औरंगाबाद शहर के दानी बिगहा स्थित सर्किट हाउस में जबरन ठहरने की कोशिश, हंगामा और मारपीट के मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। आठ लोगों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। गिरफ्तार आरोपितों के पास से दो स्कॉर्पियो गाड़ियां, दो दोनाली बंदूक, 38 कारतूस, नौ मोबाइल फोन, एक कैमरा और 23,500 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। सोमवार की देर रात और मंगलवार की सुबह करीब 3 बजे 10 से 15 लोगों का एक समूह तीन गाड़ियों से सर्किट हाउस पहुंचा और वहां ठहरने के लिए कमरों की मांग करने लगा। सर्किट हाउस कर्मियों ने स्पष्ट रूप से बताया कि सभी कमरे पहले से बुक हैं और कोई कमरा खाली नहीं है। इसके बावजूद आरोपितों ने दबाव बनाना शुरू कर दिया और कथित तौर पर अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए जबरन कमरा खुलवाने का प्रयास करने लगे। विधायक चेतन आनंद की पत्नी का दरवाजा जबरन खुलवाने पर बिगड़ा मामला स्थिति तब और बिगड़ गई जब आरोपित एक-एक कमरे के पास जाकर दरवाजे खुलवाने लगे। इसी दौरान एक कमरे में नवीनगर विधायक चेतन आनंद की पत्नी डॉ. आयुषी तोमर ठहरी हुई थीं। उनके कमरे का लॉक खराब होने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से बाहर से ताला लगाया गया था। कमरे के बाहर ताला देखकर आरोपितों ने संदेह जताया और वहां भी हंगामा करने लगे। शोर-शराबा सुनकर डॉ. तोमर बाहर आईं और अन्य लोगों को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद माहौल और तनावपूर्ण हो गया।आरोप है कि इस दौरान सर्किट हाउस के कर्मचारियों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट भी की गई। सूचना मिलने पर नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस को देखते ही कुछ लोग मौके से फरार हो गए, जबकि आठ लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। पंजाब सहित गयाजी के है आरोपी गिरफ्तार लोगों में पंजाब राज्य के अमृतसर जिला के बुड़रा थाना के धरदेव निवासी बलविंदर सिंह, मधुबनी जिला के अरेर थाना के अरेर निवासी सुंदरम कुमार, सिवान जिला के दरौंदा थाना के कोथुआ निवासी आशीष कुमार, गयाजी जिला के गुरारू थाना के बगडीहा निवासी सुरेंद्र कुमार सिंह, पंजाब राज्य के अमृतसर थाना के तरदेव निवासी प्रवीण सेंगर, समस्तीपुर जिला के दलसिंहसराय थाना के सलकनी निवासी रंजन कुमार, समस्तीपुर जिला के सरायरंजन थाना के खेतापुर गांव निवासी गरीबन सहनी, सिवान जिला के दरौंदा थाना के कोथुआ निवासी मनोरंजन सिंह शामिल है। एनकेए संगठन का सुप्रीमो है आरोपी, लड़ चुका है विधानसभा चुनाव पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपितों का संबंध एक युवा नेता नीतीश द्विवेदी से है, जो पूर्व में वीआईपी पार्टी से जुड़ा रहा है। वह पूर्व मंत्री मुकेश साहनी का करीबी माना जाता था। महाराजगंज विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ चुका है। बाद में उसने एनकेए संगठन तैयार किया था। जानकारी मिली कि वह दाउदनगर के किसी शादी समारोह में शामिल होने आया था। जहां से लौट के बाद औरंगाबाद स्थित सर्किट हाउस में ठहरने गया था। घटना के समय वह भी अपने समर्थकों के साथ मौजूद था, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले फरार हो गया। उसके खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की गई है और गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। इस मामले में सर्किट हाउस के कर्मी टुनटुन कुमार के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। नगर थानाध्यक्ष बबन बैठा ने बताया कि सभी गिरफ्तार आरोपितों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है। उनके मोबाइल फोन और अन्य जब्त सामानों की जांच की जा रही है, साथ ही सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सरकारी अतिथिगृह में इस तरह की दबंगई और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फरार आरोपितों की तलाश में छापेमारी जारी है और मामले की जांच गहनता से की जा रही