डीडीयू मंडल में रेल सुरक्षा और यात्री सुविधा को लेकर शुक्रवार रात बड़ा औचक अभियान चला। मंडल रेल प्रबंधक उदय सिंह मीना खुद इंजन के केबिन में पहुंचे। महाबोधि एक्सप्रेस से लेकर वंदे भारत एक्सप्रेस तक डीडीयू-गयाजी रेलखंड का फुटप्लेट निरीक्षण कर पूरी व्यवस्था की धरातल पर हकीकत पर रखी। रात के अंधेरे में ट्रैक, सिग्नल, स्टेशन और क्रू की सतर्कता की जांच की। रात करीब 11:20 बजे DRM नई दिल्ली-गयाजी महाबोधि एक्सप्रेस के इंजन में सवार हुए। डीडीयू जंक्शन से गयाी जंक्शन तक सफर के दौरान उन्होंने रेल संरक्षा के हर महत्वपूर्ण पहलू को बारीकी से देखा। सिग्नल की दृश्यता कैसी है, लोको पायलट और सहायक लोको पायलट कॉल-आउट प्रक्रिया का पालन कर रहे हैं या नहीं, ट्रैक सुरक्षित है या नहीं। ओवरहेड उपकरण की स्थिति कैसी है। हर बिंदु पर गंभीर से समीक्षा हुई। स्टेशन और लेवल क्रॉसिंग पर सिग्नल एक्सचेंज, रनिंग स्टाफ और स्टेशन स्टाफ के बीच ऑलराइट प्रक्रिया, गति सीमा पालन और गश्ती व्यवस्था की सक्रियता भी जांची गई। यात्रियों को बेहतर सुविधा दी जाएगी स्टेशन पर चल रहे उन्नयन कार्य, लाइन नंबर-1 पर लिए गए ब्लॉक, कार्य की गुणवत्ता और समय सीमा की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि विकास कार्य तय समय में और गुणवत्ता से पूरे हो सके। ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल सके। जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर 2-3 की भीड़ भी DRM की नजर से नहीं बची। संकरे प्लेटफार्मों पर यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त स्टाफ तैनाती, सतत निगरानी और व्यवस्थित मूवमेंट सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। साफ संदेश था कि भीड़ प्रबंधन में लापरवाही किसी कीमत पर स्वीकार नहीं होगी। सुरक्षा को पहली प्राथमिकता बताया वापसी में DRM ने रांची-वाराणसी वंदे भारत एक्सप्रेस से गयाजी से डीडीयू तक फिर फुट प्लेट निरीक्षण किया। हाईस्पीड और आधुनिक ट्रेन संचालन के बीच चालक दल के नियम पालन, परिचालन अनुशासन और रेल अवसंरचना की दोबारा समीक्षा की गई। निरीक्षण के बाद मंडल रेल प्रबंधक ने अधिकारियों और कर्मचारियों को कहा कि सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। हर स्तर पर सतर्कता, समन्वय और जवाबदेही जरूरी है। रेल प्रशासन ने यात्रियों से भी अपील की कि स्टेशन पर निर्धारित मार्गों का उपयोग करें, अनाउंसमेंट पर ध्यान दें। भीड़ वाले प्लेटफॉर्मों पर सावधानी बरतें और यात्रा से पहले 139, रेल वन या NTES के जरिए अपडेट लेते रहें। डीडीयू मंडल में रेल सुरक्षा और यात्री सुविधा को लेकर शुक्रवार रात बड़ा औचक अभियान चला। मंडल रेल प्रबंधक उदय सिंह मीना खुद इंजन के केबिन में पहुंचे। महाबोधि एक्सप्रेस से लेकर वंदे भारत एक्सप्रेस तक डीडीयू-गयाजी रेलखंड का फुटप्लेट निरीक्षण कर पूरी व्यवस्था की धरातल पर हकीकत पर रखी। रात के अंधेरे में ट्रैक, सिग्नल, स्टेशन और क्रू की सतर्कता की जांच की। रात करीब 11:20 बजे DRM नई दिल्ली-गयाजी महाबोधि एक्सप्रेस के इंजन में सवार हुए। डीडीयू जंक्शन से गयाी जंक्शन तक सफर के दौरान उन्होंने रेल संरक्षा के हर महत्वपूर्ण पहलू को बारीकी से देखा। सिग्नल की दृश्यता कैसी है, लोको पायलट और सहायक लोको पायलट कॉल-आउट प्रक्रिया का पालन कर रहे हैं या नहीं, ट्रैक सुरक्षित है या नहीं। ओवरहेड उपकरण की स्थिति कैसी है। हर बिंदु पर गंभीर से समीक्षा हुई। स्टेशन और लेवल क्रॉसिंग पर सिग्नल एक्सचेंज, रनिंग स्टाफ और स्टेशन स्टाफ के बीच ऑलराइट प्रक्रिया, गति सीमा पालन और गश्ती व्यवस्था की सक्रियता भी जांची गई। यात्रियों को बेहतर सुविधा दी जाएगी स्टेशन पर चल रहे उन्नयन कार्य, लाइन नंबर-1 पर लिए गए ब्लॉक, कार्य की गुणवत्ता और समय सीमा की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि विकास कार्य तय समय में और गुणवत्ता से पूरे हो सके। ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल सके। जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर 2-3 की भीड़ भी DRM की नजर से नहीं बची। संकरे प्लेटफार्मों पर यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त स्टाफ तैनाती, सतत निगरानी और व्यवस्थित मूवमेंट सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। साफ संदेश था कि भीड़ प्रबंधन में लापरवाही किसी कीमत पर स्वीकार नहीं होगी। सुरक्षा को पहली प्राथमिकता बताया वापसी में DRM ने रांची-वाराणसी वंदे भारत एक्सप्रेस से गयाजी से डीडीयू तक फिर फुट प्लेट निरीक्षण किया। हाईस्पीड और आधुनिक ट्रेन संचालन के बीच चालक दल के नियम पालन, परिचालन अनुशासन और रेल अवसंरचना की दोबारा समीक्षा की गई। निरीक्षण के बाद मंडल रेल प्रबंधक ने अधिकारियों और कर्मचारियों को कहा कि सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। हर स्तर पर सतर्कता, समन्वय और जवाबदेही जरूरी है। रेल प्रशासन ने यात्रियों से भी अपील की कि स्टेशन पर निर्धारित मार्गों का उपयोग करें, अनाउंसमेंट पर ध्यान दें। भीड़ वाले प्लेटफॉर्मों पर सावधानी बरतें और यात्रा से पहले 139, रेल वन या NTES के जरिए अपडेट लेते रहें।


