भगवान राधा रमण लाल का मनाया 484 वां प्राकट्योत्सव:5100 किलो पंचामृत से हुआ अभिषेक, एक लाख से ज्यादा भक्त पहुंचे दर्शन करने

भगवान राधा रमण लाल का मनाया 484 वां प्राकट्योत्सव:5100 किलो पंचामृत से हुआ अभिषेक, एक लाख से ज्यादा भक्त पहुंचे दर्शन करने

चैतन्य महाप्रभु के प्रमुख शिष्य गोपाल भट्ट गोस्वामी द्वारा प्रकटित ठाकुर श्री राधारमण लाल जू का 484 वां प्राकट्योत्सव शुक्रवार को विविध धार्मिक अनुष्ठानों के साथ मन्दिर परिसर में आयोजित किया। अपने आराध्य की मन मोहिनी छवि को निहारते भक्तों का उत्साह देखते ही बनता था। भगवान की एक झलक पाने के लिए भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। मंदिर परिसर ही नहीं रास्तों पर भी भक्तों की भारी भीड़ नजर आई। वैशाख शुक्ल पूर्णिमा को हुआ प्राकट्य वैशाख शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को श्री शालिग्राम शिला से स्वयं प्रकटित हुऐ ठाकुर राधारमण लाल जू के 484 वें प्राकट्योत्सव पर परम्परानुसार सेवायत गोस्वामी जन द्वारा ठाकुर जी के श्री विग्रह का वैदिक मंत्रोच्चारण के मध्य 5100 किलो दुग्ध,दही,मधु,घृत,शहद, विभिन्न पवित्र नदियों के जल,जड़ी बूटियों के महाभिषेक प्रारंभ किया गया। लगभग दो घण्टे तक महाभिषेक के उपरांत ठाकुर जी का नवीन वस्त्राभूषण धारण करा कर विशेष श्रंगार किया गया। मंदिर में की गई आकर्षक सजावट मन्दिर परिसर को पीत वर्ण के कपड़ो से विशेष रूप से सजाया गया। इसके अलावा देसी विदेशी फूलों की आकर्षक सजावट की गई। मुख्य द्वार पर शहनाई वादन से वातावरण धर्ममयी हो गया। हरिनाम संकीर्तन के साथ वैष्णव भक्त समूह द्वारा मंगल बधाई गायन किया जा रहा था। शालिग्राम शिला से त्रिभंग प्रतिमा के रूप में प्रगट हुए राधारमण लाल मन्दिर सेवायत वैष्णवाचार्य पद्मनाभ गोस्वामी के अनुसार श्री चैतन्य महाप्रभु के छह गोस्वामी शिष्यों में से एक श्री गोपाल भट्ट गोस्वामी जी दक्षिण भू भाग स्थित गंडक नदी में स्नान के दौरान श्री शालिग्राम जी शिला प्राप्त हुई थी। जिसकी श्री भट्ट गोस्वामी जी पूर्ण श्रद्धा एवं तन्मयता से पूजा सेवा करते थे। एक दिन गोस्वामी जी के ह्रदय में विचार उत्पन्न हुआ कि अगर यह शिला भी विग्रह रूप में होती तो वह भी अपने लाडले आराध्य का अलौकिक श्रंगार करते। ठाकुर जी ने भी अपने भक्त की आर्त पुकार तत्काल सुन ली और स्वयं श्री विग्रह स्वरूप में प्रकट हो गए। तभी से वैशाख शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर ठाकुर राधारमण लाल जू का प्राकट्योत्सव परम्परागत रूप से मनाया जाता है। भक्तों का उमड़ा सैलाब भगवान राधा रमण लाल के प्राकट्य उत्सव पर उनकी झलक पाने को भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। करीब एक लाख भक्तों ने भगवान राधा रमण लाल के अभिषेक के दर्शन किए। राधा रमण लाल के प्राकट्य उत्सव पर मंदिर के सभी गोस्वामी अभिषेक करते हैं। इसके अलावा उनको नवरत्नों से जड़ित आभूषण धारण कराए जाते हैं।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *