गुजरात में इन दिनों भीषण गर्मी का दौर जारी है। ऐसे मौसम में राज्य के बांधों में पानी की स्थिति बेहद अहम हो जाती है। जल संसाधन विभाग के ताज़ा आंकड़े बताते हैं कि राज्य के कुल 207 बांधों में इस समय लगभग 15235 मिलियन क्यूबिक मीटर (एमसीएम) पानी उपलब्ध है। इन बांधों में पानी के संग्रह की कुल क्षमता 25257 एमसीएम है। इसकी तुलना में फिलहाल 60.32 फीसदी पानी मौजूद है। पिछले साल अप्रेल माह के अंत में राज्य के बांधों में 13050 एमसीएम पानी था। यानी इस बार बांधों में लगभग 2185 एमसीएम ज्यादा पानी है।
कच्छ में 36 फीसदी जल संग्रह
वर्तमान स्थिति के अनुसार कच्छ रीजन में पानी सबसे कम है, जहां केवल 36.33 फीसदी भंडारण दर्ज हुआ है। इलाके में अभी 119 एमसीएम पानी है, जो पिछले साल इस अवधि में 112 एमसीएम था।वहीं दक्षिण गुजरात में सबसे ज्यादा 4808 एमसीएम यानी 55.88 फीसदी पानी उपलब्ध है। क्षेत्र के 13 बड़े बांधों में 4808 एमसीएम पानी है, जबकि पिछले साल 4540 एमसीएम था। मध्य गुजरात में क्षमता का 60.32 फीसदी पानी मौजूद है। इलाके के प्रमुख 17 बांधों में इस बार 1415 एमसीएम पानी है, जबकि पिछले साल 1174 एमसीएम था।
उत्तर गुजरात में करीब 50 फीसदी पानी है। यहां प्रमुख 15 बांधों में फिलहाल 965 एमसीएम पानी है, जबकि पिछले साल इसी दिन 633 एमसीएम था।
सौराष्ट्र में 45 फीसदी पानी
सबसे ज्यादा 141 बांधों वाले सौराष्ट्र रीजन में सौराष्ट्र में लगभग 45 फीसदी पानी मौजूद है। इस बार 1158 एमसीएम पानी है, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 887 एमसीएम था।
नर्मदा बांध में 1064 एमसीएम ज्यादा पानी
राज्य का सबसे बड़ा सरदार सरोवर (नर्मदा) बांध फिलहाल 6769 एमसीएम पानी से भरा है, जो इसकी कुल क्षमता का 71.55 प्रतिशत है। पिछले साल इसी दिन इसमें 5704 एमसीएम पानी था। यानी इस बार बांध में लगभग 1064 एमसीएम ज्यादा पानी है। वर्तमान जलस्तर 129.33 मीटर दर्ज किया गया है और औसत इनफ्लो करीब 4833 क्यूसेक है।


