Most Qualified Person in India: शिक्षा के क्षेत्र में भारत ने हमेशा से ही दुनिया को अचंभित किया है। हाल ही राजस्थान (झुंझुनूं) के 55 वर्षीय पूर्व सैनिक दशरथ सिंह ने कुल 138 डिग्री अपने नाम करके सभी को हैरान कर दिया। ऐसे में आज हम आपको देश के ऐसे दिग्गजों के बारे में बताएगें जिनकी डिग्रियों की फेहरिस्त किसी महाकाव्य से कम नहीं है। डॉ. श्रीकांत जिचकर से लेकर डॉ. अंबेडकर तक, जानिए इनके पास कौन-कौन सी डिग्रियां थीं।
डॉ. श्रीकांत जिचकर
महाराष्ट्र के डॉ. श्रीकांत जिचकर को आधिकारिक तौर पर भारत का मोस्ट क्वालिफाइड व्यक्ति माना गया है। एक किसान परिवार में जन्मे डॉ. श्रीकांत जिचकर का नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज है। 2 जून 2004 को एक कार दुर्घटना में उनका निधन हो गया था, लेकिन उनकी शैक्षणिक उपलब्धियां आज भी युवाओं के लिए मिसाल हैं।
- अतुलनीय रिकॉर्ड: 1973 से 1990 के बीच उन्होंने 42 विश्वविद्यालय परीक्षाओं में भाग लिया और 20 डिग्रियां हासिल कीं। इनमें से अधिकांश परीक्षाओं में वे प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुए और कई गोल्ड मेडल जीते।
- डॉक्टर और अफसर: वे केवल पीएचडी के कारण नहीं, बल्कि एमबीबीएस और एमडी (MD) करने की वजह से डॉक्टर कहलाते थे। इसके अलावा उन्होंने पत्रकारिता, एमबीए, बिजनेस स्टडीज और अंतरराष्ट्रीय कानून में भी उच्च शिक्षा हासिल की थी।
- प्रशासनिक सफलता: उनकी प्रतिभा का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वे 1978 में आईपीएस (IPS) और 1980 में आईएएस (IAS) के लिए चुने गए थे।
प्रोफेसर वी.एन. पार्थिबन
चेन्नई के प्रोफेसर वी.एन. पार्थिबन की कहानी तो और भी हैरान कर देने वाली है। उनका विजिटिंग कार्ड किसी छोटी किताब जैसा नजर आता है क्योंकि उनके पास लगभग 150 डिग्रियां हैं। प्रोफेसर पार्थिबन अपनी पहली डिग्री मुश्किल से पास कर पाए थे, जिसके बाद उन्होंने अपनी मां से वादा किया कि वो अब लगातार पढ़ते रहेंगे और हर डिग्री हासिल करेंगे।
- पढ़ाई का जुनून: प्रोफेसर पार्थिबन चेन्नई के कई कॉलेजों में 100 से अधिक विषय पढ़ाते हैं। वे कहते हैं कि उन्हें पढ़ाई करना बहुत पसंद है और यह उनके लिए बिल्कुल भी कठिन नहीं है।
- डिग्रियों की सूची: उनकी लंबी लिस्ट में 12 रिसर्च डिग्री (M.Phil), 8 मास्टर ऑफ लॉ (ML), 10 एमए, 8 एमकॉम, 3 एमएससी और 9 एमबीए डिग्रियां शामिल हैं।
- गणित का खौफ: इतनी डिग्रियां होने के बाद भी प्रोफेसर पार्थिबन को मैथमेटिक्स फोबिया है। यानी उन्हें गणित के सवालों से आज भी डर लगता है।
बाबासाहेब डॉ. बी.आर. अंबेडकर
संविधान निर्माता बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की विद्वता का लोहा पूरी दुनिया मानती है। उनके पास 32 डिग्रियां थीं और उन्हें 9 भाषाओं का पूरा ज्ञान था। उन्होंने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से डॉक्टर ऑफ ऑल साइंस जैसी डिग्री हासिल की थी। उन्होंने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में सिर्फ 2 साल 3 महीने में 8 साल की पढ़ाई पूरी की साथ ही लगभग 21 वर्षों तक दुनिया के सभी धर्मों का तुलनात्मक तरीके से अध्ययन किया।
- दुर्लभ उपाधि: वे दुनिया के इकलौते ऐसे व्यक्ति थे जिन्होंने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से डॉक्टर ऑफ ऑल साइंस जैसी प्रतिष्ठित उपाधि हासिल की।
- वैश्विक शिक्षा: उन्होंने कोलंबिया विश्वविद्यालय (अमेरिका) और लंदन यूनिवर्सिटी से डॉक्टरेट की। उनके पास कुल 32 डिग्रियां थीं।
- भाषाओं पर पकड़: उन्हें हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, मराठी, गुजराती, जर्मन, फारसी, फ्रेंच और पाली सहित 9 भाषाओं का पूरा ज्ञान था।
दशरथ सिंह शेखावत
राजस्थान के झुंझुनूं के रहने वाले पूर्व सैनिक दशरथ सिंह वर्तमान में चर्चा का केंद्र हैं। एक पूर्व सैनिक होने के बावजूद उनका शिक्षा के प्रति लगाव अद्भुत है। रिटायरमेंट के बाद भी दशरथ सिंह ने पढ़ाई जारी रखी और अब वे आर्मी की सप्त शक्ति कमान में कानूनी सलाहकार (Legal Advisor) के तौर पर काम कर रहे हैं। वह शिक्षा के क्षेत्र में 11 विश्व रिकॉर्ड बना चुके हैं।
- वर्तमान भूमिका: वे अब सेना की सप्त शक्ति कमान में कानूनी सलाहकार हैं, जहां वे अपनी शिक्षा का उपयोग सैनिकों की मदद के लिए कर रहे हैं।
- सेना से सफर: दशरथ 1988 में सेना में भर्ती हुए और 2004 में रिटायर हुए। उन्होंने अपनी छुट्टियों का उपयोग पढ़ाई के लिए किया।
- डिग्रियों का रिकॉर्ड: उनके पास वर्तमान में 138 डिग्रियां और प्रमाण पत्र हैं। इसमें 3 पीएचडी, 46 मास्टर डिग्री और 23 डिप्लोमा शामिल हैं।


