20 नवंबर 2018, मेड़ता रोड बाईपुरा मोहल्ले में सन्नाटा था। उस सन्नाटे में एक मकान के भीतर जो कुछ घट रहा था, उसकी भनक किसी को नहीं थी। दोपहर के करीब ढाई बजे थे। शरीफन के बच्चे स्कूल गए हुए थे। अचानक शरीफन की बहन और मां उसके घर पहुंचीं। उन्होंने बार-बार दरवाजा खटखटाया, आवाजें दीं, लेकिन घर के अंदर से कोई जवाब नहीं आया। एक अजीब सी खामोशी ने उनके दिल में दहशत पैदा कर दी। जब काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला, उन्होंने तुरंत अपने भतीजे को बुलाया। भतीजे ने जोर से लात मारी और लकड़ी के दरवाजे की चिटखनी टूट गई। दरवाजा खुलते ही जो नजारा सामने था, उससे सबकी रूह कांप गई। कमरे के फर्श पर खून बह रहा था। बीचों-बीच शरीफन की लाश पड़ी थी, जिसकी गर्दन से खून निकल रहा था। उसी के पास एक और शख्स पड़ा था जो तड़प रहा था। उसके गले पर भी गहरे जख्म थे और वह लहूलुहान हालत में आंखें घुमाकर उन्हें देख रहा था। शरीफन का पति अब्दुल रशीद पिछले आठ सालों से दुबई में था। शरीफन अपने तीन बच्चों के साथ मकान में रहती थी। वारदात वाले दिन भी तीनों बच्चे स्कूल गए हुए थे। स्कूल जाने से पहले शरीफन ने बड़े बेटे को कहा कि आज टिफिन लेकर मत जाना। हम सभी गांव चलेंगे। बेटे ने भी कहा कि ठीक है आज स्कूल से लंच में ही आ जाएंगे। लेकिन उस दिन वे लंच में घर नहीं आ सके। लंच के दौरान भी बच्चों ने स्कूल से फोन लगाया लेकिन मां ने नहीं उठाया। स्कूल की छुट्टी होने के बाद बच्चे लौटे तो घर पर भारी भीड़ थी। बच्चों को किसी ने बताया कि उनकी मां का मर्डर हो गया है। इस बीच वारदात की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। शरीफन के पास जो शख्स तड़पता हुआ मिला, उसकी पहचान लतीफ के रूप में हुई। इनके पास कागज का एक टुकड़ा पड़ा था। खून से सने कागज के टुकड़े पर लिखा था-उम्मेदा उन दोनों की मौत का जिम्मेदार है। इस वारदात से मोहल्ले में सनसनी फैल गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने सबसे पहले घायल लतीफ को अस्पताल भिजवाया। मृतका के परिजनों से पूछताछ में सामने आता है कि वारदात के दिन वे पहले भी मृतका के घर गए थे। उस वक्त मकान का दरवाजा बंद था तो वे लौट गए। दो घंटे बाद वापस घर गए तब भी गेट बंद था। उन्हें अनहोनी की आशंका हुई। ऐसे में भतीजे को बुलाकर गेट को लात मारकर खुलवाया। अब पुलिस के सामने सवाल ये था कि आखिर इस वारदात को किसने अंजाम दिया। कमरे की चटखनी अंदर से बंद थी तो ये साफ था कि अंदर कोई नहीं आया था। फिर मृतका शरीफन और घायल लतीफ पर हमला किसने किया। इसके साथ ही बड़ा सवाल ये था कि आखिर कागज पर वो पैगाम किसने लिखा था। कल राजस्थान क्राइम फाइल्स पार्ट-2 में पढ़िए आगे की कहानी…


