नालंदा में भाजपा जन आक्रोश महिला सम्मेलन:बीजेपी नेता पूनम शर्मा बोलीं- विपक्षी दलों की मानसिकता महिला विरोधी, हर हाल में लेकर रहेंगी 33 प्रतिशत आरक्षण

नालंदा में भाजपा जन आक्रोश महिला सम्मेलन:बीजेपी नेता पूनम शर्मा बोलीं- विपक्षी दलों की मानसिकता महिला विरोधी, हर हाल में लेकर रहेंगी 33 प्रतिशत आरक्षण

भारतीय जनता पार्टी, नालंदा के तत्वावधान में सोमवार को शहर के भैसासुर, सुंदरगढ़ स्थित ब्रिलियंट कान्वेंट स्कूल के प्रांगण में ‘जन आक्रोश महिला सम्मेलन’ का आयोजन किया गया। यह सम्मेलन संसद में विपक्षी दलों की ओर से नारी शक्ति वंदन विधेयक का विरोध कर उसे गिराने के खिलाफ आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा नेत्री सह प्रदेश नागरिक परिषद की सदस्य डॉ. पूनम शर्मा शामिल हुईं। कार्यक्रम की अध्यक्षता और मंच संचालन भाजपा जिला उपाध्यक्ष एडवोकेट तेजस्विता राधा ने किया। पूनम शर्मा ने कहा- विपक्षी नेता अपने परिवार की महिलाओं को संसद में पहुंचाते हैं सम्मेलन को संबोधित करते हुए डॉ. पूनम शर्मा ने विपक्षी नेताओं पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी, तेजस्वी यादव, अखिलेश यादव, ममता बनर्जी और पप्पू यादव जैसे नेताओं की मानसिकता पूरी तरह महिला विरोधी है। उन्होंने आरोप लगाया कि ये नेता केवल अपने परिवार की महिलाओं को ही संसद और सत्ता के शीर्ष पर देखना चाहते हैं। ‘भाजपा का यह आंदोलन और विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा’ विपक्षी दलों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लाए गए ऐतिहासिक नारी शक्ति वंदन विधेयक को रोककर यह साबित कर दिया है कि वे देश की गरीब और साधारण परिवार की महिलाओं को राजनीति में बराबरी का हक देने के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने हुंकार भरते हुए कहा कि देश की करोड़ों महिलाएं इस अपमान को बर्दाश्त नहीं करेंगी और आने वाले समय में इन दलों को करारा जवाब देंगी। डॉ. शर्मा ने स्पष्ट किया कि जब तक महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण का संवैधानिक अधिकार नहीं मिल जाता, तब तक भाजपा का यह आंदोलन और विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। हाथों में तख्ती लेकर विपक्षी दलों, नेताओं के खिलाफ नारेबाजी सम्मेलन के समापन के पश्चात डॉ. पूनम शर्मा और एडवोकेट तेजस्विता राधा के नेतृत्व में सैकड़ों महिलाओं ने कड़ी धूप की परवाह न करते हुए भैसासुर चौक तक विशाल आक्रोश मार्च निकाला। हाथों में तख्तियां लिए महिलाएं विपक्षी दलों और उनके नेताओं के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रही थीं। मार्च के दौरान महिलाओं ने विपक्षी गठबंधन पर महिला विरोधी होने का आरोप लगाते हुए अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। इस अवसर पर भारी संख्या में स्थानीय महिलाएं और भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित थे, जिन्होंने एक स्वर में नारी शक्ति के अधिकार की लड़ाई को तेज करने का संकल्प लिया। भारतीय जनता पार्टी, नालंदा के तत्वावधान में सोमवार को शहर के भैसासुर, सुंदरगढ़ स्थित ब्रिलियंट कान्वेंट स्कूल के प्रांगण में ‘जन आक्रोश महिला सम्मेलन’ का आयोजन किया गया। यह सम्मेलन संसद में विपक्षी दलों की ओर से नारी शक्ति वंदन विधेयक का विरोध कर उसे गिराने के खिलाफ आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा नेत्री सह प्रदेश नागरिक परिषद की सदस्य डॉ. पूनम शर्मा शामिल हुईं। कार्यक्रम की अध्यक्षता और मंच संचालन भाजपा जिला उपाध्यक्ष एडवोकेट तेजस्विता राधा ने किया। पूनम शर्मा ने कहा- विपक्षी नेता अपने परिवार की महिलाओं को संसद में पहुंचाते हैं सम्मेलन को संबोधित करते हुए डॉ. पूनम शर्मा ने विपक्षी नेताओं पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी, तेजस्वी यादव, अखिलेश यादव, ममता बनर्जी और पप्पू यादव जैसे नेताओं की मानसिकता पूरी तरह महिला विरोधी है। उन्होंने आरोप लगाया कि ये नेता केवल अपने परिवार की महिलाओं को ही संसद और सत्ता के शीर्ष पर देखना चाहते हैं। ‘भाजपा का यह आंदोलन और विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा’ विपक्षी दलों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लाए गए ऐतिहासिक नारी शक्ति वंदन विधेयक को रोककर यह साबित कर दिया है कि वे देश की गरीब और साधारण परिवार की महिलाओं को राजनीति में बराबरी का हक देने के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने हुंकार भरते हुए कहा कि देश की करोड़ों महिलाएं इस अपमान को बर्दाश्त नहीं करेंगी और आने वाले समय में इन दलों को करारा जवाब देंगी। डॉ. शर्मा ने स्पष्ट किया कि जब तक महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण का संवैधानिक अधिकार नहीं मिल जाता, तब तक भाजपा का यह आंदोलन और विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। हाथों में तख्ती लेकर विपक्षी दलों, नेताओं के खिलाफ नारेबाजी सम्मेलन के समापन के पश्चात डॉ. पूनम शर्मा और एडवोकेट तेजस्विता राधा के नेतृत्व में सैकड़ों महिलाओं ने कड़ी धूप की परवाह न करते हुए भैसासुर चौक तक विशाल आक्रोश मार्च निकाला। हाथों में तख्तियां लिए महिलाएं विपक्षी दलों और उनके नेताओं के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रही थीं। मार्च के दौरान महिलाओं ने विपक्षी गठबंधन पर महिला विरोधी होने का आरोप लगाते हुए अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। इस अवसर पर भारी संख्या में स्थानीय महिलाएं और भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित थे, जिन्होंने एक स्वर में नारी शक्ति के अधिकार की लड़ाई को तेज करने का संकल्प लिया।  

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