मुजफ्फरपुर जिले के गायघाट प्रखंड क्षेत्र के कई गांवों में कालाजार की रोकथाम के लिए एसपी दवा का छिड़काव शुरू हो गया है। गुरुवार शाम करीब चार बजे प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. एनजी रब्बानी ने छिड़काव कर्मियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। डॉ. रब्बानी ने बताया कि लगभग दो माह पहले ब्रह्मोतरा गांव में कालाजार का एक मामला सामने आया था। इसके बाद रामनगर के एक व्यक्ति में भी कालाजार के लक्षण पाए गए थे। कालाजार से ग्रसित मरीज का इलाज पटना में कराया गया था। उन्होंने जानकारी दी कि प्रखंड क्षेत्र में जलजमाव वाले कुल नौ गांवों की पहचान की गई है, जहां एसपी दवा का छिड़काव शुरू कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, रामनगर गांव में फॉगिंग कराने के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग से निर्देश मांगे गए हैं। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने सभी छिड़काव कर्मियों को निर्देश दिया कि वे प्रत्येक घर में दवा का छिड़काव सुनिश्चित करें। विशेष रूप से जलजमाव वाले इलाकों में बसे टोला-मोहल्लों में दवा का छिड़काव किया जाए, ताकि कालाजार के संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। मुजफ्फरपुर जिले के गायघाट प्रखंड क्षेत्र के कई गांवों में कालाजार की रोकथाम के लिए एसपी दवा का छिड़काव शुरू हो गया है। गुरुवार शाम करीब चार बजे प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. एनजी रब्बानी ने छिड़काव कर्मियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। डॉ. रब्बानी ने बताया कि लगभग दो माह पहले ब्रह्मोतरा गांव में कालाजार का एक मामला सामने आया था। इसके बाद रामनगर के एक व्यक्ति में भी कालाजार के लक्षण पाए गए थे। कालाजार से ग्रसित मरीज का इलाज पटना में कराया गया था। उन्होंने जानकारी दी कि प्रखंड क्षेत्र में जलजमाव वाले कुल नौ गांवों की पहचान की गई है, जहां एसपी दवा का छिड़काव शुरू कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, रामनगर गांव में फॉगिंग कराने के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग से निर्देश मांगे गए हैं। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने सभी छिड़काव कर्मियों को निर्देश दिया कि वे प्रत्येक घर में दवा का छिड़काव सुनिश्चित करें। विशेष रूप से जलजमाव वाले इलाकों में बसे टोला-मोहल्लों में दवा का छिड़काव किया जाए, ताकि कालाजार के संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।


