सिरसा जिले के चोपटा क्षेत्र में बेमौसम बारिश और तेज हवाओं ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में कटाई के बाद पड़ी गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा है, वहीं मंडियों और खरीद केंद्रों में खुले में पड़ा गेहूं भीगने के खतरे में है। कागदाना, नाथूसरी चौपटा और शक्कर मंदोरी की मंडियों व खरीद केंद्रों में गेहूं को बारिश से बचाने के लिए तुरंत उपाय किए गए। बारिश शुरू होते ही मंडी अधिकारियों ने आढ़तियों से तिरपाल की व्यवस्था करवाई। मार्केट कमेटी अधिकारियों ने बताया कि मंडियों में आढ़तियों को तिरपाल और कैरेट की व्यवस्था करनी होती है। हालांकि धीमे उठान के कारण खाद्यान्न को काफी नुकसान होने की आशंका है। 2 लाख 20 हजार क्विंटल गेहूं की आवक नाथूसरी चौपटा अनाज मंडी में अब तक 2 लाख 20 हजार क्विंटल गेहूं की आवक हुई है, जिसमें से 1 लाख 30 हजार क्विंटल की खरीद हो चुकी है। हालांकि, मात्र 23 हजार क्विंटल गेहूं का ही उठान हो पाया है, जिससे पूरी मंडी गेहूं से खचाखच भरी हुई है। बारिश के बाद भी गेहूं की खरीद जारी है। इसी तरह कागदाना खरीद केंद्र में भी गेहूं खुले आसमान के नीचे पड़ा था और बारिश से भीगने से उसे बचाया नहीं जा सका। गेहूं को ज्यादा नुकसान नहीं हुआ- सुपरवाइजर शक्कर मंदोरी खरीद केंद्र में भी लाखों क्विंटल गेहूं खुले आसमान के नीचे बारिश में भीग गया। मार्केट कमेटी सुपरवाइजर प्रदीप कुमार ने बताया कि नाथूसरी चौपटा अनाज मंडी में हल्की बारिश हुई है, जिससे अभी तक गेहूं को ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है। उन्होंने यह भी बताया कि गेहूं को ढकने का काम शुरू कर दिया गया है। गेहूं की कटाई हो चुकी, अब कढ़ाई का कार्य जारी उधर कुम्हारिया, कागदाना, गिगोरानी, नाथूसरी कलां, जोडकिया, खेड़ी, गुसाईं आना सहित कई गांवों में शुक्रवार दोपहर को आई तेज हवा के साथ बारिश से खेतों में गेहूं और तूड़ी को नुकसान हुआ है। पशुओं के लिए चारे की कमी होने का संकट भी गहरा सकता है। किसानों ने बताया कि गेहूं की कटाई तो कर ली है, अब कढ़ाई का कार्य चल रहा है, ऐसे में अगर मौसम साफ रहे, तो गेहूं तो मंडियों में पहुंचाया जा सकता है और पशुओं के लिए सूखा चारा एकत्रित कर लिया जाएगा, लेकिन तेज हवा से खेतों में पड़ा सूखा चारा उड़ सकता है। किसान रामकुमार, महेंद्र सिंह, जगदीश इत्यादि ने बताया कि सरकार और प्रकृति दोनों ही किसान की दुश्मन बनी हुई है।


