12 सालों के बाद गठित होगा नया वेज बोर्ड; नियम है 5 साल में किया जाना चाहिए, कैसे दूर होंगी श्रमिकों की मुश्किलें?

12 सालों के बाद गठित होगा नया वेज बोर्ड; नियम है 5 साल में किया जाना चाहिए, कैसे दूर होंगी श्रमिकों की मुश्किलें?

Noida Workers Protest Update: उत्तर प्रदेश में लंबे इंतजार के बाद अब वेज बोर्ड के गठन की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। योगी सरकार ने ऐलान किया है कि अगले महीने यानी मई में प्रदेश में नए वेज बोर्ड का गठन किया जाएगा। यह फैसला नोएडा की फैक्ट्रियों में हुए हालिया विवाद और उसके बाद गठित हाईपावर कमेटी की सिफारिशों के आधार पर लिया गया है। वेज बोर्ड ही न्यूनतम मजदूरी की मूल दरें तय करता है, इसलिए इसका गठन श्रमिकों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।

अब तक केवल महंगाई भत्ता ही बढ़ता रहा

वेज बोर्ड का गठन न होने के कारण वर्ष 2014 के बाद से प्रदेश में न्यूनतम मजदूरी की मूल दरों में कोई बदलाव नहीं हुआ था। इस दौरान केवल महंगाई भत्ते (DA) में ही समय-समय पर वृद्धि की जाती रही। हालांकि हाल ही में सरकार ने नए वेज कोड को ध्यान में रखते हुए अंतरिम मजदूरी में बढ़ोतरी की घोषणा की है, लेकिन मूल वेतन का पुनर्निर्धारण अब वेज बोर्ड के जरिए ही होगा।

हर 5 साल में होना चाहिए गठन, लेकिन नहीं हो सका

नियमों के अनुसार वेज बोर्ड का गठन हर 5 साल में किया जाना चाहिए, लेकिन पिछले 12 वर्षों से यह प्रक्रिया लंबित रही। पिछली बार 28 जनवरी 2014 को श्रम विभाग ने वेज बोर्ड की सिफारिशों के आधार पर न्यूनतम मजदूरी की दरों की अधिसूचना जारी की थी। उसके बाद से हर छह महीने में महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी होती रही, लेकिन मूल वेतन की दरें जस की तस बनी रहीं।

नई व्यवस्था में बदलेगा वेतन निर्धारण का तरीका

सरकार के अनुसार, इस बार वेज बोर्ड के गठन के बाद न्यूनतम मजदूरी की मूल दरों को नए सिरे से तय किया जाएगा। अब तक प्रदेश में मजदूरी की मूल दर और उस पर मिलने वाला महंगाई भत्ता एक समान संरचना में चलते थे, लेकिन नई व्यवस्था में इसमें बदलाव किया जा सकता है। इससे श्रमिकों के वेतन ढांचे में व्यापक सुधार की उम्मीद है।

न्यूनतम मजदूरी (2014 की मूल दरें)

श्रेणी मासिक वेतन (₹)
अकुशल 5,750
अर्द्धकुशल 6,325
कुशल 7,085

संशोधित अंतरिम मजदूरी (अप्रैल से लागू) – नोएडा व गाजियाबाद

श्रेणी पूर्व वेतन (₹) नया वेतन (₹)
अकुशल 11,313 13,690
अर्द्धकुशल 12,445 15,059
कुशल 13,940 16,868

संशोधित अंतरिम मजदूरी – अन्य नगर निगम

श्रेणी पूर्व वेतन (₹) नया वेतन (₹)
अकुशल 11,313 13,006
अर्द्धकुशल 12,445 14,306
कुशल 13,940 16,025

संशोधित अंतरिम मजदूरी – अन्य जनपद

श्रेणी पूर्व वेतन (₹) नया वेतन (₹)
अकुशल 11,313 12,356
अर्द्धकुशल 12,445 13,591
कुशल 13,940 15,224

श्रम मंत्री का बयान—श्रमिक हित सर्वोच्च प्राथमिकता

प्रदेश के श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर (Anil Rajbhar) ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता श्रमिकों के हितों की रक्षा करते हुए औद्योगिक विकास को आगे बढ़ाना है। उन्होंने दावा किया कि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश में श्रमिकों के हितों का पूरा ध्यान रखा गया है और किसी बड़े आंदोलन की स्थिति नहीं बनी।

नोएडा बवाल पर भी दिया बयान

मंत्री ने नोएडा में हुए हालिया बवाल को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह घटना साजिश के तहत कराई गई थी और कुछ लोग प्रदेश में अस्थिरता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने श्रमिकों से अपील की कि वे किसी के बहकावे में न आएं और शांतिपूर्वक अपनी बात रखें।

जल्द लागू होंगी नई सिफारिशें

सरकार का कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा फ्लोर वेज जारी किए जाने के बाद अब वेज बोर्ड का गठन अगले महीने किया जाएगा। इसके बाद बोर्ड की सिफारिशों के आधार पर प्रदेश में न्यूनतम मजदूरी की नई दरें तय की जाएंगी, जिससे लाखों श्रमिकों को सीधा लाभ मिलने की संभावना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *