हरदोई में टड़ियावां थानाध्यक्ष कुलदीप सिंह को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने शुक्रवार सुबह की। थानाध्यक्ष पर आरोप है कि उन्होंने एक मामले में पीड़ित के बजाय विपक्षी की एफआईआर दर्ज की और दूसरे अपहरण के मामले में पीड़िता के न्यायालय में बयान समय पर दर्ज नहीं कराए। पहला मामला टड़ियावां थाना क्षेत्र के कोटरा गांव का है। 4 अप्रैल को विश्वराज सिंह का गांव निवासी शिवधान सिंह, धर्मेंद्र सिंह, शिवनाथ सिंह और रवि सिंह से विवाद हो गया था। विश्वराज सिंह ने आरोप लगाया था कि इन लोगों ने उन्हें और उनके भतीजे वीरेश सिंह को लाठी-डंडों से पीटा। विश्वराज सिंह की शिकायत पर 9 अप्रैल को आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। हालांकि, दूसरे पक्ष ने भी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन उनकी एफआईआर दर्ज नहीं की गई। थानाध्यक्ष कुलदीप सिंह पर आरोप है कि उन्होंने इस मामले में पीड़ित पक्ष को छोड़कर विपक्षी की एफआईआर दर्ज कर ली। दूसरा मामला अपहरण से संबंधित है। टड़ियावां थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने 9 अप्रैल को अपहरण की धारा में एफआईआर दर्ज कराई थी। महिला ने बताया था कि 7 अप्रैल की रात उनकी 18 वर्षीय बेटी बिना बताए कहीं चली गई थी। पुलिस ने युवती को खोज निकाला था। इस मामले में थानाध्यक्ष पर आरोप है कि पीड़िता के थाने में उपस्थित होने के बावजूद उसके बयान समय से न्यायालय में दर्ज नहीं कराए गए। पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने इन दोनों मामलों का संज्ञान लेते हुए थानाध्यक्ष कुलदीप सिंह को निलंबित कर दिया और उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी दिए हैं। पुलिस अधीक्षक ने सभी पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने कर्तव्य और दायित्वों का पूरी ईमानदारी से पालन करें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी ने भी अपने कर्तव्यों में शिथिलता बरती तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


