Women Reservation Protest: महिला आरक्षण विधेयक को लेकर देशभर में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के रामपुर में भाजपा महिला नेताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। विधेयक पारित न होने से नाराज महिला कार्यकर्ताओं ने खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की। दिल्ली-लखनऊ हाईवे-9 पर एकत्रित होकर उन्होंने विपक्षी दलों के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए माहौल को पूरी तरह राजनीतिक रंग दे दिया।
विधायक के नेतृत्व में एकजुट हुआ महिला मोर्चा
यह प्रदर्शन मिल्क-शाहबाद क्षेत्र की विधायक राजबाला सिंह के नेतृत्व में आयोजित किया गया, जिसमें जिले भर से भाजपा की महिला पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुईं। बड़ी संख्या में महिलाओं की मौजूदगी ने इस प्रदर्शन को प्रभावशाली बना दिया। सभी कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उनके पुतले जलाकर विरोध दर्ज कराया।
विपक्ष पर महिला विरोधी होने का आरोप
प्रदर्शन के दौरान भाजपा महिला नेताओं ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर महिलाओं के हितों की अनदेखी करने का गंभीर आरोप लगाया। उनका कहना था कि महिला आरक्षण विधेयक जैसे अहम मुद्दे पर भी इन दलों ने बाधाएं खड़ी की हैं, जिससे यह साफ होता है कि वे महिलाओं के सशक्तिकरण के पक्ष में नहीं हैं। इस मुद्दे को लेकर महिलाओं में गहरी नाराजगी देखने को मिली।
आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर भी जताई नाराजगी
महिला कार्यकर्ताओं ने सपा के एक पूर्व नेता द्वारा महिलाओं पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ऐसी मानसिकता रखने वाले नेता समाज में महिलाओं की गरिमा और अधिकारों की रक्षा नहीं कर सकते। इस बयानबाजी को लेकर भी प्रदर्शनकारियों में आक्रोश स्पष्ट रूप से नजर आया।
महिला सशक्तिकरण का बड़ा कदम बताया बिल
प्रदर्शनकारी महिलाओं ने महिला आरक्षण विधेयक को महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया। उनका कहना था कि इस बिल के जरिए महिलाओं को राजनीति में उचित प्रतिनिधित्व मिलेगा, जिससे उनकी आवाज और अधिक मजबूत होगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस विधेयक का विरोध करने वालों को जनता आने वाले समय में जवाब देगी।
हाईवे जाम, पुलिस ने संभाली स्थिति
प्रदर्शन के चलते दिल्ली-लखनऊ हाईवे-9 पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ, जिससे राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित कर लिया। प्रशासन की सक्रियता के चलते प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त हुआ, लेकिन इस घटना ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है।


