छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने बुधवार को बोर्ड परीक्षाओं के नतीजे जारी कर दिए हैं। इसमें बिलासपुर जिला मुंगेली, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कोरबा जैसे जिलों से भी पिछड़ गया। प्रदेश के 33 जिलों में 10वीं में जिले को 30वां और 12वीं में 27वां स्थान मिला। 10वीं में इस बार 65.03% और 12वीं में 79.19 प्रतिशत स्टूडेंट्स सफल रहे। जिले में मिशन-90 अभियान चलाने के बाद भी रिजल्ट में गिरावट आई, जिससे अफसरों के साथ ही पैरेंट्स की चिंता बढ़ गई है। पिछले साल 2025 में बिलासपुर 10वीं में 19वें और 12वीं में 17वें स्थान पर था। इस बार रैंकिंग खिसकने से जिले के ओवरऑल प्रदर्शन के साथ जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे मिशन-90 पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पिछले साल की तुलना में खराब रिजल्ट 10वीं कक्षा में इस साल 65.03% और 12वीं कक्षा में 79.19% छात्र पास हुए हैं। जबकि पिछले साल 10वीं में 75.60% और 12वीं में 82.87% छात्र सफल हुए थे। इस साल 10वीं के परिणाम में करीब 10% और 12वीं के परिणाम में लगभग 3% की गिरावट आई है। संभाग के सात जिलों में भी 5वां और 6वां स्थान यह हाल तब है, जबकि बीते दो साल से जिला प्रशासन मिशन-90 अभियान चला रहा है। इसके बावजूद बिलासपुर जिले की रैंकिंग में गिरावट आई है। हालात ये हैं कि संभाग के 7 जिलों में भी बिलासपुर 5वें और 6वें स्थान पर है। जानिए… क्या है सरकार का मिलन-90 अभियान
मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान के तहत पिछले दो साल से ‘मिशन 90 प्लस’ परीक्षा परिणाम उन्नयन कार्यक्रम’ शुरू किया गया है। जिले के कलेक्टर के मार्गदर्शन में यह कार्यक्रम चलाया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सरकारी हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों में पढ़ने वाले 10वीं और 12वीं के छात्रों को बेहतर शिक्षा देना है। इसके तहत छात्रों को बेहतर मार्गदर्शन और जरूरी शैक्षिक सुविधाएं भी दी जाती हैं। इस अभियान का लक्ष्य है कि बोर्ड परीक्षाओं में 90 प्रतिशत से अधिक परिणाम हासिल किए जा सकें। जानिए…संभाग के 7 जिलों में 10वीं के नतीजे माही ने कहा- अपने गोल पर फोकस कर नियमित पढ़ाई करें छात्र कक्षा 10वीं में प्रदेश में 9वां रैंक हासिल करने वाली माही कश्यप, स्वामी आत्मानंद गर्वमेंट उत्कर्ष हिंदी मीडियम स्कूल सीपत की छात्रा हैं। उनके पिता एनटीपीसी में कार्यरत हैं, जबकि मां गृहिणी हैं। माही बताती हैं कि उन्होंने रोजाना 2-3 घंटे नियमित पढ़ाई की और कोचिंग का भी सहारा लिया। मोबाइल का उपयोग सीमित रखा, जिससे पढ़ाई पर फोकस बना रहा। उनका मानना है कि सफलता के लिए अनुशासन और निरंतरता जरूरी है। वे कहती हैं कि छात्रों को अपने लक्ष्य पर ध्यान रखते हुए घरवालों की सलाह मानकर नियमित पढ़ाई करनी चाहिए, तभी सफलता मिलती है। बेसिक्स मजबूत रखें, तभी समझ आएंगे कॉन्सेप्ट-नैनसी कक्षा 10वीं में प्रदेश में 10वां रैंक हासिल करने वाली नैनसी ठाकुर, स्वामी आत्मानंद गर्वमेंट उत्कर्ष इंग्लिश मीडियम स्कूल चकरभाठा की छात्रा हैं। वे तिफरा के कालिका नगर की रहने वाली हैं और सामान्य परिवार से आती हैं। नैनसी के पिता रेलवे ठेकेदार के अधीन काम करते हैं, जबकि मां गृहिणी हैं। सीमित संसाधनों के बीच नैनसी ने रोज करीब 5 घंटे पढ़ाई की। विज्ञान और गणित के लिए उन्होंने ट्यूशन लिया, जबकि मोबाइल का उपयोग बहुत कम किया। नैनसी ने बताया कि परीक्षा अच्छी गई थी, लेकिन इतने अच्छे अंक आने की उम्मीद नहीं थी। आगे वे गणित विषय लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करना चाहती हैं, हालांकि अभी लक्ष्य तय नहीं किया है। उन्होंने छात्रों से कहा कि अपने बेसिक्स मजबूत रखें, क्योंकि उसी से आगे के कॉन्सेप्ट समझ में आते हैं।


