पालनपुर. शक्तिपीठ अंबाजी मंदिर से प्रस्थान कराए गए अंबिका रथ का नर्मदा जिले की नांदोड तहसील के मांगरोल गांव के ग्रामजनों ने भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर नर्मदा परिक्रमावासियों को माताजी के अद्वितीय दर्शन का लाभ प्राप्त हुआ।श्री आरासुरी अंबाजी माता देवस्थान ट्रस्ट द्वारा चैत्र मास के दौरान नर्मदा परिक्रमा मार्ग पर गब्बर 51 शक्तिपीठ परिक्रमा के प्रचार-प्रसार और उत्तरवाहिनी नर्मदा मैया की परिक्रमा में जुड़ने वाले पदयात्रियों को मां अंबा के दर्शन का लाभ दिलाने के लिए अंबाजी मंदिर से अंबिका रथ भेजा गया।
“पधारो मां अंबा रेवा (मांगरोल) के आंगन” की भावना से प्रतिदिन हजारों की संख्या में उत्तरवाहिनी नर्मदा परिक्रमा में जुड़ने वाले श्रद्धालु भक्तों ने अंबिका रथ में माताजी के दर्शन किए। नर्मदा जिले के मांगरोल गांव के नीतिनभाई तथा समस्त ग्रामजनों द्वारा अंबिका रथ का स्वागत किया गया।
परिक्रमावासियों की सेवा के लिए ग्रामजनों द्वारा दिन-रात सेवा शिविर का आयोजन किया गया। प्रशिक्षित पुजारियों द्वारा प्रतिदिन अंबिका रथ में माताजी की पूजा-अर्चना की जाती है। भारत तथा विदेश से परिक्रमा करने को आने वाले श्रद्धालु भक्त अंबिका रथ में माताजी के दर्शन कर आध्यात्मिक आनंद का अनुभव कर रहे हैं।
मांगरोल के अलावा नर्मदा जिले के पोइचा, शहराव, गुंवारवा, तिलकवाड़ा सहित कई गांवों में अंबिका रथ द्वारा धार्मिक भ्रमण किया गया। ग्रामजनों द्वारा बालिका पूजन तथा धार्मिक वेशभूषा सहित विभिन्न कार्यक्रम प्रतिदिन आयोजित किए गए।
मंदिर ट्रस्ट के प्रशासक सह अतिरिक्त कलक्टर कौशिक मोदी ने बताया कि नर्मदा जिले के मांगरोल गांव से पिछले 31 वर्षों से भादरवी पूर्णिमा पर अंबाजी के लिए पैदल संघ आता है। लगभग 150 पदयात्री मांगरोल से दर्शन के लिए अंबाजी आते हैं।
मांगरोल गांव में अंबिका रथ का भव्य स्वागत, नर्मदा परिक्रमावासियों ने लिया दर्शन का लाभ


