मुंगेर में बीपीएससी परीक्षा से पहले प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक सॉल्वर गैंग के 21 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई में परीक्षा शुरू होने से पहले ही पूरे नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में 17 सॉल्वर गैंग के सदस्य और 4 एजेंट शामिल हैं। ये सभी परीक्षा केंद्रों पर प्रश्न पत्र लीक करने की योजना बना रहे थे। यह कार्रवाई मंगलवार को जिले के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर आयोजित बीपीएससी की परीक्षा से पहले की गई। प्रश्न पत्र लीक कराने की थी साजिश प्रशासन को परीक्षा से पहले सूचना मिली थी कि सॉल्वर गैंग के माध्यम से प्रश्न पत्र लीक कराने की साजिश रची जा रही है। सूचना मिलते ही प्रशासन अलर्ट हो गया और पहले इसकी पुष्टि की गई। इसके बाद मुंगेर, पटना और भागलपुर जिलों के अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर कुल 21 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इस पूरे मामले का खुलासा बुधवार को जिलाधिकारी निखिल धनराज और पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद एक संयुक्त प्रेस वार्ता में करेंगे। फिलहाल, पुलिस अधीक्षक ने कार्रवाई की पुष्टि की है और बताया है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे भी छापेमारी जारी है। एजेंट के माध्यम से युवक को किया था हायर प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सॉल्वर गैंग ने परीक्षा में गड़बड़ी करने के लिए सुनियोजित तरीके से योजना बनाई थी। गैंग के सदस्यों ने स्थानीय एजेंटों के माध्यम से ऐसे युवकों को हायर किया था, जिन्हें असली अभ्यर्थियों के स्थान पर परीक्षा केंद्रों पर भेजा जाना था। बायोमेट्रिक सिस्टम को भी धोखा देने की कोशिश की गई, ताकि सॉल्वर गैंग के सदस्य परीक्षार्थी बनकर परीक्षा में शामिल हो सकें। पुलिस के अनुसार, उनकी योजना यह थी कि जैसे ही प्रश्न पत्र वितरित होगा, सॉल्वर गैंग के सदस्य उसे हल कर एजेंटों के माध्यम से बाहर भेजेंगे और फिर तैयार उत्तर अभ्यर्थियों तक पहुंचाए जाएंगे। हालांकि, प्रशासन की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के कारण यह पूरी साजिश नाकाम हो गई। कार्रवाई की शुरुआत मुफस्सिल थाना क्षेत्र के भगत सिंह चौक निवासी सुजल कुमार की गिरफ्तारी से हुई। पूछताछ में उसने सॉल्वर गैंग से जुड़ाव की बात स्वीकार की और बताया कि वह मोटी रकम लेकर स्थानीय एजेंटों के जरिए युवकों की व्यवस्था करता था। एजेंट के रूप में काम कर रहे थे चारों इसके बाद पुलिस ने भागलपुर के कहलगांव निवासी प्रशांत कुमार, पटना निवासी समीर कुमार और धरहरा थाना क्षेत्र के बंगलवा निवासी प्रियांशू कुमार को भी गिरफ्तार किया। ये चारों एजेंट के रूप में काम कर रहे थे और अपने-अपने स्तर पर अभ्यर्थियों की व्यवस्था कर रहे थे।
इनकी निशानदेही पर पुलिस ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों से सॉल्वर गैंग के अन्य सदस्यों को भी पकड़ा, जो फर्जी परीक्षार्थी बनकर परीक्षा में बैठे हुए थे। हालांकि अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि किस केंद्र से कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसका विस्तृत खुलासा प्रेस वार्ता के दौरान किया जाएगा। महिला शिक्षिका को किया गया निलंबित
इधर, इस पूरे मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में एक परीक्षा केंद्र की केंद्राधीक्षक महिला शिक्षिका को तत्काल निलंबित कर दिया गया है। प्रशासन ने संकेत दिया है कि जांच के दौरान अन्य दोषियों पर भी कार्रवाई हो सकती है।
फिलहाल सदर डीएसपी अभिषेक आनंद के नेतृत्व में मुफस्सिल थानाध्यक्ष विपिन कुमार सिंह द्वारा मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और उनके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में लगातार छापेमारी जारी है।
