शेयर बाजार में आज जबरदस्त तेजी देखने को मिली और निवेशकों के चेहरे पर रौनक लौटती नजर आई। बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांक एक फीसदी से ज्यादा की बढ़त के साथ बंद हुए। बता दें कि इस तेजी की बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट और पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की उम्मीद मानी जा रही है।
गौरतलब है कि सेंसेक्स 1,263 अंकों से ज्यादा उछलकर 78,111 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी भी करीब 389 अंकों की बढ़त के साथ 24,231 पर पहुंच गया। मौजूद जानकारी के अनुसार दिनभर बाजार में खरीदारी का माहौल बना रहा और कई बड़े शेयरों में अच्छी तेजी दर्ज की गई है।
बाजार में तेजी का मुख्य कारण कच्चे तेल की कीमतों का 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आना रहा। बता दें कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमत करीब 95 डॉलर के आसपास बनी हुई है, जिससे भारत जैसे आयात पर निर्भर देश को राहत मिलती नजर आ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे महंगाई पर दबाव कम होगा और कंपनियों के मुनाफे पर सकारात्मक असर पड़ेगा।
मौजूद जानकारी के अनुसार अमेरिका और ईरान के बीच संभावित बातचीत की खबरों ने भी निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि दोनों देशों के बीच तनाव कम हो सकता है और जल्द ही बातचीत का एक और दौर हो सकता है, जिससे वैश्विक बाजार में सकारात्मक माहौल बना है।
गौरतलब है कि सेंसेक्स की कंपनियों में इंटरग्लोब एविएशन, पावर ग्रिड, टेक महिंद्रा, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और लार्सन एंड टुब्रो जैसे शेयरों में सबसे ज्यादा बढ़त देखी गई है। वहीं भारती एयरटेल, आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक जैसे शेयरों में हल्की गिरावट दर्ज की गई है।
एशियाई बाजारों में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला, जहां जापान, दक्षिण कोरिया और चीन के प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए हैं। वहीं यूरोप के बाजारों में मिला-जुला कारोबार रहा है। बता दें कि अमेरिकी बाजार भी पिछले कारोबारी सत्र में बढ़त के साथ बंद हुए थे, जिससे वैश्विक संकेत मजबूत बने हैं।
मौजूद जानकारी के अनुसार विदेशी निवेशकों ने एक बार फिर बिकवाली की है, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने खरीदारी कर बाजार को सहारा दिया है। इससे पहले सोमवार को बाजार में गिरावट देखी गई थी, लेकिन अब निवेशकों का भरोसा लौटता नजर आ रहा है।
कुल मिलाकर, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और वैश्विक तनाव में कमी की उम्मीद ने भारतीय शेयर बाजार को मजबूती दी है। आने वाले दिनों में अमेरिका-ईरान संबंधों और तेल की कीमतों पर नजर बनी रहेगी, जो बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।


