ऐतिहासिक इमारतों को बदरंग करने पर होगी सख्ती:पोस्टर चिपकाकर प्रचार करने वालों के खिलाफ प्रशासन करेगा कानूनी कार्रवाई

ऐतिहासिक इमारतों को बदरंग करने पर होगी सख्ती:पोस्टर चिपकाकर प्रचार करने वालों के खिलाफ प्रशासन करेगा कानूनी कार्रवाई

बूंदी शहर की ऐतिहासिक इमारतों और धरोहरों को बदरंग करने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई का निर्णय लिया है। इन स्थलों पर पोस्टर चिपकाकर प्रचार करने वालों के विरुद्ध अब कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिला कलेक्टर हरफूल सिंह यादव ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। प्रशासन को लगातार यह जानकारी मिल रही थी कि कुछ व्यक्ति और संस्थाएं अपने निजी प्रचार के लिए शहर की ऐतिहासिक इमारतों का दुरुपयोग कर रहे हैं। इन धरोहरों की दीवारों पर विज्ञापन और पोस्टर चिपकाए जा रहे थे, जिससे उनका मूल स्वरूप और सौंदर्य प्रभावित हो रहा था। धरोहरों को हो रहे इस नुकसान को देखते हुए, जिला कलेक्टर ने नगर परिषद आयुक्त को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। अब यदि कोई भी व्यक्ति या संस्था ऐतिहासिक इमारतों पर पोस्टर लगाते या उन्हें किसी भी तरह से विरूपित करते हुए पाया जाता है, तो उसके खिलाफ ‘राजस्थान संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम 2006’ के तहत तत्काल कार्रवाई की जाएगी। इन प्रशासनिक निर्देशों के बाद, नगर परिषद ऐसे व्यक्तियों और संस्थाओं की पहचान कर रही है जो इन इमारतों का दुरुपयोग कर रहे हैं। नियम तोड़ने वालों से भारी जुर्माना वसूलने के साथ-साथ, संबंधित पुलिस थाने में उनके खिलाफ नामजद प्राथमिकी (एफआईआर) भी दर्ज कराई जाएगी। नमाना गौशाला के पास कचरा डालने पर विरोध, कलेक्टर ने किया निरीक्षण नमाना क्षेत्र में गुरु गोविंद सिंह गौशाला के पास बूंदी से कचरा डालने को लेकर ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया था। कचरे में पिछले एक महीने से आग लगी हुई है, जिससे क्षेत्र में धुआं फैल रहा है। ग्रामीणों की शिकायत पर बूंदी जिला कलेक्टर हरफूल सिंह यादव ने सोमवार को कचरा संग्रहण स्थल का निरीक्षण किया।

कलेक्टर यादव ने बताया कि उन्हें शिकायतें मिल रही थीं कि कचरा संग्रहण केंद्र के सामने कचरे के बड़े-बड़े ढेर लगे हुए हैं। इस कचरे में गौशाला की गायें दिनभर घूमती रहती हैं, जिससे उनके जीवन पर खतरा मंडरा रहा है। इसके अलावा, कचरे में लगी आग लगातार एक महीने से जल रही है, जिससे वायु प्रदूषण बढ़ रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि धुएं के कारण सड़क पर करीब 500 मीटर तक कुछ दिखाई नहीं देता, जिससे कई बार दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं। गुरु गोविंद गौशाला के अध्यक्ष जमना शंकर राठौर ने बताया कि गौशाला के चारों ओर बाउंड्री नहीं होने के कारण गायें कचरा पात्र की ओर चली जाती हैं।

जिला कलेक्टर हरफूल सिंह यादव ने जानकारी दी कि कचरा संग्रहण केंद्र का 40 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और शेष कार्य अक्टूबर माह तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद सारा कचरा व्यवस्थित तरीके से केंद्र के अंदर ही डाला जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि कचरे में आग न लगे, इसके लिए बूंदी से एक कर्मचारी की ड्यूटी लगाई जाएगी, जो गायों को कचरे से दूर रखेगा और ट्रकों से आने वाले कचरे को सही ढंग से डलवाएगा।

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