झालावाड़ जिले की दो बेटियों ने राजस्थान प्रशासनिक सेवा (आरएएस) परीक्षा में सफलता हासिल की है। खास बात यह है कि दोनों ही बेटियां वर्तमान में राजकीय सेवा में कार्यरत हैं। इनमें से एक बेटी आयुर्वेद डॉक्टर के पद पर कार्यरत रही है, जबकि दूसरी जयपुर विद्युत वितरण निगम, झालावाड़ में यूडीसी के पद पर तैनात है। परिणाम घोषित होते ही परिजनों में उत्साह का माहौल बन गया और दिनभर बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। झालावाड़ की आयुर्वेद डॉक्टर बनी आरएएस झालावाड़ गवर्नमेंट आयुर्वेद अस्पताल में डॉक्टर के पद पर कार्यरत डॉ. अंजली मीणा ने RAS परीक्षा परिणाम में (एसटी विधवा कोटा) में 1 रैंक हासिल की है। मीणा ने बताया कि उनका पूर्व में 2023 में RPS के पद पर सिलेक्शन हुआ और ट्रेनिंग जयपुर में चल रही है, लेकिन उनका सपना SDM बनने का था। ऐसे में 2024 के रिजल्ट में उन्होंने दूसरे प्रयास में सफलता हासिल कर ली। 2021 में बनी थीं आयुर्वेद डॉक्टर डॉ. अंजली मीणा ने बताया कि 2021 में उन्होंने झालावाड़ आयुर्वेद अस्पताल में डॉक्टर के पद पर ज्वाइन किया था। ऐसे में वह अपना काम कर रही थी, लेकिन डॉक्टर पति का सपना पूरा करने के लिए फिर से प्रयास शुरू किए। पूरा किया पति का सपना अंजली मीणा ने बताया कि उनकी शादी 2020 में हुई थी, इसके बाद उनके पति डॉ. गुलशन कुमार मीणा (MD MEDICINE) ने उन्हें सिविल सर्विसेज की तैयारी के लिए मोटिवेट किया। उनके पति खानपुर क्षेत्र के गाडरवारा नूरजी चिकित्सा अधिकारी के रूप में कार्यरत थे, लेकिन उनका मई 2022 को आकस्मिक देहांत हो गया। ऐसे में डॉ. अंजली खुद को संभाला और 2024 के फाइनल परिणाम में SDM के पद पर चयनित हो कर सपनों को साकार किया । रोज 5 से 6 घंटे पढ़ाई कर प्राची ने पूरा किया सपना झालावाड़ शहर की प्राची गुप्ता RAS परीक्षा परिणाम में 384वीं रैंक लाकर सफलता हासिल की। उनका बचपन से ही आरएएस अधिकारी बनने का सपना था, जो अब पूरा हो गया है। प्राची वर्तमान में झालावाड़ जयपुर विद्युत वितरण निगम में यूडीसी के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि राजकीय सेवा में होने के बावजूद उन्होंने प्रतिदिन 5 से 6 घंटे पढ़ाई की। कम समय मिलने के बावजूद उन्होंने कड़ी मेहनत की और तीसरे प्रयास में यह सफलता हासिल की। उनके परिजनों ने उनकी इस उपलब्धि पर अपार खुशी व्यक्त की। बचपन से ही पढ़ाई में होशियार प्राची गुप्ता के पति अंकित अग्रवाल, जो स्वयं थर्मल प्लांट में जूनियर इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं, ने बताया कि उन्होंने हमेशा अपनी पत्नी को इस पद के लिए प्रेरित किया। प्राची 2020 में यूडीसी बन गई थीं, लेकिन उनका लक्ष्य एसडीएम पद प्राप्त करना था, जिसके लिए उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी। परिजनों ने बताया कि प्राची बचपन से ही पढ़ाई में होशियार रही हैं।


