अंबेडकरनगर में बेसिक शिक्षा विभाग ने 20 जर्जर प्राथमिक विद्यालयों के पुनर्निर्माण के लिए तीन करोड़ सात लाख रुपये का बजट मांगा है। प्रत्येक विद्यालय भवन के निर्माण पर 15 लाख 35 हजार रुपये खर्च होने का अनुमान है। इन प्राथमिक विद्यालयों में जहांगीरगंज के तीन, बसखारी और कटेहरी के एक-एक, टांडा नगर व ग्रामीण के चार-चार, भीटी के पांच और रामनगर के दो विद्यालय शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, भीटी, टांडा और कटेहरी में तीन उच्च प्राथमिक विद्यालयों का भी चयन किया गया है। प्रत्येक उच्च प्राथमिक विद्यालय के निर्माण पर 29.44 लाख रुपये खर्च होंगे, जिसके लिए कुल 88 लाख 32 हजार रुपये की आवश्यकता है। विभाग ने 20 अन्य जर्जर विद्यालयों की मरम्मत के लिए भी 73.79 लाख रुपये की मांग की है। इसमें बसखारी के एक विद्यालय के लिए 5.95 लाख रुपये, जलालपुर के 12 विद्यालयों के लिए 30.41 लाख रुपये, भीटी के एक विद्यालय के लिए 13.29 लाख रुपये, कटेहरी के एक विद्यालय के लिए 5.60 लाख रुपये और जहांगीरगंज के पांच विद्यालयों के लिए 18.54 लाख रुपये शामिल हैं। जलालपुर ब्लॉक संसाधन केंद्र (बीआरसी) की मरम्मत के लिए भी 6.90 लाख रुपये का बजट मांगा गया है। दिव्यांग बच्चों की सुविधा के लिए 42 विद्यालयों में दिव्यांग-मैत्री शौचालय बनाने का प्रस्ताव है। इस पर 73.08 लाख रुपये खर्च होंगे। प्रत्येक शौचालय के निर्माण पर 1.74 लाख रुपये का अनुमान है। सर्वाधिक 28 शौचालय भीटी में, 10 अकबरपुर में और चार जहांगीरगंज के विद्यालयों में बनाए जाएंगे। टांडा में ब्लॉक संसाधन केंद्र (बीआरसी) के लिए भवन नहीं है, जिसके निर्माण के लिए भी बजट की मांग की गई है। छात्रों की अधिक संख्या के कारण बैठने की जगह की कमी को देखते हुए आठ विद्यालयों में अतिरिक्त कक्षों की आवश्यकता जताई गई है। विभाग ने अकबरपुर, भियांव, जलालपुर और रामनगर के दो-दो विद्यालयों में अतिरिक्त कक्ष बनाने का प्रस्ताव भेजा है। बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेष पटेल ने बताया कि जर्जर विद्यालयों के भवनों की मरम्मत और खस्ताहाल विद्यालयों के दोबारा निर्माण के लिए वित्तीय परीक्षण के बाद शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। उन्होंने यह भी बताया कि दिव्यांग शौचालय, अतिरिक्त कक्ष और बीआरसी भवन निर्माण के लिए भी बजट की मांग की गई है।


