‘मुझे बाद में एहसास हुआ’ आखिरी ओवर में लगातार 4 छक्के मारने को लेकर रिंकू सिंह का बड़ा खुलासा

‘मुझे बाद में एहसास हुआ’ आखिरी ओवर में लगातार 4 छक्के मारने को लेकर रिंकू सिंह का बड़ा खुलासा

Rinku Singh on 4 consecutive sixes: रिंकू सिंह ने रविवार रात केकेआर की जीत में अहम भूमिका निभाई। उन्‍होंने आखिरी ओवर में दिग्‍वेश राठी को लगातार छक्‍के मारकर टीम को फाइटिंग टोटल तक पहुंचाया। इस शानदार प्रदर्शन के लिए उन्‍हें प्‍लेयर ऑफ द मैच चुना गया। 

Rinku Singh on 4 consecutive sixes: आईपीएल 2026 के 38वें मुकाबले में रविवार रात कोलकाता नाइट राइडर्स ने लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ सुपर ओवर में शानदार जीत दर्ज की है। लखनऊ के भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए इस मैच में जीत के साथ ही केकेआर पॉइंट्स टेबल में आखिरी से दो पायदान की छलांग के साथ 8वें स्‍थान पर पहुंच गई है। केकेआर की मैच के हीरो रिंकू सिंह रहे, जिन्‍होंने महज 51 गेंदों पर 7 चौके और 5 छक्‍कों की मदद से नाबाद 83 रनों की पारी खेली और चार कैच भी पकड़े। इस उम्‍दा प्रदर्शन के लिए उन्‍हें प्‍लेयर ऑफ द मैच के अवॉर्ड से नवाजा गया। टीम को दूसरी जीत दिलाने के बाद रिंकू बेहद खुश नजर आए।

आपका नाम बदलकर ‘रिंकू संकटमोचन’ रख देना चाहिए?

मैच के बाद रिंकू सिंह से सवाल किया गया कि क्या हमें आपका नाम बदलकर ‘रिंकू संकटमोचन’ रख देना चाहिए? इस पर वह मुस्‍कुराते हुए बोले, नहीं रिंकू ही ठीक है। मुश्किल परिस्थितियों में आपकी सोच क्या होती है? इस पर उन्‍होंने कहा कि जब भी मैं बल्लेबाजी करने जाता हूं और टीम के 3-4 विकेट पहले ही गिर चुके होते हैं तो मेरा पूरा ध्यान इस बात पर होता है कि मैं कैसे खेल को नियंत्रित करूं और आगे बढ़ाऊं।

मैं सोचता हूं कि स्ट्राइक कैसे रोटेट करूं, सिंगल और डबल कैसे लूं और कहां-कहां चौके-छक्के लगा सकता हूं। मेरा मुख्य लक्ष्य हमेशा यही होता है कि मैं खेल को आखिर तक ले जाऊं।

‘मुझे बाद में एहसास हुआ’

आज रात के लिए क्या योजना थी? इस पर रिंकू ने कहा कि योजना बहुत सीधी-सादी थी। विकेट गिर चुके थे, इसलिए मैंने सुरक्षित खेलने पर ध्यान दिया, सिंगल और डबल लेकर पारी को आगे बढ़ाया, और जब भी कोई खराब गेंद मिली, उस पर चौका या छक्का लगाया। हालांकि आखिरी ओवरों के लिए शॉट्स बचाकर रखने जैसा कोई पक्का प्लान नहीं था।

मैंने तो बस हालात के हिसाब से रिएक्ट किया। मुझे बाद में एहसास हुआ कि एक स्पिनर (दिग्‍वेश राठी) बॉलिंग कर रहा है, तो मैंने उसी हिसाब से खुद को एडजस्ट कर लिया।

‘अचानक वह मेरी तरफ आ गई’

वहीं, उन्‍होंने अपनी फील्डिंग को लेकर कहा कि मुझे बचपन से ही फील्डिंग बहुत पसंद है। मैं नैचुरली फिट हूं, इसलिए मैं तेजी से दौड़ सकता हूं और मैदान को अच्छे से कवर कर सकता हूं। मुझे फील्डिंग करने में बस बहुत मजा आता है।

क्या आप सुपर ओवर के कैच के लिए तैयार थे? सच कहूं तो, मैं उस कैच के लिए तैयार नहीं था। मुझे लगा था कि गेंद कहीं और जाएगी, लेकिन अचानक वह मेरी तरफ आ गई और मैं उसे पकड़ने में कामयाब रहा।

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