एमपी में एक और सार्वजनिक अवकाश घोषित, बैंकों की भी रहेगी छुट्टी, जारी किए आदेश

एमपी में एक और सार्वजनिक अवकाश घोषित, बैंकों की भी रहेगी छुट्टी, जारी किए आदेश

Holiday- एमपी में एक और सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है। 14 अप्रेल को डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के अवसर पर राज्य में अवकाश रहेगा। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। खास बात यह है कि मंगलवार को बैंकों की भी छुट्टी रहेगी। अब 14 अप्रेल को सार्वजनिक क्षेत्र के सभी बैंक, बीमा कंपनियां, वित्तीय संस्थान एवं क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकोंं में भी अवकाश रहेगा। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग द्वारा जारी आदेश को वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग ने सभी सार्वजनिक क्षेत्र के वित्तीय संस्थानों पर भी लागू करने का निर्णय लिया है।

मध्यप्रदेश के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार 14 अप्रैल 2026 मंगलवार को पूरे प्रदेश में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है। यह अवकाश डॉ. बीआर अम्बेडकर जयंती के उपलक्ष्य में दिया गया है। राज्य सरकार ने यह निर्णय भारत सरकार के निर्देशों के तहत मिली शक्तियों का प्रयोग करते हुए लिया है। इस आदेश के तहत राज्य के सभी सरकारी कार्यालय, संस्थान और शैक्षणिक केंद्रों में आज अवकाश रहेगा।

डॉ. आंबेडकर जयंती पर महू में विशेष तैयारी:

संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती पर इस बार उनकी जन्मभूमि महू में इतिहास को सजीव करने की अनूठी तैयारी की जा रही है। आज यहां विशाल समागम आयोजित किया गया है जिसमें सीएम डॉ. मोहन यादव शामिल होंगे। सरकार ने जयंती उत्सव में आने वाले श्रद्धालुओं की खातिरदारी के खास प्रबंध किए हैं। इसमें आवास, भोजन, पेयजल आदि की विशेष व्यवस्था शामिल है। कार्यक्रम में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी व अन्य नेता भी शामिल होंगे।

आधी रात गार्ड ऑफ ऑनर व आतिशबाजी..
बाबा साहब की जयंती पर जन्म स्थली महू में देशभर से हजारों अनुयायियों के पहुंचने का सिलसिला सोमवार से शुरू हो गया। देर रात 12 बजे संविधान निर्माता को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और जोरदार आतिशबाजी से पूरा परिसर जगमगा उठा। रात में जन्मस्थली परिसर में भीम गीतों से अनुयायी भावविभोर नजर आए।

स्मृतियों को संजोकर रखा

बाबा साहब जन्मस्मारक परिसर में उस दौर के सैन्य बैरक का पुनर्निर्माण किया जाएगा। इसमें 1890 के दशक की झलक दिखेगी। आंबेडकर सोसायटी के सचिव राजेश वानखेड़े के अनुसार, यह अनुयायियों की जिज्ञासा को ध्यान में रखते तैयार की जा रही है। वहीं चंद्रोदय वाचनालय में वह कुर्सी भी सुरक्षित है जिस पर वे अपने अंतिम महू प्रवास के दौरान बैठे थे। अनुयायी इस कुर्सी का पूजन करते हैं और श्रद्धा के साथ नमन करते हैं।

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