शिवहर के देकुली धाम परिसर में अक्षय तृतीया के अवसर पर बाल विवाह के खिलाफ एक जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान विभिन्न धर्मों के धर्मगुरुओं ने बाल विवाह रोकने का संकल्प लिया। यह अभियान बाल अधिकारों की रक्षा के लिए कार्यरत संस्था बिहार ग्राम विकास परिषद द्वारा आयोजित किया गया था। संस्था देश के ‘जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (जेआरसी)’ नेटवर्क के सहयोग से जिले में सक्रिय है। इसका मुख्य उद्देश्य बाल अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और समाज को बाल विवाह जैसी कुप्रथा के प्रति जागरूक करना है। जागरूकता फैलाने का भी आश्वासन दिया
संस्था ने बताया कि अक्षय तृतीया और विवाह के मौसम को देखते हुए पूरे शिवहर जिले में बाल विवाह रोकथाम के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। इस पहल में पंडित, मौलवी और अन्य पुरोहितों जैसे विवाह संपन्न कराने वाले धर्मगुरुओं को विशेष रूप से शामिल किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित धर्मगुरुओं ने बाल विवाह के खिलाफ एकजुटता दिखाते हुए इसे रोकने का संकल्प लिया। उन्होंने समाज में जागरूकता फैलाने का भी आश्वासन दिया। सकारात्मक परिणाम सामने आने की उम्मीद
संस्था के प्रतिनिधियों ने बताया कि विवाह संपन्न कराने में पुरोहितों की भूमिका अहम होती है, इसलिए उन्हें इस अभियान से जोड़ना आवश्यक है। इस पहल के सकारात्मक परिणाम सामने आने की उम्मीद है, जिससे इस अक्षय तृतीया पर जिले में कोई बाल विवाह न हो। इस कार्यक्रम में बिहार ग्राम विकास परिषद के जिला समन्वयक अनिल कुमार, सीएसडब्ल्यू कोमल कुमारी सहित कई धर्मगुरु और ग्रामीण उपस्थित थे। शिवहर के देकुली धाम परिसर में अक्षय तृतीया के अवसर पर बाल विवाह के खिलाफ एक जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान विभिन्न धर्मों के धर्मगुरुओं ने बाल विवाह रोकने का संकल्प लिया। यह अभियान बाल अधिकारों की रक्षा के लिए कार्यरत संस्था बिहार ग्राम विकास परिषद द्वारा आयोजित किया गया था। संस्था देश के ‘जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (जेआरसी)’ नेटवर्क के सहयोग से जिले में सक्रिय है। इसका मुख्य उद्देश्य बाल अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और समाज को बाल विवाह जैसी कुप्रथा के प्रति जागरूक करना है। जागरूकता फैलाने का भी आश्वासन दिया
संस्था ने बताया कि अक्षय तृतीया और विवाह के मौसम को देखते हुए पूरे शिवहर जिले में बाल विवाह रोकथाम के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। इस पहल में पंडित, मौलवी और अन्य पुरोहितों जैसे विवाह संपन्न कराने वाले धर्मगुरुओं को विशेष रूप से शामिल किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित धर्मगुरुओं ने बाल विवाह के खिलाफ एकजुटता दिखाते हुए इसे रोकने का संकल्प लिया। उन्होंने समाज में जागरूकता फैलाने का भी आश्वासन दिया। सकारात्मक परिणाम सामने आने की उम्मीद
संस्था के प्रतिनिधियों ने बताया कि विवाह संपन्न कराने में पुरोहितों की भूमिका अहम होती है, इसलिए उन्हें इस अभियान से जोड़ना आवश्यक है। इस पहल के सकारात्मक परिणाम सामने आने की उम्मीद है, जिससे इस अक्षय तृतीया पर जिले में कोई बाल विवाह न हो। इस कार्यक्रम में बिहार ग्राम विकास परिषद के जिला समन्वयक अनिल कुमार, सीएसडब्ल्यू कोमल कुमारी सहित कई धर्मगुरु और ग्रामीण उपस्थित थे।


