सहरसा में 17 अप्रैल से शुरू होगी स्व-गणना:नागरिक बिना डॉक्यूमेंट कर सकेंगे भागीदारी, 1 मई तक जारी रहेगा प्रोसेस

सहरसा में 17 अप्रैल से शुरू होगी स्व-गणना:नागरिक बिना डॉक्यूमेंट कर सकेंगे भागीदारी, 1 मई तक जारी रहेगा प्रोसेस

सहरसा में भारत की जनगणना 2027 के तहत ‘स्व-गणना’ प्रक्रिया 17 अप्रैल 2026 से 1 मई 2026 तक संचालित की जाएगी। जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने गुरुवार शाम प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी। उन्होंने नागरिकों से इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में सक्रिय भागीदारी की अपील की। जिलाधिकारी ने बताया कि जनगणना देश की एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रक्रिया है। इसके माध्यम से जनसंख्या, शिक्षा, रोजगार, आवास और सामाजिक-आर्थिक स्थिति से संबंधित सटीक जानकारी मिलती है। इन आंकड़ों के आधार पर सरकार भविष्य की विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी नीतियों का निर्धारण करती है। प्रक्रिया पूरी तरह स्वैच्छिक, सरल और सुरक्षित प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्व-गणना के लिए आधार कार्ड, पासपोर्ट या किसी अन्य दस्तावेज की आवश्यकता नहीं होगी। यह प्रक्रिया पूरी तरह स्वैच्छिक, सरल और सुरक्षित है। नागरिकों द्वारा दी गई सभी जानकारी गोपनीय रखी जाएगी और इसे किसी अन्य विभाग के साथ साझा नहीं किया जाएगा। स्व-गणना केवल सरकार की अधिकृत वेबसाइट se.census.gov.in के माध्यम से ही की जा सकेगी। सुरक्षा और निजता सुनिश्चित करने के लिए साइबर कैफे से इस प्रक्रिया को पूरा करने पर प्रतिबंध लगाया गया है। नागरिकों को अपने मोबाइल या निजी कंप्यूटर का उपयोग करने की सलाह दी गई है। विशेष निर्देश जारी किए गए प्रवासी मजदूरों और किराएदारों के लिए विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। उन्हें वर्तमान निवास स्थान से ही अपनी गणना दर्ज करने को कहा गया है, ताकि वास्तविक आंकड़ों का संकलन हो सके। जिलाधिकारी ने जोर दिया कि सही और पूर्ण जानकारी ही विकास की आधारशिला है। उन्होंने सभी से समय पर स्व-गणना पूरी करने और दूसरों को भी जागरूक करने की अपील की। तकनीकी समस्या या शंका होने पर नागरिक संबंधित प्रखंड कार्यालय, नगर निकाय या क्षेत्रीय जनगणना कर्मियों से सहायता प्राप्त कर सकते हैं। सहरसा में भारत की जनगणना 2027 के तहत ‘स्व-गणना’ प्रक्रिया 17 अप्रैल 2026 से 1 मई 2026 तक संचालित की जाएगी। जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने गुरुवार शाम प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी। उन्होंने नागरिकों से इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में सक्रिय भागीदारी की अपील की। जिलाधिकारी ने बताया कि जनगणना देश की एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रक्रिया है। इसके माध्यम से जनसंख्या, शिक्षा, रोजगार, आवास और सामाजिक-आर्थिक स्थिति से संबंधित सटीक जानकारी मिलती है। इन आंकड़ों के आधार पर सरकार भविष्य की विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी नीतियों का निर्धारण करती है। प्रक्रिया पूरी तरह स्वैच्छिक, सरल और सुरक्षित प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्व-गणना के लिए आधार कार्ड, पासपोर्ट या किसी अन्य दस्तावेज की आवश्यकता नहीं होगी। यह प्रक्रिया पूरी तरह स्वैच्छिक, सरल और सुरक्षित है। नागरिकों द्वारा दी गई सभी जानकारी गोपनीय रखी जाएगी और इसे किसी अन्य विभाग के साथ साझा नहीं किया जाएगा। स्व-गणना केवल सरकार की अधिकृत वेबसाइट se.census.gov.in के माध्यम से ही की जा सकेगी। सुरक्षा और निजता सुनिश्चित करने के लिए साइबर कैफे से इस प्रक्रिया को पूरा करने पर प्रतिबंध लगाया गया है। नागरिकों को अपने मोबाइल या निजी कंप्यूटर का उपयोग करने की सलाह दी गई है। विशेष निर्देश जारी किए गए प्रवासी मजदूरों और किराएदारों के लिए विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। उन्हें वर्तमान निवास स्थान से ही अपनी गणना दर्ज करने को कहा गया है, ताकि वास्तविक आंकड़ों का संकलन हो सके। जिलाधिकारी ने जोर दिया कि सही और पूर्ण जानकारी ही विकास की आधारशिला है। उन्होंने सभी से समय पर स्व-गणना पूरी करने और दूसरों को भी जागरूक करने की अपील की। तकनीकी समस्या या शंका होने पर नागरिक संबंधित प्रखंड कार्यालय, नगर निकाय या क्षेत्रीय जनगणना कर्मियों से सहायता प्राप्त कर सकते हैं।  

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