Asha Bhosle And Lata Mangeshkar Brother: भारतीय संगीत की दो सबसे बड़ी सिंगर, लता मंगेशकर और आशा भोसले, अब हमारे बीच नहीं रहीं। दोनों बहनों की उम्र में जो अंतर था वहीं अंतर उनके निधन में भी देखने को मिला। लता मंगेशकर का निधन 2022 में हुआ था और आशा भोसले ने भी इसी 12 अप्रैल 2026 में आखिरी सांस ली। दोनों दिग्गज हस्तियां अपने पीछे अटूट संपत्ति छोड़कर गई हैं। अब इसी बीच दोनों बहनों के जाने के बाद उनके भाई और संगीतकार हृदयनाथ मंगेशकर ने एक बड़ा ऐलान किया है। जिसे सुनकर लोग हैरान हो रहे हैं और खुशी भी मना रहे हैं। उन्होंने पुणे के पास एशिया का सबसे बड़ा अस्पताल बनाने का संकल्प लिया है।
लता मंगेशकर-आशा भोसले के भाई का फैसला (Asha Bhosle And Lata Mangeshkar Brother)
हृदयनाथ मंगेशकर ने एक भावुक बातचीत में बताया कि गरीबों की सेवा के लिए एक अत्याधुनिक अस्पताल बनाने का सपना उनकी मां और बड़ी बहन लता मंगेशकर ने सालों पहले देखा था। उन्होंने शेयर किया, “करीब 25 साल पहले भी हमने और कुछ डॉक्टरों ने मिलकर इस अस्पताल को बनाने की कोशिश की थी, लेकिन उस वक्त परिस्थितियां ऐसी बनीं कि यह काम पूरा नहीं हो सका।” लता दीदी हमेशा चाहती थीं कि एक ऐसा संस्थान हो जहां पैसों की कमी की वजह से किसी का इलाज न रुके।

16 अप्रैल को होना था उद्घाटन (Asha Bhosle And Lata Mangeshkar Hospital)
पंडित हृदयनाथ मंगेशकर के मुताबिक, अस्पताल की तैयारियां पूरी हो चुकी थीं और इसका उद्घाटन (मुहूर्त) इसी महीने की 16 तारीख को तय किया गया था। शुरुआत में यह अस्पताल केवल लता मंगेशकर जी के नाम पर समर्पित होना था। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। उद्घाटन से महज कुछ दिन पहले आशा भोसले जी का भी निधन हो गया। इस दुखद मोड़ के बाद परिवार ने एक बड़ा फैसला लिया। अब यह अस्पताल केवल लता जी के नाम पर नहीं, बल्कि ‘लता मंगेशकर और आशा मंगेशकर’ दोनों बहनों के नाम पर होगा।
एशिया का सबसे बड़ा चिकित्सा केंद्र बनाने का लक्ष्य (Asha Bhosle- Lata Mangeshkar Brother Announces Asia Biggest Hospital)
समाचार एजेंसी IANS से बात करते हुए हृदयनाथ जी ने कहा, “हमारी कोशिश है कि यह अस्पताल न केवल भारत बल्कि पूरे एशिया का सबसे बड़ा और आधुनिक चिकित्सा केंद्र बने। दीदी के गुजरने के बाद हमें लगा कि उनकी सोच को हकीकत में बदलना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी।” यह अस्पताल पुणे में बनाया जा रहा है, जहां मंगेशकर परिवार की जड़ें जुड़ी हुई हैं।

कैसा होगा ये हॉस्पिटल?
यह अस्पताल न केवल स्वास्थ्य सुविधाओं के मामले में मील का पत्थर साबित होगा, बल्कि यह एक भाई का अपनी उन दो बहनों के प्रति सम्मान भी है जिन्होंने अपनी आवाज से पूरी दुनिया को सुकून दिया। जिस तरह लता और आशा जी की आवाज ने लोगों के दिलों को जोड़ा, अब उनके नाम से बनने वाला यह अस्पताल बीमार और जरूरतमंदों के तन को स्वस्थ करने का काम करेगा। संगीत के इन दो रत्नों की विरासत अब मानवता की सेवा के जरिए युगों-युगों तक अमर रहेगी।


