मुरादाबाद की हैंडीक्राफ्ट इंडस्ट्री में मचे बवंडर के बीच EPCH (एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैंडीक्राफ्ट) ने डैमेज कंट्रोल की कोशिश की है। ईपीसीएच ने निर्यातकों की ओर से उठाई जा रही फेयर फीस कम करने की मांग पर खुद कई कदम उठाने के बजाए सरकार से इसके लिए सब्सिडी की मांग रख दी है।
वहीं बड़े निर्यातकों को परोक्ष रूप से चेतावनी देते हुए ईपीसीएच ने कहा है कि बड़े निर्यातकों के स्टॉल का साइज फेयर में छोटा करके छोटे निर्यातकों को इसका लाभ दिया जाएगा। हालांकि, इस घोषणा के वक्त मंच पर मौजूद ईपीसीएच के चेयरमैन नीरज खन्ना समेत दूसरे सभी पदाधिकारियों के खुद के स्टॉल्स का साइज 80 मीटर तक रहता है।
लेकिन ईपीसीएच की इस घोषणा छोटे निर्यातकों को निश्चित ही राहत मिली है। निर्यातकों का कहना है कि इस घोषणा को अमल में लाया जाना चाहिए। ये बात सिर्फ एक स्टेटमेंट जारी करने तक सिमटकर नहीं रहनी चाहिए।
निर्यात संवर्धन परिषद हस्तशिल्प (EPCH) द्वारा मुरादाबाद हैंडीक्राफ्ट्स एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन (MHEA), यंग एंटरप्रेन्योर सोसाइटी (YES) एवं इंडियन इंडस्ट्री एसोसिएशन (IIA) के साथ मिलकर EPCH हाउस मुरादाबाद में एक उद्योग संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में दीपेंद्र कुमार, उप आयुक्त उद्योग (GMDIC), मुरादाबाद उपस्थित रहे। इस अवसर पर नीरज खन्ना,अध्यक्ष EPCH; अवधेश अग्रवाल, क्षेत्रीय संयोजक (मध्य क्षेत्र) EPCH; नज़मुल इस्लाम, मुख्य संरक्षक MHEA; रोहित ढल, COA सदस्य EPCH; नवेद उर रहमान, COA सदस्य EPCH;; रश्मि दुग्गल, सह-नामित सदस्य EPCH; जे.पी. सिंह, अध्यक्ष YES,पुनीत आर्य महासचिव YES सहित अन्य प्रमुख निर्यातक सदस्य भी उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में मुख्य अतिथि दीपेंद्र कुमार ने जिला उद्योग केंद्र (DIC) की विभिन्न योजनाओं एवं नीतियों की जानकारी दी। उन्होंने निर्यातकों के साथ संवाद स्थापित करते हुए उनकी समस्याओं एवं चुनौतियों को समझा तथा उनके समाधान हेतु हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। कार्यक्रम के दौरान EPCH के मुख्य समन्वयक अवधेश अग्रवाल ने मेलों में भाग लेने वाले निर्यातकों को मिलने वाले वित्तीय लाभों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि छोटे निर्यातकों एवम ऐसे निर्यातक जिनके पास इस समय काम की कमी है उनकी मांग को ध्यान में रखते हुए ईपीसीएच सरकार से सब्सिडी की मांग कर रहा है। उन्होंने कहा कि, 18 वर्ग मीटर के स्टॉल के लिए कुल लागत ₹9,500 प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से ₹1,71,000 होती है। इसमें से उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 75% की सब्सिडी, अर्थात ₹1,28,250 प्रदान की जाती है, जिससे निर्यातक को केवल ₹42,750 का ही भुगतान करना पड़ता है।
जिन निर्यातकों के पास काम की कमी है या जो छोटे निर्यातक है उन सभी को इस योजना का लाभ मिलेगा,इसके लिए सभी बड़े निर्यातकों के स्टाल का साइज 18 मीटर करके योजना का लाभ दिया जाएगा और शेष बचे स्थान को अन्य छोटे निर्यातको को अलॉट किया जाएगा ताकि सभी को व्यापार के समुचित अवसर मिले सके। अवधेश अग्रवाल ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से MDA (मार्केट डेवलपमेंट असिस्टेंस) अनुदान राशि को दोगुना करने का अनुरोध किया गया है। साथ ही, यह भी आग्रह किया गया है कि सब्सिडी की राशि निर्यातकों के खातों में अधिकतम तीन माह के भीतर जमा कराई जाए, जिससे उन्हें वित्तीय सुविधा मिल सके।


