‘मैं कभी वहां नहीं गई’, जेपी मॉर्गन की कार्यकारी अधिकारी ने भारतीय जूनियर का शोषण करने के आरोपों को बताया झूठा

‘मैं कभी वहां नहीं गई’, जेपी मॉर्गन की कार्यकारी अधिकारी ने भारतीय जूनियर का शोषण करने के आरोपों को बताया झूठा

जेपी मॉर्गन चेस बैंक की महिला अधिकारी द्वारा भारतीय पुरुष सहकर्मी का यौन शोषण करने का मामला इन दिनों सुर्खियों में छाया हुआ है। बैंक की वरिष्ठ महिला अधिकारी, लोर्ना हजडिनी के खिलाफ इस मामले में न्यूयॉर्क की एक अदालत में मुकदमा दर्ज किया गया है। इसमें लोर्ना पर कंपनी में काम करने वाले 35 वर्षीय चिरायु राणा का यौन शोषण करने और उसे नस्लीय गालियां देने का आरोप लगा है। अब इस मामले में लोर्ना का बयान सामने आया है। उन्होंने इन आरोपों को पूरी तरह गलत और मनगढ़ंत बताया है और दावा किया है कि वह कभी उस जगह गई ही नहीं जहां कथित घटना घटित होने का दावा किया जा रहा है। बता दें कि मामले की आंतरिक जांच में भी लोर्ना के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिला है।

करियर तबाह करने की धमकी दी

न्यूयॉर्क काउंटी सुप्रीम कोर्ट में जॉन डो नाम से दायर इस मुकदमे में जेपी मॉर्गन की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर लोर्ना हाजदिनी पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने अपने सहकर्मी का शोषण किया। आरोपों में यह भी कहा गया कि उन्होंने कथित रूप से नशीले पदार्थ दिए और नौकरी से जुड़े फायदे को लेकर दबाव बनाया। लोर्ना ने पीड़िता द्वारा उनके गलत इरादों का विरोध करने पर उसका करियर तबाह करने की धमकी दी और कहा कि वह उसका प्रोमोशन रोक देगी। उन्होंने पीड़ित को ‘ब्राउन बॉय इंडियन’ कह कर नस्लीय टिप्पणी भी की। इन आरोपों पर सफाई देते हुए लोर्ना ने इन्हें झूठा बताया है।

बैंक ने कहा जांच में कोई सबूत नहीं मिले

इस पूरे मामले में बैंक की ओर से जारी बयान में कहा गया कि मानव संसाधन विभाग और इनहाउस लीगल टीम द्वारा विस्तृत जांच की गई। इस जांच में फोन रिकॉर्ड, ईमेल और कर्मचारियों के बयान शामिल थे। बैंक के प्रवक्ता के अनुसार, जांच में किसी भी आरोप की पुष्टि नहीं हुई। यह भी बताया गया कि शिकायतकर्ता ने जांच में सहयोग नहीं किया और जरूरी जानकारी देने से इनकार किया। इस कारण आरोपों को साबित करने में कोई आधार नहीं मिला।

लोर्ना हाजदिनी को रिपोर्ट नहीं करता था शिकायतकर्ता

मामले का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि शिकायतकर्ता सीधे लोर्ना हाजदिनी को रिपोर्ट नहीं करता था। रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों अलग मैनेजिंग डायरेक्टर्स के अधीन काम करते थे, जिससे यह दावा कमजोर पड़ता है कि लोर्ना के पास बोनस या करियर पर सीधा नियंत्रण था। वहीं, लोर्ना के सहयोगियों ने उन्हें एक टॉप परफॉर्मर बताया और कहा कि इन आरोपों से उनकी छवि को नुकसान पहुंचा है।

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