Uttam Nagar Murder: दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में अवैध निर्माण के खिलाफ नगर निगम का कड़ा एक्शन देखने को मिला है। गुरुवार को एमसीडी की टीम ने भारी सुरक्षा बल के साथ हस्तसाल स्थित जेजे कॉलोनी में एक मकान के अवैध हिस्सों को ढहा दिया। यह घर होली के दिन हुए चर्चित हत्याकांड के एक आरोपी का है। न्यायिक हिरासत में बंद आरोपी के परिजनों ने इस कार्रवाई को रुकवाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ी थी, लेकिन ट्रिब्यूनल ने उनकी याचिका को आधारहीन बताते हुए खारिज कर दिया।
कानूनी जंग में मिली हार
इस मामले में आरोपी के परिवार ने पहले दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जहां से उन्हें 15 दिनों की अस्थायी राहत मिली थी। कोर्ट के निर्देश पर परिजनों ने ‘म्युनिसिपल कॉरपोरेशन ऑफ दिल्ली अपीलीय न्यायाधिकरण’ ATMCD में अपील की। 29 अप्रैल को सुनवाई के दौरान ट्रिब्यूनल ने पाया कि याचिकाकर्ताओं के पास राहत पाने का कोई ठोस आधार नहीं है। इसके बाद, निर्माण पर लगी रोक हटते ही गुरुवार सुबह एमसीडी की पीला पंजा मौके पर पहुंच गया और तोड़फोड़ की कार्रवाई पूरी की गई।
नियमों की धज्जियां उड़ाकर खड़ी की गई थीं इमारतें
इस इलाके में कई आवासीय इकाइयों को आपस में जोड़कर बड़ी इमारतें बना ली गई थीं। एक मामले में तीन घरों को मिलाकर एक ढांचा बनाया गया, जबकि दूसरे मामले में दो इकाइयों को जोड़ा गया था। इस मामले में आरोपी के परिवार ने पहले 13 अप्रैल को दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया था। अदालत ने उन्हें 15 दिनों की अंतरिम राहत दी थी। कोर्ट ने परिवार को एमसीडी ट्रिब्यूनल में अपील करने का निर्देश दिया था। याचिकाकर्ताओं ने 28 अप्रैल को ट्रिब्यूनल का दरवाजा खटखटाया। 29 अप्रैल को सुनवाई के बाद ट्रिब्यूनल ने ठोस आधार की कमी की बात कही। इसके बाद स्टे ऑर्डर हटा लिया गया। अब इस मामले की अगली सुनवाई 11 जून, 2026 को होगी।
क्या था होली संघर्ष का मामला?
गौरतलब है कि 4 मार्च को उत्तम नगर की जेजे कॉलोनी में होली के दिन एक छोटी सी बात ने खूनी मोड़ ले लिया था। तरुण नाम के युवक के परिवार की एक बच्ची ने गलती से पड़ोसी महिला पर पानी का गुब्बारा फेंक दिया था। इस मामूली विवाद में दोनों पक्ष भिड़ गए और खूनी संघर्ष हुआ, जिसमें 26 वर्षीय तरुण की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इसी मामले में आरोपी अब जेल में हैं और अब उनके अवैध साम्राज्य पर प्रशासन का डंडा चला है।


