डूंगरपुर के प्राचीन मुरला गणेश मंदिर में 22वां पाटोत्सव धार्मिक आस्था के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर भगवान गणेश का आकर्षक श्रृंगार किया गया, उन्हें 1001 मोदकों का भोग लगाया गया और वेदोक्त मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ कुंड में आहुतियां दी गईं। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने इस धार्मिक अनुष्ठान में भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित किया। सिद्धिदाता मुरला गणेश सेवा मंडल के अध्यक्ष प्रवीण गेबीलाल श्रीमाल के मार्गदर्शन में यह आयोजन हुआ। आचार्य मिनेश जोशी के सानिध्य में यजमान परिवार योगेश रणछोड़ लाल श्रीमाल ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भगवान मुरला गणेश का अभिषेक किया। इसके बाद वेदोक्त मंत्रों के साथ देवताओं का आवाहन कर विशेष पूजा की गई। मंडल के सहसचिव मुकेश श्रीमाल ने बताया कि गणपति अथर्वशीर्ष के पाठ के साथ 1001 मोदकों का हवन यजमान परिवार योगेश रणछोड़ लाल श्रीमाल, सह यजमान दीपक बाबूलाल श्रीमाल, नागेन्द्र सिंह चौहान, ललित जोशी एवं परिवारजनों द्वारा किया गया। मंदिर की ध्वजा यजमान प्रकाश महावर द्वारा परिवर्तित की गई। शाम के समय नारियल होम के साथ पूर्णाहुति संपन्न हुई। पूर्णाहुति के बाद पदम कुमार जैन परिवार की ओर से महाआरती उतारी गई। इसके उपरांत महाप्रसाद का आयोजन किया गया, जिसमें शहर के अनेक श्रद्धालुओं ने भाग लिया। मंडल के कोषाध्यक्ष नितिन श्रीमाल के नेतृत्व में भगवान मुरला गणेश का विशेष और मनोहारी श्रृंगार किया गया। वहीं जितेंद्र जोशी कनबा, जितेंद्र पंड्या लीलवासा, दीपक भट्ट, मनीष जोशी, दर्शित पंड्या एवं दत्तेश मेहता द्वारा 1200 अथर्वशीर्ष पाठ किए गए। कार्यक्रम के अंत में मंडल के उपाध्यक्ष चंद्रकांत वसीटा ने शहरवासियों एवं समस्त सनातन समाज का आभार व्यक्त किया। इस आयोजन में विभिन्न सामाजिक, धार्मिक संगठनों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।