मुंगेर प्रशासन की इस कार्रवाई से एक बार फिर यह साबित हुआ है कि परीक्षा में धांधली करने वाले गिरोह सक्रिय हैं, लेकिन समय रहते कार्रवाई कर ऐसी साजिशों को नाकाम किया जा सकता है। मुंगेर में बीपीएससी परीक्षा से पहले प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक सॉल्वर गैंग के 21 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई में परीक्षा शुरू होने से पहले ही पूरे नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में 17 सॉल्वर गैंग के सदस्य और 4 एजेंट शामिल हैं। ये सभी परीक्षा केंद्रों पर प्रश्न पत्र लीक करने की योजना बना रहे थे। यह कार्रवाई मंगलवार को जिले के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर आयोजित बीपीएससी की परीक्षा से पहले की गई। प्रश्न पत्र लीक कराने की थी साजिश प्रशासन को परीक्षा से पहले सूचना मिली थी कि सॉल्वर गैंग के माध्यम से प्रश्न पत्र लीक कराने की साजिश रची जा रही है। सूचना मिलते ही प्रशासन अलर्ट हो गया और पहले इसकी पुष्टि की गई। इसके बाद मुंगेर, पटना और भागलपुर जिलों के अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर कुल 21 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इस पूरे मामले का खुलासा बुधवार को जिलाधिकारी निखिल धनराज और पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद एक संयुक्त प्रेस वार्ता में करेंगे। फिलहाल, पुलिस अधीक्षक ने कार्रवाई की पुष्टि की है और बताया है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे भी छापेमारी जारी है। एजेंट के माध्यम से युवक को किया था हायर प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सॉल्वर गैंग ने परीक्षा में गड़बड़ी करने के लिए सुनियोजित तरीके से योजना बनाई थी। गैंग के सदस्यों ने स्थानीय एजेंटों के माध्यम से ऐसे युवकों को हायर किया था, जिन्हें असली अभ्यर्थियों के स्थान पर परीक्षा केंद्रों पर भेजा जाना था। बायोमेट्रिक सिस्टम को भी धोखा देने की कोशिश की गई, ताकि सॉल्वर गैंग के सदस्य परीक्षार्थी बनकर परीक्षा में शामिल हो सकें। पुलिस के अनुसार, उनकी योजना यह थी कि जैसे ही प्रश्न पत्र वितरित होगा, सॉल्वर गैंग के सदस्य उसे हल कर एजेंटों के माध्यम से बाहर भेजेंगे और फिर तैयार उत्तर अभ्यर्थियों तक पहुंचाए जाएंगे। हालांकि, प्रशासन की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के कारण यह पूरी साजिश नाकाम हो गई। कार्रवाई की शुरुआत मुफस्सिल थाना क्षेत्र के भगत सिंह चौक निवासी सुजल कुमार की गिरफ्तारी से हुई। पूछताछ में उसने सॉल्वर गैंग से जुड़ाव की बात स्वीकार की और बताया कि वह मोटी रकम लेकर स्थानीय एजेंटों के जरिए युवकों की व्यवस्था करता था। एजेंट के रूप में काम कर रहे थे चारों इसके बाद पुलिस ने भागलपुर के कहलगांव निवासी प्रशांत कुमार, पटना निवासी समीर कुमार और धरहरा थाना क्षेत्र के बंगलवा निवासी प्रियांशू कुमार को भी गिरफ्तार किया। ये चारों एजेंट के रूप में काम कर रहे थे और अपने-अपने स्तर पर अभ्यर्थियों की व्यवस्था कर रहे थे।
इनकी निशानदेही पर पुलिस ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों से सॉल्वर गैंग के अन्य सदस्यों को भी पकड़ा, जो फर्जी परीक्षार्थी बनकर परीक्षा में बैठे हुए थे। हालांकि अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि किस केंद्र से कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसका विस्तृत खुलासा प्रेस वार्ता के दौरान किया जाएगा। महिला शिक्षिका को किया गया निलंबित
इधर, इस पूरे मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में एक परीक्षा केंद्र की केंद्राधीक्षक महिला शिक्षिका को तत्काल निलंबित कर दिया गया है। प्रशासन ने संकेत दिया है कि जांच के दौरान अन्य दोषियों पर भी कार्रवाई हो सकती है।
फिलहाल सदर डीएसपी अभिषेक आनंद के नेतृत्व में मुफस्सिल थानाध्यक्ष विपिन कुमार सिंह द्वारा मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और उनके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में लगातार छापेमारी जारी है।
मुंगेर प्रशासन की इस कार्रवाई से एक बार फिर यह साबित हुआ है कि परीक्षा में धांधली करने वाले गिरोह सक्रिय हैं, लेकिन समय रहते कार्रवाई कर ऐसी साजिशों को नाकाम किया जा सकता है।


