US-Iran-War: मिडिल ईस्ट में तनाव लगातार जारी है। कई देशों की मध्यस्था और वैश्विक स्तर पर प्रयासों के बावजूद भी ईरान और अमेरिका के बीच समझौता नहीं हो पा रहा है और अब एक बार फिर युद्ध शुरू होने का डर मंडराने लगा है। अमेरिका साफ कर चुका है कि ईरान उसकी शर्तों को नहीं मानता है तो वह फिर से हमले शुरू कर देगा, वहीं ईरान भी अमेरिका के सामने झुकने को तैयार नहीं है। इसी बीच चीन के ईरान की चुपचाप मदद करने की खबर सामने आ रही है। कमेंटेटर मारियो नॉफाल ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर करते हुए यह दावा किया है कि चीन के चार कार्गो विमानों की ईरान में चुपचाप लैंडिंग कराई गई है।
विमाल लैंडिंग का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
नॉफाल ने सोशल मीडिया पर विमाल लैंडिंग का एक वीडियो शेयर करते हुए यह दावा किया कि विमानों ने लैंडिंग से पहले अपने ट्रांसपॉन्डर बंद कर दिए थे जिससे किसी को उनकी जानकारी न मिल सके। अगर नॉफाल का यह दावा सही साबित होता है तो यह चीन और अमेरिका के बीच तनाव का बड़ा कारण बन सकता है क्योंकि एक दिन पहले ही चीन ने अमेरिका से दावा किया है कि वह ईरान को हथियार की सप्लाई नहीं करेगा। ऐसे में सोशल मीडिया पर वायरल यह वीडियो पहले से बिगड़े हालातों के बीच नए विवाद को जन्म दे सकता है।
चीन ने दावों को किया खारिज
हालांकि सोशल मीडिया के इन दावों पर ईरान या चीन की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। वहीं चीन ने ईरान को किसी भी तरह की मदद देने से जुड़े दावों का खंडन किया है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने इस मामले पर बयान देते हुए इन रिपोर्टों को पूरी तरह झूठा बताया। उन्होंने दावा किया कि चीन ने ईरान को सैटेलाइट मदद भी नहीं की है।
ट्रंप दे चुके चीन को धमकी
बता दें कि लंबे समय से चीन के ईरान की मदद करने के दावे किए जा रहे है। इनके मुताबिक पड़ोसी देशों में अमेरिका के बेस ध्वस्त करने के लिए चीन ईरान की सहायता कर रहा है। इन दावों के सामने आने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ तौर पर चीन को धमकी देते हुए कहा था कि अगर ऐसा कुछ भी होता है तो इसके परिणाम काफी बुरे होंगे। इसी बीच ईरान में विमानों की लैंडिंग से संदेह बढ़ गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि चारों ही विमानों का लैंडिंग से पहले ट्रांसपॉन्डर बंद करना कोई तकनीकी खामी नहीं हो सकती है।




4 Chinese cargo planes allegedly switched off their transponders and landed in Iran within the last 48 hours, reportedly carrying arms and ammunition.