बिहार में अवैध रूप से विदेशी शराब बनाने वाले गिरोह के खिलाफ नालंदा मद्यनिषेध विभाग को सफलता मिली है। विभाग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर मानपुर थाना क्षेत्र के सर्वहदी और इटौरा ग्राम की सीमा पर स्थित कुम्हरी नदी के किनारे छापेमारी कर एक मिनी शराब फैक्ट्री का खुलासा किया है। तस्करों ने नदी के किनारे एक सुनसान इलाके में दो कमरों का बंद पड़ा मकान किराए पर ले रखा था, जहां ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर नकली विदेशी शराब तैयार की जा रही थी। मद्यनिषेध विभाग के अधीक्षक लाला अजय कुमार सुमन ने बताया कि छापेमारी के दौरान मौके से भारी मात्रा में कच्चा माल और तकनीकी उपकरण बरामद किए गए हैं। फैक्ट्री के अंदर से 140 लीटर स्पिरिट, 50 लीटर तैयार शराब और 188 बोतलों में पैक की गई 141 लीटर शराब जब्त की गई है। इसके अलावा शराब बनाने और उसे पैक करने के लिए उपयोग की जाने वाली दो मिनी बॉटलिंग मशीन, एक कैपिंग मशीन, लगभग 2 किलो नकली होलोग्राम व स्टिकर, 322 कैप और 70 खाली बोतलें भी बरामद हुई हैं। माफिया इस काम को इतनी बारीकी से कर रहे थे कि शराब के मिश्रण को मापने के लिए दो हाइड्रोमीटर, थर्मामीटर, छोटे-बड़े मापन फ्लास्क और ब्लेंडिंग के लिए कलरिंग एजेंट का भी इस्तेमाल किया जा रहा था। तस्कर की नहीं हुई गिरफ्तारी अधीक्षक ने बताया कि तस्करों ने इस वीरान जगह को अपना सुरक्षित ठिकाना बनाया था, ताकि किसी को भनक न लगे। यहां ब्रांडेड बोतलों में नकली शराब भरकर उन पर असली दिखने वाले होलोग्राम और कैप लगाए जा रहे थे, ताकि उसे बाजार में ऊंचे दामों पर बेचा जा सके। हालांकि, छापेमारी के दौरान मौके से किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है, क्योंकि पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी फरार होने में सफल रहे। फिलहाल पुलिस ने पूरे माल को जब्त कर लिया है और मकान मालिक सहित शराब कारोबारियों को चिन्हित कर उनकी गिरफ्तारी के लिए सघन छापेमारी अभियान चला रही है। बिहार में अवैध रूप से विदेशी शराब बनाने वाले गिरोह के खिलाफ नालंदा मद्यनिषेध विभाग को सफलता मिली है। विभाग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर मानपुर थाना क्षेत्र के सर्वहदी और इटौरा ग्राम की सीमा पर स्थित कुम्हरी नदी के किनारे छापेमारी कर एक मिनी शराब फैक्ट्री का खुलासा किया है। तस्करों ने नदी के किनारे एक सुनसान इलाके में दो कमरों का बंद पड़ा मकान किराए पर ले रखा था, जहां ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर नकली विदेशी शराब तैयार की जा रही थी। मद्यनिषेध विभाग के अधीक्षक लाला अजय कुमार सुमन ने बताया कि छापेमारी के दौरान मौके से भारी मात्रा में कच्चा माल और तकनीकी उपकरण बरामद किए गए हैं। फैक्ट्री के अंदर से 140 लीटर स्पिरिट, 50 लीटर तैयार शराब और 188 बोतलों में पैक की गई 141 लीटर शराब जब्त की गई है। इसके अलावा शराब बनाने और उसे पैक करने के लिए उपयोग की जाने वाली दो मिनी बॉटलिंग मशीन, एक कैपिंग मशीन, लगभग 2 किलो नकली होलोग्राम व स्टिकर, 322 कैप और 70 खाली बोतलें भी बरामद हुई हैं। माफिया इस काम को इतनी बारीकी से कर रहे थे कि शराब के मिश्रण को मापने के लिए दो हाइड्रोमीटर, थर्मामीटर, छोटे-बड़े मापन फ्लास्क और ब्लेंडिंग के लिए कलरिंग एजेंट का भी इस्तेमाल किया जा रहा था। तस्कर की नहीं हुई गिरफ्तारी अधीक्षक ने बताया कि तस्करों ने इस वीरान जगह को अपना सुरक्षित ठिकाना बनाया था, ताकि किसी को भनक न लगे। यहां ब्रांडेड बोतलों में नकली शराब भरकर उन पर असली दिखने वाले होलोग्राम और कैप लगाए जा रहे थे, ताकि उसे बाजार में ऊंचे दामों पर बेचा जा सके। हालांकि, छापेमारी के दौरान मौके से किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है, क्योंकि पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी फरार होने में सफल रहे। फिलहाल पुलिस ने पूरे माल को जब्त कर लिया है और मकान मालिक सहित शराब कारोबारियों को चिन्हित कर उनकी गिरफ्तारी के लिए सघन छापेमारी अभियान चला रही है।