है। औरंगाबाद शहर के दानी बिगहा स्थित सर्किट हाउस में जबरन ठहरने की कोशिश, हंगामा और मारपीट के मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। आठ लोगों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। गिरफ्तार आरोपितों के पास से दो स्कॉर्पियो गाड़ियां, दो दोनाली बंदूक, 38 कारतूस, नौ मोबाइल फोन, एक कैमरा और 23,500 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। सोमवार की देर रात और मंगलवार की सुबह करीब 3 बजे 10 से 15 लोगों का एक समूह तीन गाड़ियों से सर्किट हाउस पहुंचा और वहां ठहरने के लिए कमरों की मांग करने लगा। सर्किट हाउस कर्मियों ने स्पष्ट रूप से बताया कि सभी कमरे पहले से बुक हैं और कोई कमरा खाली नहीं है। इसके बावजूद आरोपितों ने दबाव बनाना शुरू कर दिया और कथित तौर पर अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए जबरन कमरा खुलवाने का प्रयास करने लगे। विधायक चेतन आनंद की पत्नी का दरवाजा जबरन खुलवाने पर बिगड़ा मामला स्थिति तब और बिगड़ गई जब आरोपित एक-एक कमरे के पास जाकर दरवाजे खुलवाने लगे। इसी दौरान एक कमरे में नवीनगर विधायक चेतन आनंद की पत्नी डॉ. आयुषी तोमर ठहरी हुई थीं। उनके कमरे का लॉक खराब होने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से बाहर से ताला लगाया गया था। कमरे के बाहर ताला देखकर आरोपितों ने संदेह जताया और वहां भी हंगामा करने लगे। शोर-शराबा सुनकर डॉ. तोमर बाहर आईं और अन्य लोगों को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद माहौल और तनावपूर्ण हो गया।आरोप है कि इस दौरान सर्किट हाउस के कर्मचारियों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट भी की गई। सूचना मिलने पर नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस को देखते ही कुछ लोग मौके से फरार हो गए, जबकि आठ लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। पंजाब सहित गयाजी के है आरोपी गिरफ्तार लोगों में पंजाब राज्य के अमृतसर जिला के बुड़रा थाना के धरदेव निवासी बलविंदर सिंह, मधुबनी जिला के अरेर थाना के अरेर निवासी सुंदरम कुमार, सिवान जिला के दरौंदा थाना के कोथुआ निवासी आशीष कुमार, गयाजी जिला के गुरारू थाना के बगडीहा निवासी सुरेंद्र कुमार सिंह, पंजाब राज्य के अमृतसर थाना के तरदेव निवासी प्रवीण सेंगर, समस्तीपुर जिला के दलसिंहसराय थाना के सलकनी निवासी रंजन कुमार, समस्तीपुर जिला के सरायरंजन थाना के खेतापुर गांव निवासी गरीबन सहनी, सिवान जिला के दरौंदा थाना के कोथुआ निवासी मनोरंजन सिंह शामिल है। एनकेए संगठन का सुप्रीमो है आरोपी, लड़ चुका है विधानसभा चुनाव पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपितों का संबंध एक युवा नेता नीतीश द्विवेदी से है, जो पूर्व में वीआईपी पार्टी से जुड़ा रहा है। वह पूर्व मंत्री मुकेश साहनी का करीबी माना जाता था। महाराजगंज विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ चुका है। बाद में उसने एनकेए संगठन तैयार किया था। जानकारी मिली कि वह दाउदनगर के किसी शादी समारोह में शामिल होने आया था। जहां से लौट के बाद औरंगाबाद स्थित सर्किट हाउस में ठहरने गया था। घटना के समय वह भी अपने समर्थकों के साथ मौजूद था, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले फरार हो गया। उसके खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की गई है और गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। इस मामले में सर्किट हाउस के कर्मी टुनटुन कुमार के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। नगर थानाध्यक्ष बबन बैठा ने बताया कि सभी गिरफ्तार आरोपितों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है। उनके मोबाइल फोन और अन्य जब्त सामानों की जांच की जा रही है, साथ ही सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सरकारी अतिथिगृह में इस तरह की दबंगई और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फरार आरोपितों की तलाश में छापेमारी जारी है और मामले की जांच गहनता से की जा रही है।


