महोबा : महोबा जिला अस्पताल से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां पेट के दर्द से परेशान लक्ष्मी जो कि डहर्रा गांव की रहने वाली पिछले 15 दिनों से महिला वार्ड नंबर 2 में भर्ती है। उसी वार्ड में उसकी मां कौशल्या भी इंफेक्शन के इलाज पर हैं। लेकिन बीती रात अस्पताल, जो मरीजों के दर्द कम करने का ठिकाना होना चाहिए, वहां एक मनचले युवक ने रात भर आतंक मचा रखा।
युवक महिला वार्ड में घुस आया और लक्ष्मी को देखकर अश्लील इशारे करने लगा। न सिर्फ इशारे, बल्कि वह रात भर चार बार वार्ड के आसपास चक्कर लगाता रहा और बार-बार लक्ष्मी से उसका मोबाइल नंबर मांगता रहा। युवती ने कई बार मना किया, लेकिन वह नहीं माना। सबसे दुखद बात यह कि अस्पताल की सुरक्षा पूरी तरह नाकाम रही, कोई गार्ड या स्टाफ उसे रोकने नहीं आया।
परेशान होकर लक्ष्मी ने अपने भाई नीरज को (जो पास ही सो रहा था) सारी बात बताई। दोनों बाहर निकले तो युवक वहीं खड़ा मिला। जैसे ही उन्होंने उसे टोका, वह भागने लगा। लेकिन लक्ष्मी और नीरज ने दौड़कर उसे पकड़ लिया। गुस्से से भरी लक्ष्मी ने मौके पर ही अपनी चप्पलों से युवक की जमकर पिटाई कर दी। इस दौरान युवक चीखता-चिल्लाता रहा, लेकिन लक्ष्मी का गुस्सा शांत नहीं हुआ।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि युवती आरोपी को चप्पलों से पीट रही है और आसपास कुछ लोग तमाशा देख रहे हैं।
पुलिसकर्मी मौजूद, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पिटाई के दौरान मौके पर एक पुलिसकर्मी भी मौजूद था। वीडियो में वह साफ नजर आ रहा है। लक्ष्मी और परिवार का आरोप है कि उन्होंने पुलिसकर्मी से शिकायत की, लेकिन उसने आरोपी को पकड़ने या कोई कार्रवाई करने की बजाय चुपचाप जाने दिया।
लक्ष्मी के परिवार ने अस्पताल प्रशासन और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है जब अस्पताल में तैनात पुलिसकर्मी ही मनचलों को बचाता है, तो हम जैसे आम मरीज, खासकर महिलाएं खुद को सुरक्षित कैसे महसूस करें? रात को वार्ड में घुसकर छेड़छाड़ करने वाले बेखौफ घूम रहे हैं।
अस्पताल में महिलाओं की सुरक्षा पर उठे सवाल
यह घटना महोबा जिला अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर रही है। तीमारदारों का कहना है कि अराजक तत्व बिना किसी रोक-टोक के अस्पताल परिसर में घुस आते हैं। महिला वार्ड में रात की ड्यूटी पर तैनात स्टाफ और सुरक्षा की लापरवाही साफ नजर आ रही है।
परिवार अब अस्पताल प्रशासन से सख्त सुरक्षा व्यवस्था और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है। स्थानीय लोग भी सोशल मीडिया पर लिख रहे हैं, ‘अस्पताल मरीजों का ठिकाना है, मनोरंजन का मैदान नहीं।’


