मधुबनी में DIG ट्रैफिक की समीक्षा बैठक:i-RAD और e-चालान पर जोर, 5000 से ज्यादा चालान जारी, नियम तोड़ने वालों पर सख्ती के निर्देश

मधुबनी में DIG ट्रैफिक की समीक्षा बैठक:i-RAD और e-चालान पर जोर, 5000 से ज्यादा चालान जारी, नियम तोड़ने वालों पर सख्ती के निर्देश

पुलिस उप-महानिरीक्षक (यातायात), बिहार, पटना, सुशांत कुमार सरोज ने मधुबनी जिले का दौरा किया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक योगेन्द्र कुमार ने उनका स्वागत किया और मधुबनी पुलिस के जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। डीआईजी के दौरे का मुख्य उद्देश्य जिले में यातायात प्रबंधन की समीक्षा करना था। डीआईजी ट्रैफिक के निर्देश पर गुरुवार शाम को समाहरणालय, मधुबनी के सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य एजेंडा i-RAD/e-DAR पोर्टल, हाईवे पेट्रोलिंग वाहन (HPV), ई-चालान तथा अन्य यातायात संबंधी विषयों की समीक्षा और प्रशिक्षण प्रदान करना था। इसमें जिले के पुलिस अधिकारी, ट्रैफिक पुलिसकर्मी और संबंधित विभागों के प्रतिनिधि शामिल हुए। त्वरित रिपोर्टिंग और समाधान सुनिश्चित करने पर जोर दिया
बैठक को संबोधित करते हुए डीआईजी सुशांत कुमार सरोज ने i-RAD और e-DAR जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से यातायात उल्लंघनों की त्वरित रिपोर्टिंग और समाधान सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने हाईवे पर गश्त को मजबूत करने के लिए एचपीवी के प्रभावी उपयोग पर बल दिया, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। डीआईजी ने ई-चालान प्रणाली को पूरी तरह लागू करने का निर्देश दिया और चेतावनी दी कि यातायात नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को पोर्टल पर डेटा एंट्री में किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरतने और नियमित प्रशिक्षण सत्र आयोजित करने के निर्देश दिए। ई-चालान के माध्यम से 5,000 से अधिक चालान जारी किए
बैठक में जिले के हालिया यातायात आंकड़ों की समीक्षा की गई। मधुबनी जिले में पिछले तीन महीनों में ई-चालान के माध्यम से 5,000 से अधिक चालान जारी किए गए हैं, जबकि एचपीवी द्वारा 200 से अधिक वाहनों की जांच की गई है। डीआईजी ने कहा कि बिहार पुलिस का यातायात विभाग डिजिटल इंडिया के अनुरूप पारदर्शी सेवाएं प्रदान कर रहा है। मधुबनी जिले में यातायात प्रबंधन लंबे समय से चुनौतीपूर्ण रहा है। NH-104 और अन्य सड़कों पर वाहनों की बढ़ती संख्या, ओवरलोडिंग और लापरवाही के कारण दुर्घटनाएं आम हैं। एसपी योगेन्द्र कुमार ने बताया कि डीआईजी के निर्देशों को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाएगा। बैठक में यातायात नियमों के प्रचार-प्रसार पर भी चर्चा हुई। इसमें स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया, ताकि आम जनता और विशेषकर युवाओं को यातायात सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा सके। पुलिस उप-महानिरीक्षक (यातायात), बिहार, पटना, सुशांत कुमार सरोज ने मधुबनी जिले का दौरा किया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक योगेन्द्र कुमार ने उनका स्वागत किया और मधुबनी पुलिस के जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। डीआईजी के दौरे का मुख्य उद्देश्य जिले में यातायात प्रबंधन की समीक्षा करना था। डीआईजी ट्रैफिक के निर्देश पर गुरुवार शाम को समाहरणालय, मधुबनी के सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य एजेंडा i-RAD/e-DAR पोर्टल, हाईवे पेट्रोलिंग वाहन (HPV), ई-चालान तथा अन्य यातायात संबंधी विषयों की समीक्षा और प्रशिक्षण प्रदान करना था। इसमें जिले के पुलिस अधिकारी, ट्रैफिक पुलिसकर्मी और संबंधित विभागों के प्रतिनिधि शामिल हुए। त्वरित रिपोर्टिंग और समाधान सुनिश्चित करने पर जोर दिया
बैठक को संबोधित करते हुए डीआईजी सुशांत कुमार सरोज ने i-RAD और e-DAR जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से यातायात उल्लंघनों की त्वरित रिपोर्टिंग और समाधान सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने हाईवे पर गश्त को मजबूत करने के लिए एचपीवी के प्रभावी उपयोग पर बल दिया, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। डीआईजी ने ई-चालान प्रणाली को पूरी तरह लागू करने का निर्देश दिया और चेतावनी दी कि यातायात नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को पोर्टल पर डेटा एंट्री में किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरतने और नियमित प्रशिक्षण सत्र आयोजित करने के निर्देश दिए। ई-चालान के माध्यम से 5,000 से अधिक चालान जारी किए
बैठक में जिले के हालिया यातायात आंकड़ों की समीक्षा की गई। मधुबनी जिले में पिछले तीन महीनों में ई-चालान के माध्यम से 5,000 से अधिक चालान जारी किए गए हैं, जबकि एचपीवी द्वारा 200 से अधिक वाहनों की जांच की गई है। डीआईजी ने कहा कि बिहार पुलिस का यातायात विभाग डिजिटल इंडिया के अनुरूप पारदर्शी सेवाएं प्रदान कर रहा है। मधुबनी जिले में यातायात प्रबंधन लंबे समय से चुनौतीपूर्ण रहा है। NH-104 और अन्य सड़कों पर वाहनों की बढ़ती संख्या, ओवरलोडिंग और लापरवाही के कारण दुर्घटनाएं आम हैं। एसपी योगेन्द्र कुमार ने बताया कि डीआईजी के निर्देशों को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाएगा। बैठक में यातायात नियमों के प्रचार-प्रसार पर भी चर्चा हुई। इसमें स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया, ताकि आम जनता और विशेषकर युवाओं को यातायात सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा सके।  

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