KGMU की डायलिसिस यूनिट 10 मई तक बंद होने की सूचना से बुधवार को मरीजों और तीमारदारों में हड़कंप मच गया। यूनिट के बाहर चस्पा नोटिस को देखकर लोग असमंजस में पड़ गए, खासकर वे मरीज जिनकी इन तारीखों में डायलिसिस की निर्धारित डेट थी।
शताब्दी भवन स्थित नेफ्रोलॉजी विभाग में संचालित इस यूनिट में 28 मशीनों के जरिए 24 घंटे डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध है। यहां प्रदेश भर से किडनी के मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। रोजाना 150 से अधिक मरीजों की डायलिसिस की जाती है।
नोटिस में तकनीकी कारणों से 30 अप्रैल से 10 मई तक यूनिट का संचालन आंशिक रूप से बंद रहने की जानकारी दी गई थी। मरीजों को नजदीकी जिला अस्पताल या मेडिकल कॉलेज में डायलिसिस कराने की सलाह दी गई थी। इससे पूरे दिन अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। सोशल मीडिया पर भी यह सूचना तेजी से फैल गई। मरीजों को नहीं होगी कोई असुविधा मामले के तूल पकड़ने पर देर शाम KGMU प्रशासन सक्रिय हुआ। संस्थान के प्रवक्ता डॉ.केके सिंह ने बताया कि पुरानी कंपनी का टेंडर 30 अप्रैल को समाप्त हो रहा है और नई कंपनी को अपनी मशीनें और अन्य व्यवस्थाएं स्थापित करनी थीं, इसी वजह से नोटिस लगाया गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जब तक नई कंपनी पूरी तरह से कार्यभार संभालने के लिए तैयार नहीं हो जाती, तब तक पुरानी कंपनी ही डायलिसिस यूनिट का संचालन जारी रखेगी। इससे मरीजों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होगी।


