छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती मनाई गई। इस अवसर पर सर्व अनुसूचित जाति-जनजाति संयुक्त मोर्चा के तत्वावधान में भव्य रैली निकाली गई, जिसने पूरे शहर का भ्रमण किया। मंगलवार को समाजजनों की ओर से अलग-अलग कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। शहर के अंबेडकर चौक स्थित बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद रैली शुरू हुई। इसमें बौद्ध समाज के साथ-साथ सतनामी समाज के लोग भी बड़ी संख्या में शामिल हुए। रैली में ‘जय भीम’ के नारे गूंजे और शामिल महिला-पुरुष उत्साह से थिरकते रहे। यह शोभायात्रा अंबेडकर चौक से प्रारंभ होकर रत्नाबांधा चौक, मकई चौक, गोल बाजार, सदर बाजार और रामबाग होते हुए दानीटोला स्थित अंबेडकर भवन पहुंची। रैली के दौरान विभिन्न स्थानों पर समाजसेवियों और संगठनों की ओर से भव्य स्वागत किया गया। भीमराव अंबेडकर के योगदान को किया याद अंबेडकर भवन में मंचीय और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अवसर पर समाज के लोगों ने डॉ. भीमराव अंबेडकर के योगदान को याद किया। समाज के लोगों ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर ने मानवता, समानता और एकता का संदेश देते हुए भारतीय संविधान का निर्माण किया, जो आज भी देश को एक मजबूत दिशा प्रदान करता है। सदस्य बोले- जयंती एक दिन तक सीमित नहीं रहनी चाहिए सर्व अनुसूचित जाति-जनजाति संयुक्त मोर्चा के सदस्यों ने बताया कि अंबेडकर जयंती केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उनके उद्देश्यों की पूर्ति तभी होगी जब समाज उनके नक्शे कदम और मार्गदर्शन पर चले। भारतीय संविधान का निर्माण 2 साल, 11 माह और 18 दिन में हुआ, जिसमें कई देशों के संविधानों का गहन अध्ययन किया गया। संविधान का मुख्य उद्देश्य बंधुत्व का अधिकार सुनिश्चित करना संविधान का मुख्य उद्देश्य पूरे भारत में मानवता, समानता और बंधुत्व का अधिकार सुनिश्चित करना है। संविधान में ही मजदूरों के लिए 8 घंटे के कार्यदिवस और महिलाओं को सभी क्षेत्रों में अवसर प्रदान करने जैसे प्रावधान लिखे गए हैं। भारत का कानून व्यवस्था इसी संविधान के आधार पर चलता है। प्रत्येक व्यक्ति को संविधान का अध्ययन करना चाहिए, जिससे एक विकसित भारत की कल्पना साकार हो सके। जयंती 200 से अधिक देशों में मनाई जा रही संयुक्त मोर्चा के सदस्यों ने बताया कि भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती मनाई गई। बाबासाहेब अंबेडकर को नमन करने का यह एक महत्वपूर्ण अवसर है, जिसे एक मंच पर आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि यह परंपरा लगातार जारी है। आगे बताया गया कि बाबासाहेब अंबेडकर की जयंती 200 से अधिक देशों में मनाई जा रही है, और उसी कड़ी में धमतरी में भी इसका आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि बाबासाहेब अंबेडकर के आदर्शों के अनुरूप समाज का निर्माण करने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को भारतीय संविधान के अनुसार कार्य करने की आवश्यकता है, ताकि हम संवैधानिक मूल्यों को प्राप्त कर सकें।


