अवैध बालू खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ दाउदनगर पुलिस ने आज कार्रवाई की है। दाउदनगर थाना पुलिस ने कालीघाट स्थित सोन नदी में छापेमारी कर बालू लदे एक ट्रैक्टर को जब्त किया, हालांकि इस दौरान पुलिस को हमलावर युवकों के विरोध का भी सामना करना पड़ा। एसआई अभिषेक कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम गुरुवार को क्षेत्र में अवैध खनन के खिलाफ अभियान चला रही थी। इसी दौरान कालीघाट के पास सोन नदी में एक सोनालिका ट्रैक्टर पर अवैध बालू लदा देखा गया। पुलिस को देखते ही ट्रैक्टर ड्राइवर गाड़ी लेकर भागने लगा। नदी के रेतीले इलाके के कारण पुलिस गाड़ी से पीछा करना संभव नहीं था, जिसके बाद पुलिसकर्मियों ने पैदल ही पीछा शुरू किया। पुलिस के करीब पहुंचने पर चालक ने चतुराई दिखाते हुए ट्रैक्टर का इंजन अलग किया और मौके से फरार हो गया, जबकि करीब 100 सीएफटी बालू लदी ट्रॉली वहीं छोड़ दी। पुलिस जब जब्ती की कार्रवाई शुरू करने लगी, तभी 15 से 20 की संख्या में युवक मोटरसाइकिल से मौके पर पहुंच गए और पुलिस को धमकाते हुए सरकारी काम में बाधा डालने लगे। आरोप है कि युवकों ने सबूत मिटाने के उद्देश्य से ट्रॉली पर लदे बालू को गिराने का प्रयास भी किया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल अतिरिक्त पुलिस बल को बुलाया गया। भारी संख्या में पुलिस बल पहुंचते ही सभी युवक अपनी तीन मोटरसाइकिलें मौके पर छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने सिपाही राकेश कुमार और गृहरक्षक लक्ष्मण कुमार को गवाह बनाकर ट्रैक्टर ट्रॉली और तीनों मोटरसाइकिलों को जब्त कर लिया। गांव के 10 लोगों की पहचान की घटना की वीडियोग्राफी और स्थानीय जांच के आधार पर अमृत बिगहा गांव के 10 लोगों की पहचान की गई है। नामजद आरोपियों में दीपक कुमार, लालबाबू पासवान, दिलीप कुमार, बुची कुमार, संजय कुमार, मिथिलेश कुमार, पर्वन कुमार, उदल पासवान, जहीर पासवान और शक्ति कुमार शामिल हैं। इसके अलावा 8 से 10 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की गई है। अपर थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार ने बताया कि सरकारी काम में बाधा डालने और अवैध खनन के आरोप में मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, अमृत बिगहा और आसपास के इलाकों में पहले भी इस तरह की घटनाएं सामने आती रही हैं, जहां बालू माफिया संगठित रूप से अवैध खनन करते हैं और कार्रवाई के दौरान पुलिस टीम का विरोध करते हैं। पुलिस ने साफ किया है कि ऐसे तत्वों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी को भी कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अवैध बालू खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ दाउदनगर पुलिस ने आज कार्रवाई की है। दाउदनगर थाना पुलिस ने कालीघाट स्थित सोन नदी में छापेमारी कर बालू लदे एक ट्रैक्टर को जब्त किया, हालांकि इस दौरान पुलिस को हमलावर युवकों के विरोध का भी सामना करना पड़ा। एसआई अभिषेक कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम गुरुवार को क्षेत्र में अवैध खनन के खिलाफ अभियान चला रही थी। इसी दौरान कालीघाट के पास सोन नदी में एक सोनालिका ट्रैक्टर पर अवैध बालू लदा देखा गया। पुलिस को देखते ही ट्रैक्टर ड्राइवर गाड़ी लेकर भागने लगा। नदी के रेतीले इलाके के कारण पुलिस गाड़ी से पीछा करना संभव नहीं था, जिसके बाद पुलिसकर्मियों ने पैदल ही पीछा शुरू किया। पुलिस के करीब पहुंचने पर चालक ने चतुराई दिखाते हुए ट्रैक्टर का इंजन अलग किया और मौके से फरार हो गया, जबकि करीब 100 सीएफटी बालू लदी ट्रॉली वहीं छोड़ दी। पुलिस जब जब्ती की कार्रवाई शुरू करने लगी, तभी 15 से 20 की संख्या में युवक मोटरसाइकिल से मौके पर पहुंच गए और पुलिस को धमकाते हुए सरकारी काम में बाधा डालने लगे। आरोप है कि युवकों ने सबूत मिटाने के उद्देश्य से ट्रॉली पर लदे बालू को गिराने का प्रयास भी किया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल अतिरिक्त पुलिस बल को बुलाया गया। भारी संख्या में पुलिस बल पहुंचते ही सभी युवक अपनी तीन मोटरसाइकिलें मौके पर छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने सिपाही राकेश कुमार और गृहरक्षक लक्ष्मण कुमार को गवाह बनाकर ट्रैक्टर ट्रॉली और तीनों मोटरसाइकिलों को जब्त कर लिया। गांव के 10 लोगों की पहचान की घटना की वीडियोग्राफी और स्थानीय जांच के आधार पर अमृत बिगहा गांव के 10 लोगों की पहचान की गई है। नामजद आरोपियों में दीपक कुमार, लालबाबू पासवान, दिलीप कुमार, बुची कुमार, संजय कुमार, मिथिलेश कुमार, पर्वन कुमार, उदल पासवान, जहीर पासवान और शक्ति कुमार शामिल हैं। इसके अलावा 8 से 10 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की गई है। अपर थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार ने बताया कि सरकारी काम में बाधा डालने और अवैध खनन के आरोप में मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, अमृत बिगहा और आसपास के इलाकों में पहले भी इस तरह की घटनाएं सामने आती रही हैं, जहां बालू माफिया संगठित रूप से अवैध खनन करते हैं और कार्रवाई के दौरान पुलिस टीम का विरोध करते हैं। पुलिस ने साफ किया है कि ऐसे तत्वों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी को भी कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।


