गुमला जिले के घाघरा थाना क्षेत्र में एक सड़क दुर्घटना में एक युवक की मौत हो गई, जबकि दूसरा घायल हो गया। यह घटना मसरिया मोड़ स्थित कस्तूरबा विद्यालय के समीप गुरुवार देर रात हुई। मृतक की पहचान दोदांग गांव निवासी रोहित उरांव के रूप में हुई है, वहीं घायल युवक सोनू उरांव है। पुलिस के अनुसार, दोनों युवक अपनी मोटरसाइकिल पर सवार होकर अपने गांव दोदांग से घाघरा की ओर जा रहे थे। कस्तूरबा विद्यालय के पास उनकी मोटरसाइकिल अनियंत्रित हो गई, जिससे वे सड़क पर गिर पड़े। घटना के बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और दोनों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने रोहित उरांव को मृत घोषित कर दिया, जबकि सोनू उरांव का इलाज जारी है। सूचना मिलने पर घाघरा थाना पुलिस दल-बल के साथ घटनास्थल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची। पुलिस ने घटना की जानकारी ली और शव को कब्जे में लेकर थाने ले आई। शुक्रवार को शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल गुमला भेज दिया गया। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। गौरतलब है कि गुमला जिले में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। जिला परिवहन विभाग सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान और वाहन जांच चला रहा है, लेकिन इसके बावजूद सड़क दुर्घटनाओं पर पूरी तरह अंकुश नहीं लग पा रहा है। गुमला जिले के घाघरा थाना क्षेत्र में एक सड़क दुर्घटना में एक युवक की मौत हो गई, जबकि दूसरा घायल हो गया। यह घटना मसरिया मोड़ स्थित कस्तूरबा विद्यालय के समीप गुरुवार देर रात हुई। मृतक की पहचान दोदांग गांव निवासी रोहित उरांव के रूप में हुई है, वहीं घायल युवक सोनू उरांव है। पुलिस के अनुसार, दोनों युवक अपनी मोटरसाइकिल पर सवार होकर अपने गांव दोदांग से घाघरा की ओर जा रहे थे। कस्तूरबा विद्यालय के पास उनकी मोटरसाइकिल अनियंत्रित हो गई, जिससे वे सड़क पर गिर पड़े। घटना के बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और दोनों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने रोहित उरांव को मृत घोषित कर दिया, जबकि सोनू उरांव का इलाज जारी है। सूचना मिलने पर घाघरा थाना पुलिस दल-बल के साथ घटनास्थल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची। पुलिस ने घटना की जानकारी ली और शव को कब्जे में लेकर थाने ले आई। शुक्रवार को शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल गुमला भेज दिया गया। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। गौरतलब है कि गुमला जिले में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। जिला परिवहन विभाग सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान और वाहन जांच चला रहा है, लेकिन इसके बावजूद सड़क दुर्घटनाओं पर पूरी तरह अंकुश नहीं लग पा रहा है।


