रामगढ़ जिले के भदानीनगर ओपी क्षेत्र अंतर्गत मतकमा चौक स्थित राजनंदनी मैरेज पैलेस एंड रेस्टोरेंट में एक सगाई समारोह के दौरान अचानक बड़ा हादसा हो गया। सेंट्रल सौंदा निवासी ममता कुमारी और चितरपुर रजरप्पा प्रोजेक्ट निवासी विशाल कुमार की सगाई धूमधाम से चल रही थी। परिजनों और रिश्तेदारों की मौजूदगी में पुरोहित द्वारा विधि-विधान से पूजा संपन्न कराई जा चुकी थी। अंगूठी पहनाने की तैयारी हो रही थी। इसी बीच दुल्हन ममता को कपड़े बदलने के लिए परिजन कमरे में ले गए। लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि अगले ही पल खुशियां मातम में बदल जाएंगी। समारोह में अफरातफरी मच जाएगी। निर्माणाधीन दीवार गिरी, मलबे में दबे लोग जैसे ही ममता अपने परिजनों के साथ कमरे में पहुंची, उसी समय बगल में स्थित राजघराना बिल्डिंग मटेरियल मॉल की निर्माणाधीन दीवार भरभराकर गिर गई। दीवार की ऊंचाई अधिक होने के कारण उसका मलबा एस्बेस्टस की छत को तोड़ते हुए सीधे कमरे में आ गिरा। अंदर मौजूद लोग मलबे में दब गए। हादसे के बाद चीख-पुकार मच गई। समारोह में शामिल लोग बचाव के लिए दौड़ पड़े। काफी मशक्कत के बाद परिजनों ने मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला। घायलों को तत्काल भुरकुंडा सीसीएल अस्पताल पहुंचाया। इस दुर्घटना में दुल्हन ममता कुमारी को सिर में गंभीर अंदरूनी चोट लगी। वहीं 2 वर्षीय कियांश और डेढ़ वर्षीय बच्ची फुचकी को भी गंभीर चोटें आईं। इसके अलावा करिश्मा कुमारी, आरती कुमारी, रानी कुमारी समेत कई अन्य लोग घायल हुए, जबकि बचाव के दौरान आर्यन का हाथ जख्मी हो गया। संचालक और स्टाफ फरार, मुआवजे पर बनी सहमति हादसे के तुरंत बाद मैरेज हॉल का संचालक और वहां मौजूद स्टाफ मौके से फरार हो गया, जिससे परिजनों का गुस्सा भड़क उठा। परिजनों ने आरोप लगाया कि मलबे में गिरे लोहे के एंगल में करंट दौड़ रहा था, लेकिन बिजली आपूर्ति बंद नहीं की गई। जिससे फंसे लोगों को करंट का झटका लगता रहा। सूचना मिलते ही पतरातू इंस्पेक्टर सत्येंद्र सिंह, भदानीनगर ओपी प्रभारी मो. अख्तर अली और एसआई सोमाय सोय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। परिजन लगातार संचालक को बुलाने और जिम्मेदारी तय करने की मांग करते रहे। करीब तीन घंटे बाद संचालक के पहुंचने पर घायल लोगों के इलाज और समारोह में हुए खर्च की भरपाई को लेकर सहमति बनी, जिसके बाद मामला शांत हुआ। रामगढ़ जिले के भदानीनगर ओपी क्षेत्र अंतर्गत मतकमा चौक स्थित राजनंदनी मैरेज पैलेस एंड रेस्टोरेंट में एक सगाई समारोह के दौरान अचानक बड़ा हादसा हो गया। सेंट्रल सौंदा निवासी ममता कुमारी और चितरपुर रजरप्पा प्रोजेक्ट निवासी विशाल कुमार की सगाई धूमधाम से चल रही थी। परिजनों और रिश्तेदारों की मौजूदगी में पुरोहित द्वारा विधि-विधान से पूजा संपन्न कराई जा चुकी थी। अंगूठी पहनाने की तैयारी हो रही थी। इसी बीच दुल्हन ममता को कपड़े बदलने के लिए परिजन कमरे में ले गए। लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि अगले ही पल खुशियां मातम में बदल जाएंगी। समारोह में अफरातफरी मच जाएगी। निर्माणाधीन दीवार गिरी, मलबे में दबे लोग जैसे ही ममता अपने परिजनों के साथ कमरे में पहुंची, उसी समय बगल में स्थित राजघराना बिल्डिंग मटेरियल मॉल की निर्माणाधीन दीवार भरभराकर गिर गई। दीवार की ऊंचाई अधिक होने के कारण उसका मलबा एस्बेस्टस की छत को तोड़ते हुए सीधे कमरे में आ गिरा। अंदर मौजूद लोग मलबे में दब गए। हादसे के बाद चीख-पुकार मच गई। समारोह में शामिल लोग बचाव के लिए दौड़ पड़े। काफी मशक्कत के बाद परिजनों ने मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला। घायलों को तत्काल भुरकुंडा सीसीएल अस्पताल पहुंचाया। इस दुर्घटना में दुल्हन ममता कुमारी को सिर में गंभीर अंदरूनी चोट लगी। वहीं 2 वर्षीय कियांश और डेढ़ वर्षीय बच्ची फुचकी को भी गंभीर चोटें आईं। इसके अलावा करिश्मा कुमारी, आरती कुमारी, रानी कुमारी समेत कई अन्य लोग घायल हुए, जबकि बचाव के दौरान आर्यन का हाथ जख्मी हो गया। संचालक और स्टाफ फरार, मुआवजे पर बनी सहमति हादसे के तुरंत बाद मैरेज हॉल का संचालक और वहां मौजूद स्टाफ मौके से फरार हो गया, जिससे परिजनों का गुस्सा भड़क उठा। परिजनों ने आरोप लगाया कि मलबे में गिरे लोहे के एंगल में करंट दौड़ रहा था, लेकिन बिजली आपूर्ति बंद नहीं की गई। जिससे फंसे लोगों को करंट का झटका लगता रहा। सूचना मिलते ही पतरातू इंस्पेक्टर सत्येंद्र सिंह, भदानीनगर ओपी प्रभारी मो. अख्तर अली और एसआई सोमाय सोय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। परिजन लगातार संचालक को बुलाने और जिम्मेदारी तय करने की मांग करते रहे। करीब तीन घंटे बाद संचालक के पहुंचने पर घायल लोगों के इलाज और समारोह में हुए खर्च की भरपाई को लेकर सहमति बनी, जिसके बाद मामला शांत हुआ।


