Pachpadra Refinery Fire Incident : PM मोदी का सभा स्थल भी जांच के घेरे में- डोम हटाने पर रोक, खुफिया एजेंसियां खंगाल रहीं ‘साजिश’ के सबूत!

Pachpadra Refinery Fire Incident : PM मोदी का सभा स्थल भी जांच के घेरे में- डोम हटाने पर रोक, खुफिया एजेंसियां खंगाल रहीं ‘साजिश’ के सबूत!

राजस्थान के सपनों के प्रोजेक्ट ‘पचपदरा रिफाइनरी’ में लगी आग की घटना ने अब एक गंभीर मोड़ ले लिया है। सीयूडी (CUD) यूनिट में भड़की लपटों के बाद न केवल रिफाइनरी परिसर को सील कर दिया गया है, बल्कि जांच की आंच अब उस ‘रणक्षेत्र’ तक भी पहुंच गई है, जहाँ देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भव्य लोकार्पण समारोह प्रस्तावित था। सुरक्षा एजेंसियों ने प्रधानमंत्री के प्रस्तावित सभा स्थल और वहां बनाए गए विशाल डोम को भी अपनी रडार पर ले लिया है।

डोम और अस्थायी ढांचे हटाने पर रोक

PM Modi Rally Dome
PM Modi Rally Dome

जांच का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि लोकार्पण समारोह के लिए तैयार किए गए टेंट, डोम और अन्य अस्थायी ढांचों को हटाने के कार्य पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियां इसे केवल एक तकनीकी खराबी या हादसा मानकर नहीं चल रही हैं। सभा स्थल को जांच के दायरे में शामिल करना यह संकेत देता है कि कहीं न कहीं इस पूरे घटनाक्रम के पीछे किसी ‘बाहरी हस्तक्षेप’ या ‘सुरक्षा चूक’ के साक्ष्य तलाशे जा रहे हैं।

इंटेलिजेंस और विजिलेंस का ‘पहारा’

गुरुवार को रिफाइनरी परिसर में हलचल तब और तेज हो गई जब पुलिस कार्मिक विभाग के अतिरिक्त महानिदेशक (विजिलेंस) बीजू जॉर्ज जोसफ खुद ग्राउंड जीरो पर पहुँचे।

  • बारीकी से निरीक्षण: एडीजी विजिलेंस के साथ जोधपुर रेंज के आईजी सत्येंद्र सिंह और बालोतरा एसपी रमेश कुमार ने घटनास्थल और सभा स्थल का घंटों बारीकी से मुआयना किया।
  • खुफिया एजेंसियों की एंट्री: राज्य विजिलेंस के साथ-साथ भारतीय खुफिया और सुरक्षा एजेंसियां भी समानांतर रूप से जांच में जुटी हुई हैं। गृह विभाग के निर्देश पर राज्य स्तर पर एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है जो यह देखेगा कि क्या आग लगने का समय और स्थान महज इत्तेफाक था या इसके पीछे कोई बड़ा राजनीतिक/रणनीतिक षड्यंत्र है।

लोकार्पण टला, अब ‘साक्ष्य’ बचाने की जद्दोजहद

निरीक्षण करते मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा। फोटो- पत्रिका
निरीक्षण करते मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा। फोटो- पत्रिका

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पहले ही इस घटना पर दुख जता चुके हैं और अब प्रशासन की पूरी प्राथमिकता साक्ष्यों (Evidence) को सुरक्षित रखना है। घटनास्थल को पूरी तरह से ‘नो-एंट्री जोन’ बना दिया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि डोम हटाने के दौरान कोई महत्वपूर्ण सुराग नष्ट न हो जाए, इसीलिए पूरे पंडाल क्षेत्र को भी सील कर दिया गया है। रिफाइनरी के इंजीनियरों और सुरक्षा ऑडिट टीम से भी लंबी पूछताछ की जा रही है।

राजस्थान की सियासत में ‘आग’ का असर

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पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सीएम भजनलाल शर्मा। फाइल फोटो- पत्रिका

रिफाइनरी की आग ने राजस्थान के राजनीतिक तापमान को बढ़ा दिया है। एक तरफ जहां मुख्यमंत्री ने इसे कांग्रेस की कार्यशैली से जोड़ा है, वहीं दूसरी तरफ सुरक्षा एजेंसियों की मुस्तैदी यह बताती है कि सरकार इस मामले को ‘नेशनल सिक्योरिटी’ से जोड़कर देख रही है। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम से ठीक पहले इस तरह की घटना होना सुरक्षा प्रोटोकॉल पर भी बड़े सवाल खड़े करता है।

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