारी रवानी उर्फ श्याम बिहारी चंद्रवंशी के रूप में हुई है। उसे मंगलवार को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि वांछित नक्सली गया जिले में अपने गांव में छिपा हुआ है। इसके बाद नवादा पुलिस अधीक्षक अभिनव धीमन के निर्देश पर एसटीएफ, जिला आसूचना इकाई और सिरदला थाना की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ शिविर में पूछताछ कर उसे सिरदला थाना पुलिस को सौंप दिया गया। बेस कैंप पर भाकपा (माओवादी) के नक्सलियों ने हमला किया था आरोपी बिहारी रवानी के खिलाफ नवादा सहित बिहार के कई थानों में नक्सली गतिविधियों से जुड़े मामले दर्ज हैं। उसकी वर्तमान गिरफ्तारी सिरदला थाना कांड संख्या 264/16 के तहत हुई है। यह मामला 3 नवंबर 2016 का है, जब तिलैया-कोडरमा रेलखंड पर निर्माणाधीन खरौंध रेलवे स्टेशन के बेस कैंप पर भाकपा (माओवादी) के नक्सलियों ने हमला किया था। उस हमले के दौरान नक्सलियों ने लेवी नहीं देने पर ठेकेदारों और मजदूरों के साथ मारपीट की थी। उन्होंने गोलीबारी भी की और पोकलेन मशीन, स्कॉर्पियो सहित कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया था। इस घटना के बाद पुलिस ने 63 नक्सलियों को नामजद करते हुए प्राथमिकी दर्ज की थी। बिहारी रवानी घटना के बाद से लगातार फरार था पुलिस सूत्रों के अनुसार, बिहारी रवानी घटना के बाद से लगातार फरार था। उसकी गिरफ्तारी को एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। इस मामले में इससे पहले भी नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। हाल ही में एसटीएफ और सिरदला पुलिस ने इंद्रजीत महतो उर्फ पंकज उर्फ पप्पू और संतोष चौधरी को अरवल जिले से पकड़ा था। इस ताजा गिरफ्तारी के साथ अब तक इस मामले में कुल 10 आरोपियों को पकड़ा जा चुका है। पुलिस ने बताया कि फरार अन्य नक्सलियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा। नवादा पुलिस ने एसटीएफ के सहयोग से एक हार्डकोर नक्सली को गिरफ्तार किया है। यह नक्सली कई वर्षों से फरार चल रहा था। गिरफ्तार आरोपी की पहचान औरंगाबाद जिले के जुझारपुर गांव निवासी बिहारी रवानी उर्फ श्याम बिहारी चंद्रवंशी के रूप में हुई है। उसे मंगलवार को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि वांछित नक्सली गया जिले में अपने गांव में छिपा हुआ है। इसके बाद नवादा पुलिस अधीक्षक अभिनव धीमन के निर्देश पर एसटीएफ, जिला आसूचना इकाई और सिरदला थाना की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ शिविर में पूछताछ कर उसे सिरदला थाना पुलिस को सौंप दिया गया। बेस कैंप पर भाकपा (माओवादी) के नक्सलियों ने हमला किया था आरोपी बिहारी रवानी के खिलाफ नवादा सहित बिहार के कई थानों में नक्सली गतिविधियों से जुड़े मामले दर्ज हैं। उसकी वर्तमान गिरफ्तारी सिरदला थाना कांड संख्या 264/16 के तहत हुई है। यह मामला 3 नवंबर 2016 का है, जब तिलैया-कोडरमा रेलखंड पर निर्माणाधीन खरौंध रेलवे स्टेशन के बेस कैंप पर भाकपा (माओवादी) के नक्सलियों ने हमला किया था। उस हमले के दौरान नक्सलियों ने लेवी नहीं देने पर ठेकेदारों और मजदूरों के साथ मारपीट की थी। उन्होंने गोलीबारी भी की और पोकलेन मशीन, स्कॉर्पियो सहित कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया था। इस घटना के बाद पुलिस ने 63 नक्सलियों को नामजद करते हुए प्राथमिकी दर्ज की थी। बिहारी रवानी घटना के बाद से लगातार फरार था पुलिस सूत्रों के अनुसार, बिहारी रवानी घटना के बाद से लगातार फरार था। उसकी गिरफ्तारी को एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। इस मामले में इससे पहले भी नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। हाल ही में एसटीएफ और सिरदला पुलिस ने इंद्रजीत महतो उर्फ पंकज उर्फ पप्पू और संतोष चौधरी को अरवल जिले से पकड़ा था। इस ताजा गिरफ्तारी के साथ अब तक इस मामले में कुल 10 आरोपियों को पकड़ा जा चुका है। पुलिस ने बताया कि फरार अन्य नक्सलियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा।


