यमुनानगर के रादौर क्षेत्र के गांव भूरे का माजरा में पूर्व सरपंच ऋषिपाल के घर पर हुई ताबड़तोड़ फायरिंग के मामले में अब लगातार नए खुलासे सामने आ रहे हैं। इस केस में जहां पहले ठगी और गैंगस्टर एंगल सामने आया था, वहीं अब जांच में एक और बड़े ठगी मामले और गैंग के नेटवर्क की परतें खुली हैं। 2022 में पंजाब के युवक को ठगा ताजा जांच में खुलासा हुआ है कि फरार पूर्व सरपंच ऋषिपाल पर साल 2022 में भी ठगी का केस दर्ज हो चुका है। पंजाब के अमृतसर जिले के गांव रईया निवासी प्रिंस कुमार ने आरोप लगाया था कि उसे कनाडा भेजने के नाम पर करीब साढ़े आठ लाख रुपए ठग लिए गए। शिकायत के मुताबिक, जून 2022 में प्रिंस दुबई गया था, वहां पर उसे हरजिंद्र मिला था। उसने उसे कहा था कि उसका जीजा ऋषिपाल उर्फ काला गांव भूरे का माजरा का सरपंच है। वह उसे किसी अच्छे देश में भेज सकता है। जिसके बाद ऋषिपाल ने 20 लाख रुपए में बात पक्की की। सरपंच, पत्नी, भाई व दो नौकरों पर हुआ केस दर्ज उसका जीजा काला गांव भूरे का माजरा का रहने वाला है और गांव का सरपंच है। उसने उससे बात की तो उसने कहा कि वह उसे 20 लाख रुपए में कनाडा भेज देगा। पीड़ित ने परिवार का सोना बेचकर और उधार लेकर 29 जून को साढ़े आठ लाख रुपए दिए। लेकिन न तो उसे विदेश भेजा गया और न ही पैसे लौटाए गए। इस मामले में पूर्व सरपंच, उसकी पत्नी, भाई और दो नौकरों के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। इसके बाद जनवरी 2026 में पूर्व सरपंच पर नकली नोटों को असली बनाने का झांसा देकर लोगों से ठगी करने का आरोप है। जिसके बाद से वह अपनी पत्नी के साथ फरार चल रहा है। सरपंच के क्रिमिनल रिकॉर्ड के चलते पुलिस पुराने मामलों को जोड़कर अपनी जांच आगे बढ़ा रही है। फायरिंग केस में गैंग कनेक्शन गहराया वहीं, हाल ही में हुई फायरिंग की वारदात ने गैंगस्टर नेटवर्क की भी परतें खोल दी हैं। पूर्व सरपंच के साले अंकित ने इस फायरिंग में गैंगस्टर नोनी राणा, शुभम पंडित, अनिल उर्फ मोनू गुर्जर और कार्तिक शर्मा का हाथ होने की आशंका जताई है। उधर पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस पूरे मामले में कार्तिक शर्मा का नाम प्रमुख रूप से सामने आया है, जिसे कुख्यात गैंगस्टर नोनी राणा का लोकल हैंडलर बताया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, कार्तिक शर्मा इलाके में गैंग के ऑपरेशन को जमीन पर संचालित करता था। हथियारों की व्यवस्था, शूटरों की मूवमेंट और टारगेट की रेकी जैसे काम उसी के जिम्मे थे। पुलिस को शक है कि गांव में दहशत फैलाने के लिए इस तरह की फायरिंग गैंग की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। इस केस में एक लाख के इनामी बदमाश शुभम पंडित और अन्य अपराधियों की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है। पुलिस इस वारदात को रंगदारी और आपसी गैंग रंजिश से जोड़कर भी देख रही है। तीन बदमाशों ने किए थे 17 राउंड फायर मंगलवार-बुधवार देर रात गांव भूरे का माजरा में पूर्व सरपंच के बंद पड़े घर पर पल्सर बाइक सवार तीन बदमाशों ने 16-17 राउंड फायरिंग की थी। इस दौरान सामने वाले घर में रह रहे उसके साले पर भी गोली चलाई गई, हालांकि वह बाल-बाल बच गया। घटना के बाद बदमाश मौके से फरार हो गए थे। पुलिस को मौके से 17 खाली खोल मिले थे और पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई थी। पुलिस ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू की हुई है।


