Rajasthan: अंधविश्वास के चलते जिंदगी-मौत से लड़ रहा मासूम, इलाज के नाम पर गर्म सरियों से दागा, हालत गंभीर

Rajasthan: अंधविश्वास के चलते जिंदगी-मौत से लड़ रहा मासूम, इलाज के नाम पर गर्म सरियों से दागा, हालत गंभीर

भीलवाड़ा। आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं और जागरूकता अभियानों के बावजूद अंधविश्वास आज भी मासूम जिंदगियों पर भारी पड़ रहा है। जिले के रायपुर थाना क्षेत्र के खेमाणा गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां सांस की बीमारी से जूझ रहे तीन वर्षीय मासूम को इलाज के नाम पर गर्म सरियों से दाग दिया गया। इस अमानवीय कृत्य के बाद बच्चे की हालत और बिगड़ गई और अब वह अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहा है।

जानकारी के अनुसार, खेमाणा गांव निवासी भैरूलाल भील के तीन साल के बेटे उदय को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। परिजनों ने उसे डॉक्टर के पास ले जाने के बजाय अंधविश्वास का सहारा लिया। ननिहाल पक्ष के लोगों ने ‘डाम’ नामक कुप्रथा के तहत गर्म लोहे की सलाखों से बच्चे के शरीर को कई जगह दाग दिया, जिससे उसके शरीर पर गहरे जख्म हो गए।

तबीयत बिगड़ने पर परिजन खबराए

दर्द से तड़पते मासूम की हालत बिगड़ने पर परिजन घबरा गए और उसे तत्काल भीलवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल के मातृ एवं शिशु चिकित्सालय में भर्ती कराया।

बच्चे की स्थिति नाजुक

अस्पताल में बच्चे को पीआईसीयू वार्ड में रखा गया है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उसकी निगरानी कर रही है। चिकित्सकों के अनुसार, बच्चे के शरीर पर गंभीर जलन के घाव हैं और संक्रमण का खतरा भी बना हुआ है। उसकी स्थिति नाजुक बनी हुई है।

पुलिस हुई सक्रिय

इधर, घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस भी सक्रिय हो गई है। पुलिस यह जांच कर रही है कि यह कृत्य परिजनों ने खुद किया या किसी भोपे या तांत्रिक के कहने पर अंजाम दिया गया। दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की बात भी कही जा रही है।

जागरूकता की कमी

यह घटना एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में फैले अंधविश्वास की गहरी जड़ों को उजागर करती है। सरकार और प्रशासन द्वारा लगातार जागरूकता अभियान चलाए जाने के बावजूद ‘डाम’ जैसी खतरनाक कुप्रथाएं अब भी जारी हैं। यह न सिर्फ बच्चों के स्वास्थ्य के लिए घातक है, बल्कि समाज में शिक्षा और वैज्ञानिक सोच की कमी को भी दर्शाता है।

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