झांसी में 25 अप्रैल को सिपाही ने थार गाड़ी से बुलंदेखंड यूनिवर्सिटी के रिटायर्ड असिस्टेंड रजिस्ट्रार मनीराम वर्मा (70) को रौंद दिया था। इससे उनकी मौत हो गई थी। ये थार 7 महीने पहले एक गाय के बछड़े को भी मार चुकी है। इस वजह से ये गाड़ी फिर से चर्चा में आ गई है। तब बछड़ा सड़क पर बैठा था, ड्राइवर ने लापरवाही से गाड़ी चलाते हुए बछड़े को कुचल दिया था। इससे बछड़े की मौत हो गई थी। हालांकि तब ड्राइवर दूसरे था। इसके अलावा ये थार शहर में फरार्टा भरती है। इस गाड़ी के ओवरस्पीड के 3 चालान भी कट चुके हैं। घर का सामान लेने जा रहे थे मनीराम वर्मा एरच थाना क्षेत्र के भदरवारा गांव के रहने वाले थे। वह बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी में असिस्टेंड रजिस्टार के पद से रिटायर हुए थे। परिवार के साथ यूनिवर्सिटी कैंपस में ही रहते थे। शनिवार दोपहर करीब 12 बजे वह घर से स्कूटी लेकर निकले थे। वो कैंपस के बाहर दुकान से सामान लेने जा रहे थे। तभी कैंपस के अंदर परीक्षा भवन की तरफ से तेज गति में आ रही काले रंग की THAR गाड़ी ने उनकी स्कूटी को टक्कर मार दी। इसके बाद वह THAR के अगले पहिए के नीचे दब गए। 20 मीटर घिसटने के बाद उनकी स्कूटी भी THAR के नीचे फंस गई। हादसे के बाद पुलिसवालों ने THAR रोकी और गाड़ी छोड़कर भाग गए। सिक्योरिटी गार्डों ने अन्य लोगों की मदद से THAR को हटाया। मनीराम वर्मा को मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। आरोपी सिपाही रजत को गिरफ्तार कर सस्पेंड कर दिया गया। यही थार चला रहा था। सड़क पर बैठा था बछड़ा 7 सितंबर 2025 को प्रेमनगर के प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक के सामने कुछ गाय और बछड़े बैठे थे। तभी एक थार गाड़ी आई और बछड़े को कुचलते हुए चली गई। इससे बछड़े की मौत हो गई थी। पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में घटना रिकॉर्ड हो गई। तब वीडियो तेजी से वायरल हुआ था। पुलिस ने केस दर्ज करके सीपरी बाजार के रॉयल सिटी निवासी हरिशंकर उर्फ आनंद को गिरफ्तार किया था। इस बार इसे सिपाही रजत चला रहा था। हालांकि ये थार गाड़ी प्रेमनगर के प्रभात अग्रवाल के नाम पर रजिस्ट्रर्ड है।


